हिन्द की नारी
कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ हम हैं हिन्द की नारी,बस देश के लिए ही कुछ काम करना हैइसमें ना कोई भी अंदेशा है,हैं हम हिन्द की नारी। तुम क्यों अब गुफ्तगू में बैठे हो ?क्यों तुम कायरता में समय खोए होकरना है अब मुझे देश की सेवा,क्यूँ तुम फालतू-सी बातों में! क्यूँ उसमें तुम अब देर करते … Read more