रोटी होती अनमोल
डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* रोटी होती गोल-मटोल,सबके लिए होती अनमोलखाकर मीठे बोलें बोल,गाएं गीत, बजाएं ढोल। मेहनत करके खाते रोटी,कोई पतली, कोई मोटीरोटी पर तो दुनिया टिकती,तरह-तरह के मोल में बिकती। माँ के हाथों की रोटी का,स्वाद निराला होता हैअन्नपूर्णा बन घर में बसती,पूजा का फल मिलता है। दूर देश हो या विदेश … Read more