जिसने सब-कुछ दिया…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)… हर समय जो साथ रहती है,जो अपने बच्चों के लिए सब कुछ सहती है वो ‘माँ’ है। ममता का बंधनजो कभी खत्म नहीं होता,हम चाहे कितने बड़े हो जाएं,पर माँ के लिए हम बच्चे ही रहते हैं। नौ महीने ‘कोख’ में रखजिसने अपने जीवन का सब-कुछ … Read more

मेहनत का मोल कहाँ ?

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* हथेलियों की रेखाओं में इतिहास लिखे जाते हैं,ईंटों के बीच पसीने से सपने सजते  जाते हैंजो भूख-प्यास से लड़कर भी श्रम को पूजा मानता, वही धरती पर स्वर्णिम जीवन के दीपक जलाते हैं। नन्हें कोमल हाथों में अक्सर बोझ  बड़े होते हैं,दो जून रोटी की खातिर बचपन मज़ूर बन जाते हैंये सत्य है—विकास की चमक इन्हीं से है नित होती, हर ऊँची इमारत में सम्मान स्वेद जड़े … Read more

तेरे ही चरणों में है स्वर्ग

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)… माँ तेरी प्यारी-सी जादू की झप्पी,तेरे हाथों की थपकीसोते समय तेरा लोरी गाना,मेरे जोर से रोने परघबराकर भाग के आना,बहुत याद आता है माँतेरा मुस्कुराना। माँ सुबह-सुबह उठकर,अदरक वाली चाय बनानासमय पर नाश्ता लगाना,मेरे स्कूल ना जाने का बहानातेरे गोद में आकर छिप जाना,बहुत याद आता … Read more

इनके नहीं जैसी दूजी

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)… माता तो बस माता होती है,इनके जैसी नहीं दूजी होती है। ये बच्चों की परवाह करती है,ममता स्नेह की मूरत होती है। मेरे बच्चे सारे जग से अच्छे,ये उसको बड़ा गुमान होता है। खुद की तो अब उसे चिंता नहीं,बच्चे ही उसकी दुनिया होती है। पहले … Read more

माँ ही दुनिया

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)… ‘माँ’,दुनिया मेरीमाँ का आँचल,कोई नहींतुझसा। ‘माँ’,असीम ऊर्जाहरपल हृदय साथ,तू सृष्टिजगत। ‘माँ’,रूप ईश्वरघर ही मंदिर,माँ चरणतीर्थ। ‘माँ’,सर्वश्रेष्ठ गुरुसिखाती दुनियादारी,जीवन रक्षकआँचल। ‘माँ’,बड़ी बलिदानीकर्ज चुकाना असम्भव।प्रेम मूरत,ब्रह्मांड॥

सहता रहेगा कब तक ?

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ********************************************* मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ? (मजदूर दिवस विशेष)… वह जो रात-दिन करता संघर्ष,निडर नि:स्वार्थ भाव लिए सहर्षकरता नहीं शिकायत किसी से,जीवन में संघर्ष, केवल मौन संघर्ष। सुनो सभी उनके जीवन की जाला,कड़ी मेहनत से यह जुटाता निवालापरिश्रम से वह कभी न पीछे हटते,भले उनके हाथों में पड़ … Read more

हर मुश्किल को आसान करते ये

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ? (मजदूर दिवस विशेष)… तूफ़ानों से लड़ने का हौसला,आसमाँ को छूने की चाह रखते हैंये वो लोग हैं जो हर चुनौती को,सहर्ष स्वीकारने का दम रखते हैं। विषम हालातों का सामना होने पर,ये दीपक-सा उजियारा करते हैंहर मुश्किल को आसान करते ये,राह नई से नई … Read more

माँ का आँचल वसुधा-सा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)…. माँ का आँचल प्यार है, जिसमें है संसार।माँ चंदा का रूप है, सूरज का उजियार॥ वसुधा-सा करुणामयी, माँ का आँचल सार।माँ शुभ का करती सृजन, करे अशुभ पर वार॥ माँ में सारी सृष्टि है, माँ लगती ब्रम्हांड।माँ के आँचल में भरे, रामायण के कांड॥ माँ … Read more

माँ का संसार

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)… माँ कितना करती हैदुलार मुझे,बिछा कर रखतीमाँ मुझे पलकों पर,दिला जाती दुनिया का सुखक्या दुनिया में माँ से कोई बेहतर है ?शायद नहीं। अगर माँ नहीं तो माँ के बिनाइन्सान दुनिया में महज पत्थर बन रह जाएगा,कोई नहीं होगा रिश्तों की दुनिया मेंइन्सान किससे नेह … Read more

मजदूर…

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ? (मजदूर दिवस विशेष)… सूरज से पहिले जो जग जाए,जो देर रात को सोता हैशायद उसकी आँखों में भी,खुशहाली का सपना पलता है।  फटे हुए कपड़ों से भी,नहीं शिकायत कोई उसेपेट की आग की खातिर वह,दिनभर धूप में तपता है।  पैरों में पड़ते छालों की,कतई … Read more