दिया सुलभ शिक्षा ज्ञान

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )****************************************************** ‘महामना’ मदन मोहन मालवीय जन्मदिन (२५ दिसम्बर) विशेष…. ‘महामना’ थे महात्मा, व्यक्तित्व बड़े महान,देश-समाज ने उपाधि कर दी उन्हें प्रदानगरीब, दलित, पिछड़ों को दिया उन्होंने सम्मान,मध्यम वर्ग गरीब को दिया सुलभ शिक्षा का ज्ञान। समाज सेवा, समर्पण, नेतृत्व से पाया काँग्रेस में भी मान,कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष चार दफा … Read more

अंतर्मन के दीप जलाओ

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अंतर्मन के दीप जलाओ, छिपा जहाँ प्रभु-धाम,आत्मा सो परमात्मा है, तज दो सब अभिमान। कण-कण में वह विराजे, धड़कन उसकी श्वांस।मौन प्रार्थना बन जाती, जब मन हो निष्प्रपंच विलास। अंतर के शिवलिंग में बसकर, करता तुमसे बात,सुनना तो तुम सीखो, उसमें है सौगात। आत्मा की ज्योति उजाले, अज्ञान के … Read more

बना रही पहचान ‘गाँव की बेटियाँ’

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ अपनी अलग पहचान बना रही है गाँव की बेटियाँ,विषैली हवाओं से अनजान गाँव की बेटियाँहर कदम फूंक-फूंक कर रखती है गाँव की बेटियाँ। बना रही है अलग पहचान गाँव की बेटियाँ,खुद पर है विश्वास माँ-बाप का है स्वाभिमानओढ़नी और घुंघरू से हो रही है आजाद गाँव की बेटियाँ। भोली-भाली दुनिया से अनजान … Read more

ये प्यारा मौसम

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* दिसम्बर का महीना आया,संग में देखो क्या-क्या लाया। कांप रहे सब सर्दी में,लिपटे हैं ऊनी वर्दी में। ठंड का बढ़ गया कहर,चल रही है शीतलहर। स्वेटर, टोपी, मोजे, मफलर,बन गए हैं हमसफर। चलने लगी जब पुरवाई,निकाले सबने कम्बल-रजाई। दुबक गए सब बिस्तर पर,देर से सूरज पड़े दिखाई। कभी छाए घना कोहरा,कभी ओस … Read more

प्रकृति के उपहार

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** धरती नदियाँ और पहाड़देते हमको निशदिन ज्ञान,सहनशीलता धरती जैसीअडिग रहो पर्वत के जैसे,नदियों सी तुम बना के राहचलो सोच कर जहाँ हो चाह। वृक्ष सिखाते ले लो ज्ञानसदा नम्र हो तव व्यवहार,बिन माँगे तुम देना सीखोमधुर-मधुर वाणी उच्चार,खिल-खिल कर फूल ये कहतेहँस कर सह लो शूल का वार। दिनकर की देखो तुम … Read more

‘विजय दिवस’ है अद्भुत गाथा

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )****************************************************** १६ दिसंबर ‘विजय दिवस’ है शौर्य की अद्भुत गाथा,१९७१ भारतीय युद्ध ने तोड़ा पाकिस्तानी सेना का माथाभारत की ऐतिहासिक जीत से हुई पाक की खोपड़ी बाथा,बंगलादेश आज़ाद करा कर तोड़ दी सब बाधा। कड़ी टक्कर, युद्ध, जंग में भारत ने पाक को नाधा,पाकिस्तानी जनरल नियाजी ने आत्म समर्पण साधा१३ … Read more

अरी यामिनी…मानी गलती

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अरी यामिनी मानी गलती, छोड़ प्रीत मन राग प्रिये,देखो सुरभित मना रही है, रजनीगंधा गुलज़ार प्रिये। मेरी चाँदनी हर आँगन में, तेरा ही नाम लिखे है,नील गगन की हर धड़कन में, तेरा संदेश छिपे है। मैंने तो हर तारा तोड़कर, तेरी सेज सजाई है,ओस-कणों की शीतल हँसी, पलकों पर … Read more

ऋणी भारत वासी सदा सर्वदा

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** शूरवीर भारतीय सेना (विजय दिवस विशेष)…. नमन करते हैं आओ उन्हें,मातृभूमि लिए सहज, मर मिटेऋणी हम, सदा सर्वदा; धरा धन्य,पावन दिवस, शूरवीर धन्य। क्या खोया क्या पाया यहाँ,आज मिला, सब हमें यहाँअमर, शत्-शत् नमन करते हुए,विजय कहलाई, शहीद हुए। न परवाह किए अपनी वे,न परवाह किए अपनों की वेदेश की … Read more

ऐ भारत के वीर सपूत

डॉ. विद्या ‘सौम्य’प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)************************************************ शूरवीर भारतीय सेना (विजय दिवस विशेष)… नमन है अश्रुपूरित नयनों से, ऐ भारत के शूरवीर,तेरी अमर शहादत पर, रोता अम्बर, नदियों का नीर। आज ‘विजय दिवस’ की बेला में, धरती भी हर्षाई है,शौर्य-सूर्य की किरणें देखो, हर दिशा में छाई हैंतूने लहू से सींची माटी, जो चंदन-सा महक रहा है,तेरे … Read more

बचपन के खिलौने

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* खिलौने होते हैं अनमोल,लंबे-लंबे गोल मटोल। टम-टम गाड़ी सरपट दौड़े,ऊँची छलाँग लगाये घोड़े। मिट्टी के ये पीले शेर,आ जाये तो नहीं है खैर। साइकिल, कार, ऑटो चलता,जिसमें सबका सपना पलता। रंग-बिरंगी सुंदर क्रेन,मुन्ना खेले, नहीं है चैन। प्यारी-प्यारी सुंदर गुड़िया,उड़ने की कोशिश में चिड़िया। ढोल बजाए मोटा सेठ,गाना गाये … Read more