वियोग
डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* योग रहे प्रभु से सदा, होय न कभी वियोग।छूटा प्रभु का साथ तो, मिटे न भव के रोग॥ साजन गए विदेश में, चला गया मन साथ।कैसे सहूं वियोग मैं, केवल तन ही हाथ॥ सखि साजन आए नहीं, कब तक देखूं राह।इस वियोग की पीर में, और मिटी सब चाह॥ निशि … Read more