जीवन पथ का साथी था…
डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* पूछे जब तुमसे कोई,कौन हूँ मैं ?तुम कह देनाकोई खास नहीं,शायद एक दोस्त थाकच्चा-पक्का सा,एक भ्रम थाआधा सच्चा-सा। जीवन पथ का,एक साथी थाबातों से अपनी, रातों को,झिलमिल कर जाता थागीतों से जी बहलाता था,खामोश रहकर कभीपास होने का अनोखा,एहसास दे जाता था। लम्बी न सही,गहरी नींदों मेंवो मीठे सपने,दे जाया करता … Read more