उतर आया मधुमास
संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* आ गया बसंत प्रिय सखी, खोलो मृदुल नयन,छलक रहे जाम सृष्टि में, जरा करो आचमनकोमल-सी हँसी तुम्हारी जैसे कोमल किरण,गालों पर बिखरी लाली, उजला-सा अंतर्मन। अधर पर ले मुस्कान, छुओ बसंतिया तन-मन,मुस्कान सुन तुम्हारी, पुलकित भी होगा गगनहोंठों पर ये प्रिय तुम्हारे, उतर आया मधुमास,गुलमोहर की लाली लेकर, बहुत बने है … Read more