कौन देखता आइना यहाँ पर ?

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ जनभाषा में न्याय… हर कोई दोस्ती करना चाहता है,हर कोई दिवानगी में आगे आना चाहता है। फोन में तरह तरह के एप हैं, खिल जाते हैं मन यहाँ,फोन फ्रेंड बनते हैं, फिर फोन से खत्म भी हो जाते हैं। कौन देखता आइना यहाँ पर,अब तो खूबबसूरत-सी परी देखते हैं यहाँ। टूट कर … Read more

भारत की शान, भारत की पहचान

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* भारत की शान,भारत की पहचान-मृदुल, मृदुल व्यवहार,व्यक्ति-व्यक्ति की मददगारहर अतिथि का स्वागत,मधुर-मधुर मुस्कान लिएदोनों कर जोड़कर,मुस्कान लिए होंठों परमीठी-मीठी बोली,शहद घोलकर-नमस्कार, नमस्कार। यही भारत की शान,यही भारत की पहचान…। कोई दुश्मन भी अगर,आ जाए भारत की शरणसरलता से, प्रेम सहित,सही-सही समझाकरउसकी विवेक को जागृत कर दे,मधुर-मधुर मुस्कान लिए,दोस्ती का हाथ बढ़ाए। … Read more

हे जगत जननी

शीला बड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )*********************************************** हे, जगत जननी!चंद्रघंटा, माँ कुष्मांडा,जगत की पालनहारीसंसार में तेरा ही बाजे डंका। हे अम्बे!, हे दुर्गे!जपे है नाम तुम्हारा,चारों ओर फैले, पापियों कानाश कर, तुमने संहारा। हे माँ, कालरात्रि, चामुंडा!चंड-मुंड संहारने वाली,निर्बलों की रक्षक, राक्षसों की भक्षकसिंह पे बैठ, हुंकार भरो। हे माँ, नवदुर्गे!अवगुण का नाश करो,नवघट स्थापना से,प्रकृति में … Read more

चीं-चीं, चीं-चीं चहचहाती

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** ‘विश्व गौरैया दिवस’ विशेष…. गौरैया रानी, गौरेया रानी,चुगती दाना, पीती पानी। पास आना, पास आना,नानी सुनाती एक कहानी। चुन्नी देख खुश हो जाती,ताबड़तोड़ ताली बजाती। चीं-चीं, चीं-चीं चहचहाती,फुदक-फुदक उड़ती जाती। सबका दिल वो जीत जाती,जब बच्चों संग फड़फड़ाती। बूढ़े-बच्चों का वो आकर्षण,उसके बिना होता सूनापन। आजकल लुप्त होती जाती,काश! वह फिर से … Read more

दिया कृष्ण ने ज्ञान

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* दिया कृष्ण ने ज्ञान, सुनाई रण में गीता।बदला था अब पार्थ, हुई अब बुद्धि पुनीता॥दूर हो गया मोह, शोक भी नहीं रहा था।मन में था उल्लास, हृदय में प्रेम बहा था॥ बदला था रण क्षेत्र, डरी दुश्मन की सेना।लड़ें परस्पर वीर, नहीं था लेना देना॥केशव के सब हाथ, कर्म था सब … Read more

हे! प्यारी चिरैया

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** ‘विश्व गौरैया दिवस’ विशेष… सुबह-सवेरे चहके पंछी,घर-घर चहके जागे पंछी। नन्हीं गौरया छत पर आई,भोली चिड़िया चीं-चीं लाई। हिय उल्लासित उड़ उड़ जाऊँ,सोन-चिरैया तखती जाऊँ। चहकी दिनभर मस्त चिरैया,सहेज नीड़, तृण-तृण चिरैया। झटपट अम्मा नीर ले लाई,मुट्ठी भर बाजरा फैलाई। आओ प्यारी चिड़िया आओ,चुन-चुन दाना चुगने आओ। फुदक-फुदक कर मन … Read more

खिड़की पर ठहरी धूप

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* नित ही, खिड़की पर ठहरी धूप बात करती है,खिड़की पर ठहरी धूप से सौगात झरती है। खिड़की पर ठहरी धूप मुहब्बत को समेटे है,खिड़की पर ठहरी धूप भावनाओं को लपेटे हैखिड़की पर ठहरी धूप हर पीर को हरती है,खिड़की पर ठहरी धूप से सौगात झरती है…। खिड़की पर ठहरी धूप अहसासों … Read more

कहाँ गई तुम

डॉ. कुमारी कुन्दनपटना(बिहार)****************************** प्यारी गौरैया, हाय कहाँ गई ?मुझे याद बहुत तुम आती होतेरे बिना सूना मेरा आँगन,मेरे दिल को बहुत सताती हो। भोर हुए तेरा मुंडेर पर चढ़ना,चीं-चीं,चीं-चीं कलरव करनासुबह हुई ,ये सोचकर मेरा,अधखुले नयनों से तकना। कभी सैर गगन की करना,फिर किचन में शोर मचानाआपस में तेरा लड़ते-लड़ते,मेरे सिर से आकर टकराना। जब … Read more

अमर बलिदानी…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ ‘शहीद दिवस विशेष’ (२३ मार्च)…. अमर वह ‘देश’ पर हुए,नाम आज भी है उनकायुवाओं के ‘प्रेरणास्रोत’ हैं,वीर शहीद, अमर बलिदानी…। उनके ‘प्राणों’ की आहूति,हमारी ‘आजादी’ की शान हैदेश पर मर मिटे थे वह अभिलाषी,वह ‘वतन के रखवाले’, अमर बलिदानी…। राजगुरु, सुखदेव व भगतसिंह अमर है,भारत-माता की आन-बान और शानउन्हें देश … Read more

लुभा रहा स्वरूप

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** लुभा रहा स्वरूप, दिव्य रूप मैं निहारती,तुम्हें करूँ प्रणाम, हाथ जोड़ मात भारती। कलुष हृदय में राज करे, आप दूर कीजिए,दरिद्र दीन-हीन हूँ, दया का दान दीजिएआप हो दयालु दीन, कष्ट सारे काटतीं,तुम्हें करूँ प्रणाम, हाथ जोड़ मात भारती। सरस्वती कृपा सदैव, आप ऐसी कीजिए,दिव्य ज्ञान, छंद, वर्ण, शब्द, भाव दीजिएलिखूँ समाज … Read more