दिल हमारा पल-पल टूटता
ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** दिल हमारा पल-पल टूटता है,और सदियों से दिल ये रोता हैअंदर में हूक-सी उठती है,जैसे हर पल कुछ छूटता है। बाहर से बिल्कुल शांत होता है,पर अंदर में तूफान भरा होता हैसब-कुछ बिखरा-बिखरा होता है,जैसे सब-कुछ उजड़ा-उजड़ा होता है। कुछ पाने की चाहत होती है,कुछ खोने का ग़म भी होता हैइक दिन … Read more