द्रुपदसुता स्वयंवर

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** द्रुपदसुता के स्वयंवर के लिए शर्त रखी थी एक,जल में बिम्ब देख शर से मछली की आँख दे भेदउसी वीर से मैं अपनी पुत्री का विवाह करूँगा,और द्रोण से फिर अपने अपमान का बदला लूँगा। मछली की परछाईं देख कर, किया आँख का भेदन,ब्राह्मण वेश में आया था वो, नाम था उसका … Read more

धर्म-कर्म के पथ चलूं, दो वरदान

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* ‘हनुमान जयंती’ विशेष… राम नाम रटते सदा, हनुमत वीर महान।रक्षा करते भक्त की , विघ्न हरण हनुमान॥ बाल्यकाल में ले लिया, मुख में अपने भान।चारो दिस तम छा गया, घमासान दिनमान ॥ राम सिया हिय में बसे, राम नाम पहचान।बूटी लाय बचा लिए, दसरत सुत के प्राण॥ संकट मोचन ही सदा, कहलाते … Read more

दौर क्रूरता से भरा, कोई रोक ले

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* सभी चाहते हैं अमन, पर है वह तो दूर।होता ही अब जा रहा, इंसां तो मजबूर॥ शांति नहीं अब मिल सके, हुआ क्रूर इंसान।अहंकार से है भरा, पाले झूठी शान॥ सृजन आज युग का करो, दो युग को सौगात।वरना होना तय समझ, असमय में ही रात॥ जो होता सज्जन पुरुष, करता … Read more

धर्म-सुपथ पर बढ़ चले

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अन्यायों के सामने, जब उठती हुंकार।धर्म-सुपथ पर बढ़ चले, वीरों की यलगार॥ मन की सच्ची भावना, प्रेम सजे श्रृंगार।अल्प प्रेम भी जो दिया, बन जाता उपहार॥ नीति सिखाना ज़िंदगी, धैर्य धरें हर बार।ठोकर भी सिखला रही, बनती जीवन धार॥ अंतर के सब द्वेष को, प्रेम जला दे आज।घृणा मिटाना … Read more

जुनून और बलिदान

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* साहस, जुनून और बलिदान इंकलाब बना,देश की आज़ादी का तूफ़ानी सैलाब बनादेश में छा गया मौसम-ए-आज़ादी,ब्रिटानिया हुक़ूमत की हार,एक बदलाव बना। भारत माँ का लाल हूँ, दे सकता मैं जान,गाता हूँ मन-प्राण से, मैं इसका यशगानआर्यभूमि जगमग धरा, बाँट रही उजियार,इसकी गरिमा, शान पर, मैं हर पल क़ुर्बान। भगतसिंह, आज़ाद का, … Read more

मारुत-नंदन

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** ‘हनुमान जयंती’ विशेष… मारुत नंदन आपको, वंदन शीश नवाय।सदा साथ मेरे रहें, कहिए सरल उपाय॥ भक्ति करूँ मैं केहि विधि , कैसे उतरूँ पार।राम सहायक आपके, करते हैं उपकार॥ मैं आई हूँ द्वार पर, रखिए मेरी लाज।जो कुछ मेरे पास है, अर्पित करती आज॥ तन, मन, धन से है सदा, वंदन बारम्बार।आज … Read more

हनुमते नम:

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** ‘हनुमान जयंती’ विशेष…. जय-जय वीर बजरंग बली का नारा है,संकट मोचन हनुमान हम सबका सहारा है। भूत-प्रेत रोग, शोक, दोष सब दूर भगाए,जो भी भक्त उन्हें जब दिल से बुलाए। पवनपुत्र हनुमान संकटमोचन नाम जिनका,श्रीराम-श्रीराम मन ही मन जपते वो इतना। संकट में लड़ने को साहस है तब मिलता,कोई भी भक्त जब … Read more

प्रभु प्रेम

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** न तू सुख की बात कर, न तू दुःख की बात कर,नाम प्रभु का ले के, बस तू दिन से रात कर। किसी की निंदा, कटु वचन से मुक्ति तेरी रुक जाएगी,क्षमा सभी को कर तू अपनी भक्त जात कर। भजन ना हो पाए जो तुझसे भोजन, संग तेरा … Read more

हनुमान सुनो विनती

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ******************************************** ‘हनुमान जयंती’ विशेष… रचनाशिल्प:भगण × ७+२२ हे हनुमान सुनो विनती अब, मारुति आपद दूर भगाओ।देव तुम्ही कलिकाल विराजत, उन्नति की सद राह दिखाओ॥राघव भक्त कृपा करना अब, हे प्रभु राम सुशासन लाओ।राम भजें सब काम तजें यह, नाम जपें हिय राम बिठाओ॥ मारुतिनंदन संकटमोचन, भक्त सभी करते हम सेवा।हे बजरंगबली हमको … Read more

श्री रामदूत हनुमान

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** ‘हनुमान जयंती’ विशेष… कलयुग में भी सदा अमर हैं भगवान रामदूत मेरे वीर हनुमान,किष्किंधा, अंजनेरी, तिरुमाला, अंजनधाम, गोकर्ण है जन्म स्थानबल, बुद्धि, विद्या, भक्ति, निःस्वार्थ सेवा के प्रतिमूर्ति हैं हनुमान,गुरु हैं जिनके सूर्य देवता, जन्म है रुद्रावतार,हनुमंतदेव महान। लाल फल की चाह में सूर्यदेव को निगल गए हनुमान,इंद्रदेव के … Read more