शिव शंकर सबका बेड़ा पार करो

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* शिवरात्रि विशेष….. हर हर महादेव भोले शिव शंकर,सबका बेड़ा पार करो,हे केदार नाथ सोमनाथ,नैया हमारी तारण तार करो।हे चन्द्र मुकुट धारी नागेश्वर,महिमा तेरी अपरम्पार-सर्वेश्वर इस शिवरात्रि अंतःकरण,सबका ही सुधार करो॥ हे नागेश महेश तेरे तो जप से ही,तर जाए जीवन यात्री,शिव-पार्वती की जोड़ी बम-बम,भोले की आ गई रात्री।दूध भांग बेल धतूरा पुष्प … Read more

जोश में उपवन

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* शीत है कम,ताप भाता,जोश में उपवन हुए,सब दिलोंं में प्रीति है,सबके रसीले मन हुए।आज पल बहका रहा,नित कोयलों के गान हैं-ज़िन्दगी है रस भरी,अहसास वाले तन हुए॥ बाग़ में रौनक दिखी,हर एक मस्ताना हुआ,भर गए दिल प्रीति से,इनसान दीवाना हुआ।कामिनी लगती शमां,प्रेमी सभी बौरा रहे-यह वसंती दौर है,मन आज परवाना … Read more

मौसम सुहाना

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* प्रीति ने जब कुछ कहा,मौसम सुहाना हो गया,संत का भी दिल खिला,वह भी दिवाना हो गया।लग रहा मधुमास प्रिय,अनुगीत दिल को भा रहे-प्रेम का जल गंग है,जिसमें नहाना हो गया॥ ये वसंती पल भले,देखो सभी को भा गए,दिल भरी रंगीनियाँ,अरमान मानस छा गए।गीत गूँजे प्रेम के,मौसम लुभाने आ गया-उपवनों से … Read more

देखो,छूट न जाए

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* देख परख कर कीजिए,मत का प्रयोग आप,बहुत कीमती है यह एक उंगली की छाप।आस-पड़ोस ऊपर-नीचे,जायें सबके साथ-वोट दिया नहीं सोच कर,रहे ना कोई संताप॥ यह लोकतंत्र का पर्व हमको सफल बनाना है,सौ प्रतिशत मत पडे,यह आँकड़ा छू कर लाना है।भारत भविष्य निर्माण का,यज्ञ है यह पवित्र पावन-वोट अधिकार का सच्चा प्रयोग कर … Read more

ऋतुराज वसन्त

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* गाँठ मन की खुल गई,मधुमास सुखकर लग रहा,गुल खिले हैं ख़ूब ही,अवसाद डर से भग रहा।हैं सतातीं दूरियाँ,अति मिलन,अनुराग तो अब-प्रेम का आवेग है,रस,छंद,मधुरस जग रहा॥ यह कहा मधुमास ने,अब तो बलम से बात हो,दूरियाँ मिट जाँय अब,मिलने सुवासित गात हो।फूल हैं सब दिल जले,दे रहेे संगम की सीख-दिन बनें … Read more

भारतीय संस्कृति

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* भारत नित ही विश्वगुरू है,देता सबको ज्ञान,भारत ने पाया सदा,सबसे ही सम्मान।नीति और नैतिकता मोहक,हम हैं सबसे सुंदर-कला और विज्ञान हमारे,पाते नित यशगान॥ मानवता को हमने जाना,किया प्रेम का गान,करुणा,दया,सत्य,मर्यादा,सद्कर्मों की आन।पूजा हमने चाल-चलन को,सीखा रहना बेहतर-देह नहीं, है रूह की भाषा, नैतिकता का मान॥ तीज और त्यौहारों से तो,चोखा … Read more

हर रिश्ते में नारी

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* माँ से ही सवेरा और माँ से ही होती रात है,माँ की ममता,प्यार अनमोल सौगात है।माँ पास में तो है खुशी दुनिया जहान की-माँ का स्पर्श सुखद मानो प्रथम किरण प्रभात है॥ बेटियाँ ही तो हरदम माँ-बाप पर प्यार लुटाती हैं,बेटियाँ एक नहीं,दो वंशों का उद्धार कराती हैं।नारी जगत जननी है वो … Read more

शरद का अंत ‘बसंत’

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* बसंत पंचमी विशेष…. शरद ऋतु तुमको प्रणाम,खुमारी-सी छाने लगी है,लगता ऋतुराज़ बसंत की,रुत अब कहींआने लगी है।माँ सरस्वती का आशीर्वाद,अब पाना है हम सबको-मन पतंग भी अब खुशियों के,हिलोरे खाने लगी है॥ पत्ता-पत्ता,बूटा-बूटा अब,खिला-खिला-सा तकता है,धवल रश्मि किरणों-सा,सूरज जैसे अब जगता है।मौसम चक्र में मनभावन,परिवर्तन अब आया जैसे-ऋतुराज बसन्त का अवसर,अब आया-सा … Read more

रच डाला इतिहास नव

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* तीन रंग की चुनरी,जननी की पहचान,हिमगिरि कहता है खड़ा,मैं हूँ तेरी शान।केसरिया बाना पहन,खड़े हज़ारों वीर-अधरों पर जयहिंद है,जन-गण-मन का गान॥ अमर जवाँ इस देश के,भरते हैं हुंकार,आया जो इस ओर यदि,देंगे उसको मार।रच डाला इतिहास नव,लेकर कर शमशीर-दुश्मन का हमने किया,हर युग में संहार॥ परिचय–प्रो.(डॉ.)शरद नारायण खरे का वर्तमान … Read more

बस एक बार ही किरदार

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* अदा करो शुकराना सौ बार जिंदगी का,करो पूरे तुम हर सरोकार जिंदगी का।प्रभु की दी हुई अनमोल नियामत जिंदगी-मोहब्बत बना लो कारोबार जिंदगी का॥ कभी बिगड़े न बोल व्यवहार जिंदगी का,तेरे शब्दों पर टिका आधार जिंदगी का।धैर्य बुद्धि विवेक का साथ कभी न छोड़ना-इनसे होता है सच्चा श्रृंगार जिंदगी का॥ कभी मत … Read more