कल्याण करो हे! दया निधे
प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** तुम दीन-दुःखी के रखवारे,कल्याण करो हे! दया निधेभव पार न कोई मुझे उबारे,सन्ताप हरो हे! दया निधे। तुम व्याप्त सकल हो अविनाशी,तुम परम पिता घट-घट वासीतेरी आस छोड़ कर जाऊँ कहाँ,विश्वास बनो हे! दयानिधे। तुम ही तो राम-रमैय्या हो,तुम ही तो कृष्ण-कन्हैया होअब व्याकुल हृदय रहे तुम बिन,उद्धार करो … Read more