होली-ऐसा रंग नहीं है भाता

धर्मेंद्र शर्मा उपाध्यायसिरमौर (हिमाचल प्रदेश)******************************************** होली विशेष… होली के त्यौहार में,रंग-बिरंगे लगते वनदेख एक-दूसरे को,फैला रहे हैं वह सुगंध। फूल-फूल भंवरे गाते,देते प्यार का संदेशमगन रहते प्रेम में,रात-दिन गुजारते। मूर्ख मानव भूल गया,प्रेम का त्यौहार है आयातन को बना रहा रंगीन,मन का मेल न धोया। हो कोई ऐसा रंग बना जो,मन की दूरी को दूर … Read more

मिलकर नाचें होली में

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** मिलकर नाचें होली में,आओ हँसी-ठिठोली में। नफरत की दीवार ढहा दो,भेद-भाव को दूर भगा दोमिल-जुल कर सब नाचें गाएं,री सखी हँसी-ठिठोली मेंआओ आज इस होली में।मिलकर नाचें होली में…॥ बासंती बयार बह रही,लहर-लहर पुरवइयासबके दिल को मस्त कर रही,बहना हो या भैयाझूम-झूमकर खुशी मनाएँ,आओ आज इस होली में।मिलकर नाचें होली में…॥ सूरज … Read more

शांति बहुत जरूरी

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** खुश रहने के लिए शांति बहुत जरुरी है,जीवन खुशहाल रहे, प्यार बहुत जरूरी है। हम-तुम खुश हों, सबका साथ बहुत जरूरी है,प्यार लो, प्यार दो, सबका विश्वास बहुत जरूरी है। हमारी आवश्यकताओं का कोई अंत नहीं है,इसलिए जो जितना है, में संतोष होना जरूरी है। आकांक्षा रहे ऊंची, पर ईमानदार होना भी … Read more

जो कभी कहा नहीं

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* जो कभी कहा नहीं, आज निश्चित कहूँगा,तेरे प्यार की धारा में मैं दूर तक बहूँगाआती हैं याद अक्सर, अब वो पुरानी बातें,वो मीठी-मीठी बातें, वो प्यारी मुलाकातेंतुम मिली हो अँधेरे में, रोशनी की तरह मुझे प्रिये,तुम मिली हो निशा में चाँदनी की तरह मुझे प्रियेआँखों में बस जाओ काजल की तरह … Read more

नारी के रंग, होली के संग

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** हर पल-हर क्षण का रंग बदल जाता,कभी स्नेह का आँचल फहरा जाताआशा का स्पंदन कभी ठहर जाता,बाल्यकाल गुलाबी सपनों कीलाली साथ में लेकर आता। इंद्रधनुषी मुस्कान कोयौवन हमेशा साथ लाता,कभी पीड़ा का धूसर रंगभी विरह अपने में समेट लेता। मुख पर धैर्य सजा रखती है,अडिग विश्वास भी हमेशा होतामाँ बनकर वह पीत … Read more

तेरी वो प्यारी छवि

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* कण-कण गवाह मथुरा के,मेरे कृष्ण जन्म लिए वहाँअंगूठे पर खड़े होकर,भीड़-भरी आबादी में। जो देखा मैंने उस दिन,कृष्ण की अनोखी छवि वहाँकाले-काले घुँघर बालों वाले,हँसता-हँसता श्याम चेहरा। भूल न पाऊँ एक पल भी,तेरी वो प्यारी-प्यारी छविकाली-काली वो अनूप छाया,सिर्फ़ एक पल आँखों में बसी। आँखों के अंदर ही रहना,मेरा दिल तुझको … Read more

आप आराध्य हैं

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** आप हैं देवता, आप आराध्य हैं।भक्ति से हैं सुलभ शेष दु:साध्य हैं॥ सबके हित आपने है सदा विष पीया,आप त्यागी परम तब ही सब जग जीया।कर्म फल सबको देने को पर बाध्य हैं,आप हैं देवता, आप आराध्य हैं…॥ सारी योनि में भोगों में ‌बस आप हैं,बह्म-चिंतन में योगों में … Read more

द्विमुख चेहरे

कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,हैदराबाद (तेलंगाना)*************************************************** मुझसे ही बातों की माला पिरोने का वादा करते,मुझे ही अपना संसार बताने का दावा करतेसच्चाई की छाया बन साथ चलने की बातें करते,और मुस्कानों के पीछे दूसरा मार्ग चुन लेते। “तुम ही मेरा विश्व हो” कहकर जताते अपनापन,पर दुनियाभर से भी रखते सम्बंधमुझे अनजान रखकर किसी और की चौखट … Read more

हमारी पीढ़ी छोड़कर…

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* आज के दौर में ‘सीनियर सिटीजन’कहलाती हमारी पीढ़ी है,आने वाले दस-पंद्रह बरस मेंजो लुप्त होने की कगार पर है,हमारी पीढ़ी बिल्कुल ही अलग हैयह पीढ़ी संसार को छोड़कर जाने वाली है। रात को जल्दी सोने वाली,सुबह को जल्दी उठने वालीभोर में टहलने निकलने वाली,आँगन में पौधों को पानी देने वालीपूजा के … Read more

कैसा मंजर आया ?

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* खुशियों के इस आशियाँ में, अब अँधियारा छाया है।मजबूरी के बँधन बन गये, कैसा मँजर आया है॥ दो रूह एक जान हुए थे, प्यार ही प्यार समाया था,आसमान के तारे भी तब, झोली में भर लाया था।बदले हैं ये तेवर इनके, कैसी छाई माया है,खुशियों के इस आशियाँ में, … Read more