वर्तमान में नारी
बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** नारी आज रिश्तों में तो बंधती है,पर स्वतंत्र उड़ान का स्वप्न भूलती नहीं। वह त्याग तो करती है,पर स्वयं को मिटाती नहीं। वह प्रेम तो करती है,पर अपने अस्तित्व की कीमत पर नहीं। वह हर कदम पर प्रश्न तो करती है,पर मौन शिक्षा स्वीकार करती नहीं। वह लिखती और बोलती तो है,पर … Read more