कल्याण करो हे! दया निधे

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** तुम दीन-दुःखी के रखवारे,कल्याण करो हे! दया निधेभव पार न कोई मुझे उबारे,सन्ताप हरो हे! दया निधे। तुम व्याप्त सकल हो अविनाशी,तुम परम पिता घट-घट वासीतेरी आस छोड़ कर जाऊँ कहाँ,विश्वास बनो हे! दयानिधे। तुम ही तो राम-रमैय्या हो,तुम ही तो कृष्ण-कन्हैया होअब व्याकुल हृदय रहे तुम बिन,उद्धार करो … Read more

राम के दास-हनुमान जी

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* राम-दास हनुमान जी, करते नित कल्याण।जीवन सब कष्ट हर, मारें तीखे बाण॥ राम-दास हनुमत प्रखर, हर लेते हर पीर।बहुत गुणी थे मान्यवर, रहें सदा ही धीर॥ अंधकार का कर हरण, बाँटें नित आलोक।राम-दास हनुमान जी, नष्ट करें सब शोक॥ राम-दास हनुमान जी, सचमुच दयानिधान।भय, भूतों को मारकर, रखें सुरक्षित इन॥ राम-दास … Read more

पत्तों की सरसराहट

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** ये कौन-सी आवाज है,जो जानी-पहचानी सी लगती। हवा से पेड़ों के पत्ते की सरसराहट,कोयल की कूक मेंदब-सी जाती वो आवाज,जो जानी-पहचानी सी लगती। तालाब में खिले कमल,लगते ऐसे जैसे किसी नेपैरों में महावर लगाई होसूरज के उदय होने की लालिमा,जैसे बादल ने अपना रंग बदला हो। मैं इन फिजाओं में तुम्हें … Read more

माँ की थी वह प्यारी

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** माँ की थी वह प्यारी लल्लीनहीं कबूतर चिड़िया बिल्ली,तितली-सी वह घूम के आतीमाँ उसको रहती सहलाती। चीर-हरण एक बार हो गयाकृष्ण न आए मौन सो गया,दु:ख देने वाला था अपनाटूटा उसका सारा सपना। व्यथा हृदय की कही न जाएविकल वेदना बहती जाए,प्रलय मेघ पहचान बन गईमातृ-नेह निर्वाण बन गई। प्रभु मेरे अब … Read more

पंछी की पुकार

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** प्यासे पंछी की पुकार, दाना-पानी की बौछार,दाना चुग पानी पी कर, पंछी उड़ते पंख पसार। छत गलियारा खेत खलिहान, उड़ जाते पंछी नादान,जहां भी दिखता पानी दाना, उड़ कर आते ये विहंग। सुबह होते कलरव करते खग, जिससे जागे सारा जग,चहचहाहट प्यारी लगती, अंधियारा दूर भागे अब सब। एक गौरैया प्यासी आई, … Read more

पेड़ बनो

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* बन सको तो पेड़ बनो,सीखो इनसे देनापरहित में जिसने सदा,सीखा सब कुछ अपना देना। अपनी शाखों में पंछियों को,देते स्नेह बसेराइनकी शीतल छाँव तले,कितनों ने डाला डेरा। जब तक रहता अस्तित्व इनका,प्राण-वायु ये देतेतपती धूप में राहगीरों को,शीतल छाया देते। क्षमा भावना इनसे सीखो,पत्थर खाकर भी फल देतेमीठे फल से भूख मिटाते,शीतल … Read more

शान्ति स्थापित, लोक मंगल

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** युद्ध और शांति: जरूरी क्या ?.. युद्ध संहार सदा सर्वदा,होती न शान्ति, परिणाम भयावहयुद्ध वैमनस्य, विरोध परिणाम,युद्ध विनाश, विनाश भयावह। मौत का तांडव दुरूह विचार,बेमौत तांडव,निरीह विचारचहुं ओर लोथ संकट संचार,कहे मानव, शक्ति प्रचंड विचार। गोद सूनी आँखें नम सिंदूर मिटा,पूछें, मासूम साया जो छूटाअपनो की माला, मोती टूटा,अमर रहे, … Read more

हनुमान जी करते नित कल्याण

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* हनुमान जयंती विशेष…. रामेष्ट हनुमान जी, करते नित कल्याण।जीवन सब कष्ट हर, मारें तीखे बाण॥ रामेष्ट हनुमत प्रखर, हर लेते हर पीर।बहुत गुणी थे मान्यवर, रहें सदा ही धीर॥ अंधकार का कर हरण, बाँटें नित आलोक।रामेष्ट हनुमान जी, नष्ट करें सब शोक॥ रामेष्ट हनुमान जी, सचमुच दयानिधान।भय, भूतों को मारकर, रखें … Read more

निर्मल उन्मुक्त बचपन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* हरे-भरे मैदान में बच्चे दौड़ लगाते,हँसी की मीठी धुन में सपने झिलमिलाते। नीले गगन तले खुशियों का है मेला,हर नन्हा दिल जैसे रंगों का अलबेला। कोई आगे बढ़ता, कोई पीछे आता,मस्ती की राहों में सब संग मुस्काता। छोटी-छोटी बातें, बड़े-बड़े अरमान,खेल-खेल में सीखें जीवन का सम्मान। हवा संग उड़ते … Read more

युद्ध विध्वंस

शीला बड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )*********************************************** युद्ध और शांति-जरूरी क्या ?… युद्ध विध्वंस,बिखर गया सबउड़ा दी नींद। गोलियाँ सहे,आसमान जरियाहोते धमाके। गया अमनउजड़ा है चमनसब वीरान। आँखों में खौफ,आवाज़ें हैं डरातीबेचैन मन। चीख-पुकार,विलुप्त भूख-प्यासबेबस मनु। टूटी दीवारें,तबाही ही तबाहीकैसा मंजर ? लहू-लुहान,हृदय-विदारकविक्षत शव। मानव बना,मानव का दुश्मनविध्वंसक क्यों ? दया-करुणा,दुनिया से लुप्तप्रेम है कहाँ ? परिचय-शीला … Read more