वियोग

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* योग रहे प्रभु से सदा, होय न कभी वियोग।छूटा प्रभु का साथ तो, मिटे न भव के रोग॥ साजन गए विदेश में, चला गया मन साथ।कैसे सहूं वियोग मैं, केवल तन ही हाथ॥ सखि साजन आए नहीं, कब तक देखूं राह।इस वियोग की पीर में, और मिटी सब चाह॥ निशि … Read more

कृपा सिंधु मेरे राम

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ जग के पालनहार,लियो जन्म अयोध्या मेंदीनदयाल हमारे,कृपा सिंधु मेरे राम। ख़ुशी अयोध्या में छाई,घर-घर दीप जलाएहमारे दीनानाथ आए,कृपा सिंधु मेरे राम। कौशल्या के आँगन में,लियो जन्म रामराजा राम जग कल्याणहमारे कृपा सिंधु मेरे राम। सुंदर छवि कोमल है राम की,ठुमक-ठुमक चलते हैं रामबजती है पैंजनिया,कृपा सिंधु मेरे राम। दर्शन करने … Read more

लड़ो निज से

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)******************************************* क्यों बैठा उदासी में, बता किससे रार ठाने हो,ठाने हो स्वयं से बैर ऐसे हार माने होमाने हो अगर तो जीत जाओगे लड़ो निज से,निज से जीतने जो भूल दु:ख की बात ताने हो। ताने दर्द चादर फट चुकी गम से बेगाने हो,गाने हैं खुशी के गीत मन की बात जाने होजाने … Read more

मिली ज़िंदगी उम्रभर…

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* मिली ज़िंदगी उम्रभर का सफर हो,डगर बिन मिले एक मंज़िल सभी कोचली जा रही साॅंस-धड़कन रहे तो,ख़बर हो न अगले समय की किसी को। लगे ये सफ़र एक अंधा सफर है,न पहचान अन्जान-सी हर डगर हैअकेला मुसाफिर नहीं चल सके पर,बिना हमसफर के बनी रहगुजर हैकभी दिख सकी है न … Read more

प्रश्न विकराल है…

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)****************************** ‘चिपको आंदोलन स्मृति’ विशेष… आज भी अंधाधुंध कटते वृक्षों को देख,मुझे सहसा याद हो आयी है रैणी गाँव कीउस गौरादेवी की, जिसने आज ही के दिनअपने जैसी कई अनपढ औरतोंको लेकर चला दिया था ‘चिपको आंदोलन’,अपनी जान की परवाह किए बगैरचिपक गई थी वृक्षों से सैकड़ों सैकड़ों औरतेंशायद वृक्ष क्या है … Read more

झंझावात जीवन में

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** जब वायुमंडल में प्रचंड रूप से,आंधी और तूफान आता हैयही मौसम,‘झंझावात’ कहलाता है। चमकती है आकाश में बिजली,और ओले भी बरसते हैंचारों तरफ होता है पानी-पानी,बादल भी गरजते हैं। जब जब झंझावात आता है,मुल्क में बर्बादी आती हैऔर हमारे जीवन को,अस्त-व्यस्त कर जाती है। जब हम प्राकृतिक साधनों,का दुरुपयोग … Read more

संघर्ष कर रहा हूँ

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ****************************************** मैं संघर्ष कर रहा हूँ,भले जोर से न सहीस्वतः धीरे-धीरे ही,आगे मैं बढ़ रहा हूँ। चिंतन को बना साथी,मंथन का चढ़ हाथीमैं संघर्ष कर रहा हूँ,आगे मैं बढ़ रहा हूँ। काँटों में भी रूका नहीं,कठिन समय में झुका नहींसदा आगे बढ़ रहा हूँ,मैं संघर्ष कर रहा हूँ। असफलता से बात … Read more

व्यर्थ नहीं जाती आशा

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* लोगों ने लाख था समझाया,अनजान थी।अपनी धुन में रही मगन,मेरी न कोई,जान-पहचान थी। सूखी धरा पर बो दिए थे,नेह के बीज!क्या प्रस्फुटित होंगे ?ये सोच-सोच परेशान थी। बस…बोने में ही रही सतत रत,धैर्य सहितबिना कामना, सोच-विचार,भूल गई…यादों की खाद, अश्रु के जल सेकैसे होंगे अंकुरित ? रोज सींचती,करती रही इंतजार, इंतजार…ये क्या … Read more

अक्षर ही परब्रह्म

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अक्षर-अक्षर से बने, शब्द अर्थ संसार।प्रकटित अन्तर्भाव स्वर, सदाचार व्यवहार॥ अक्षर नित जीवन प्रथम, चतुर्वेद आलोक।शब्द अर्थ अभिव्यंजना, मिले कीर्ति हर शोक॥ नभ प्रभात अरुणिम किरण, नव जीवन संचार।दैनन्दिन अक्षर पथी, चले कर्म आचार॥ उलझन शब्द प्रयोग में, धीर-वीर पहचान।संबल साहस प्रेमरस, अक्षर ध्वनि विज्ञान॥ मानसून बदले प्रकृति, अक्षर … Read more

सदा करो सम्मान

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** दया ग़रीबों पर करो, नहीं करो अपमान,करो सहायता उनकी, और करो सम्मान। और करो सम्मान, सदा तुम सुखी रहोगे,मिले सदा आशीष, नहीं तुम दुखी रहोगे। पर उपकार सुखकर, सदा ध्यान तुम यह रखो,किसको है ज़रूरत, समझो ग़रीबी परखो॥