कब तेरी मंजिल आ जाए…!
हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ ज़िंदगी का हर एक पल कीमती है,फिर बरसों की तू क्यों सोचता है ?चार दिन के इस सफ़र में,कब तेरी मंजिल आ जाए, किसे पता..! फिर भी तू क्यों भटक रहा है ?माया-मोह व लालच के फरेब मेंवर्तमान को जी ले आनंद व उल्लास से,कब तेरी मंजिल आ जाए, किसे … Read more