विषम परिस्थितियाँ : नारी के लिए
बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)**************************************** विषम परिस्थितियाँ,कभी अचानक नहीं आतींवे जन्म लेती हैंघर की चुप्पियों में,परंपराओं की कठोर दीवारों मेंउन वाक्यों मेंजहाँ हर निर्णय से पहलेउसका नाम नहीं,उसका संबंध पूछा जाता है। वह जन्म लेती है,तो उसके भविष्य का लेखा-जोखादूसरों की अपेक्षाओं में लिख दिया जाता है,उसकी हँसी की सीमा तय होती है,उसके कदमों की दिशा,उसके सपनों … Read more