कहाँ खो गया पनघट
दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* सूखते कुएं की कहानी है ये,वीरान पनघट की कहानी है येकभी आबाद थे जो,उन सूने घाट की कहानी है ये। एक समय पनघट पर जब,पनिहारिन का लगता मेला थाखनकती चूड़ी, छम-छम पायल,संगीत सुहाना सजता था। प्रेम कहानी, घर के झगड़े,पनघट ही पंचायत थी।सखियों के संग चुहल-ठिठौली,पनघट पर ही होती थी। पंछी, पथिक, … Read more