नशे से सावधान
धर्मेंद्र शर्मा उपाध्यायसिरमौर (हिमाचल प्रदेश)******************************************** नशा–नाश है तन मन धन का,करता सबका जीवन बर्बादतन को करता है कमजोर,मन से न लगने देता ध्यान। दु:खी हृदय है नशा बनाता,छीन लेता है सुखी समाजएक बार जो लगी लत तो,नहीं होने देगा आजाद। खोखला कर देगा तन–मन को,धन भी कर देता बर्बादअपमानित कर देता उसको,जिसने नशे से किया … Read more