प्रेम ईश का रूप
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* मुलाकात तुझसे हुई, है मुझको दिन याद।तेरे मिलने ने किया, मुझे सदा आबाद॥ करो इरादा प्रेम का, तो मिलता है मीत।जिससे अधरों पर सजे, खुशहाली का गीत॥ वादा करना सोचकर, फिर मत देना तोड़।जिसको अपनाना उसे, देना कभी न छोड़॥ करो अगर इकरार तुम, फिर मत कर इनकार।यही प्रेम की चेतना, … Read more