वर्द्धमान महावीर

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* ‘महावीर जयंती’ विशेष…. सत्य, अहिंसा का दिया, पावनतम संदेश।हरा एक क्षण में सभी, सारा जीवन क्लेश॥ महावीर ने लोक को, दिया सत्य का ताप।बने प्रखर यूँ रोशनी, कौन सकेगा माप॥ वर्द्धमान गतिशील थे, जीवन का संगीत।मानवता के बन गये, वे तो सच्चे मीत॥ वैशाली के थे कुँवर, सुविधा के भंडार।रीति, नीति … Read more

त्याग का दीप जलाया

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* ‘महावीर जयंती’ विशेष… राजकुल में जन्म लेकर त्याग का दीप जलाया,भोग-विलास त्याग सत्य का पथ जग को दिखलायाआत्मा की अनुभूति में लीन हुआ वह महायोगी,अहिंसा का अमृत देकर मनुज को देव बनाया। दिगंबर स्वरूप धारण किया माया-जाल मिटाया,अकिंचन भाव से जगत आत्म-दीप जलायापरिधान नहीं, विचार से ही होता जीवन … Read more

प्रभु महावीर आ जाओ

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ ‘महावीर जयंती’ विशेष… इन अंधेरों में हमें ‘उजालों’ की चाह है,भटकता है ‘संसार’ में मानव-मनकपाट कषायों में घिरा हुआ, हिंसात्मक बन आदमीऐसे में प्रभु महावीर आ जाओ…। करुणा के सागर, अहिंसा के स्वामी,वर्तमान आपको ‘पुकार’ रहा है,वीर अतिवीर हिंसा के इस दौर को खत्म करोचारों और अधर्म फैल रहा है,ऐसे … Read more

सफ़र में अकेले चलना

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* चल पड़ी हूँ जीवन की,अनजान राहों पर अकेली।पर कभी कभी ये सफ़र,दिल को रुला जाता है। जीवन की इन राहों पर,भीड़ है चलने वालों कीपर भीड़ भरी इन राहों पर भी,मन तन्हा रह जाता है। साथ हो हमसफ़र लेकिन,साथ का एहसास न हो।बातें होती हों रोज मगर,दिल की बातें दिल में रह … Read more

चेतना बिना ज़िंदगी अधूरी

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** चेतना जागृत होती है,जब मन अचेतन होताज़िंदगी चेतना बिना अधूरी,बुद्धि ही चेतना की होती अधिकारीनहीं तो सड़कों पर घूमते अचेतन। चेतना के आँसू नहीं होते,चेतना आँखों से भी नहीं देखतीमन अधिष्ठान का अधिकारी जब बनता।रिश्ते बिखर जाते बिन चेतना के,चेतन मन ही ईश्वर को पूजता॥ परिचय-संजय वर्मा का साहित्यिक नाम ‘दॄष्टि’ … Read more

मुझे भी प्यार सिखा दो

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ रहते हो तुम खफा मुझसे, क्यों बता भी दो,भुला दो सारे ग़म को, प्यार से बात कर लोग़लती जो हो गई अगर, मुझको बता दोभुला कर सब अब सनम मुस्कुरा दो। राहे-जीवन में बड़ी मुश्किलें हैं,मेरा हाथ थाम कर राह दिखा दोमैंने बस तुम्हें ही अपना माना है,अपना समझो या बस पराया … Read more

माँ सिद्धदात्री देवी

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* माँ का सजा दरबार भवन, भक्तों का चहुँदिक ताँता है,दशभुजा सुशोभित अस्त्र-शस्त्र, ‘जय माता’ स्वर गुंजाता हैमहानवमी का शुभ पुण्य क्षण, आदिशक्ति माँ प्रकटित होती,सिद्धिदात्री कृपा बरसाएँ, हर बाधा हर ले जाती है। रिद्धि-सिद्धि के दान सहित माँ, योग-फल का वर देती हैं,भक्तों के जीवन में अम्बा, आलोक कीर्ति … Read more

नमन पद पंकज

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** ‘रामनवमी’ विशेष… नवरात्र, नव संवत्सर आया,नमोस्तुते !‌ अनुष्ठान भाया। आत्मिक सुधि जड़त्व मिटाएं,रामायण स्व चरित अपनाएं। दर्शन हरि श्री राम विराजे,नमन पद पंकज नित निहारें। रामनवमी शुभ दिन मनाएं,अवतरण दिवस मंगल गाएं। भजन-कीर्तन रौनक लाएं,यज्ञ, पाठ दान-पुण्य लुभाएं। ‘राम नाम’, धुन मंगलकारी,मंगलकारी दुःख संभारी। ‘अल-बेला’ ! बेला; गंवाया,हाथ मलता; जीवन … Read more

पूरा जीवन आदर्श रहा

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** ‘रामनवमी’ विशेष…. चैत्र में नवरात्रि का त्योहार जब आता,भक्तों के मन को तब बड़ा हर्षाता। माता दुर्गा की पूजा जब होती,सुबह-शाम माता आरती होती। चढ़ाते लोग फूल, प्रसाद और रोली,मिलकर पूजा करते सब हमजोली। गाते हैं हम सबश्रीराम की महिमा,गर्व भरी होती है उनकी गरिमा। चैत्र शुक्ल रामनवमी में जन्म हुआ,घर-आँगन खुशियों … Read more

नवदुर्गा तुम आ गईं हरने को पाप

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* नवदुर्गा तुम आ गईं, हरने को हर पाप।संभव सब कुछ आपको, तेरा अतुलित ताप।। सद्चिंतन तजकर हुआ, मानव गरिमाहीन।जगजननी माँ दुख हरो, सचमुच मानव दीन।। ममता है तुझमें भरी, तू सचमुच अभिराम।माता जी तेरे सदा, हैं नित नव आयाम।। तू करुणा करती सदा, तेरा पावन नाम।यह जग तेरा है सदा, दुर्गा … Read more