चीं-चीं, चीं-चीं चहचहाती
ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** ‘विश्व गौरैया दिवस’ विशेष…. गौरैया रानी, गौरेया रानी,चुगती दाना, पीती पानी। पास आना, पास आना,नानी सुनाती एक कहानी। चुन्नी देख खुश हो जाती,ताबड़तोड़ ताली बजाती। चीं-चीं, चीं-चीं चहचहाती,फुदक-फुदक उड़ती जाती। सबका दिल वो जीत जाती,जब बच्चों संग फड़फड़ाती। बूढ़े-बच्चों का वो आकर्षण,उसके बिना होता सूनापन। आजकल लुप्त होती जाती,काश! वह फिर से … Read more