पिंजरे की मैना
राधा गोयलनई दिल्ली************************************ अपने घर को स्वर्ग बनाने के लिए मैं दिन-रात मेहनत करती रही,जीवन से समझौता करती रहीक्योंकि मुझे घर बचाना था,अपने बच्चों को किसी लायक बनाना था गृहस्थी को बर्बाद होने से बचाना था,वह केवल कहता रहा मैं सुनती रही क्यों सुनती रही!क्योंकि नहीं सुनती तो घर में रोजाना का बवंडर होता,अपने बच्चों की ज़िंदगी को सुखी करने … Read more