जो कभी कहा नहीं
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* जो कभी कहा नहीं, आज निश्चित कहूँगा,तेरे प्यार की धारा में मैं दूर तक बहूँगाआती हैं याद अक्सर, अब वो पुरानी बातें,वो मीठी-मीठी बातें, वो प्यारी मुलाकातेंतुम मिली हो अँधेरे में, रोशनी की तरह मुझे प्रिये,तुम मिली हो निशा में चाँदनी की तरह मुझे प्रियेआँखों में बस जाओ काजल की तरह … Read more