एक थी लड़की बेचारी…
ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** एक थी लड़की बेचारी, हिम्मत नहीं हारने वाली,वह थी अपनों की सतायी, प्यार को तरसी उम्र सारी। वह सीधी-सादी लड़की, उम्र सारी प्यार को तरसी,वह अपनों की नहीं दुलारी, वह तीखे नैन-नक्श वाली। सभी उसे बेवकूफ बना जाते, वह लड़की भोली-भाली ।सबको माफ कर देती, छल-कपट नहीं जानने वाली। सबको अपना बनाने … Read more