होली में…

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** होली विशेष… गुलाबी गाल की बातें, रंगीले ख़्वाब की बातें,पुरानी हो चुकी है सब, ये नदियाँ पार की बातेंपकड़ कर साथ चलते हैं, सभी का हाथ होली में,नया कुछ कर दिखाते हैं, चलो इस बार होली में। कुंडली मार कर बैठा है, यह जो नाग नफरत का,दंभ और द्वेश ने फैला दिया … Read more

युद्ध नहीं चाहिए विश्व को

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ आज फिर घर घोर अंधेरा छाया हुआ,विश्व में बढ़ रही आहटतीसरे विश्व युद्ध की,पर मानवता पुकार रही युद्ध नहीं चाहिए विश्व में…। वर्चस्व की इस लड़ाई में सदियाँ बीत गई,ताकत का इतना घमंड ठीक नहीं है भाईइससे आमजन ही मरते हैं,इसलिए मानवता पुकार रहीयुद्ध नहीं चाहिए विश्व में…। ये बम-बारूद-हथियार … Read more

हर हाल में ज़िंदगी

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* हर हाल में ज़िंदगी को गले लगाइए,कभी खुशी, कभी ग़म-ज़िंदगी के दो पहलूकभी तो हँसाए, कभी तो रुलाए,अजब-ग़ज़ब है ज़िंदगी मेरी। हँसकर गले लगाइए,काँटों भरी राहों में फूल उगाइएसंघर्ष भरी ज़िंदगी है तो,अपने को आज़माइए। कठिन परिश्रम से अपने को ऊपर उठाइए,ज़िंदगी को उन्नति की राहों पर लाने के लिएअपनी मेहनत … Read more

खुशियाँ भर देती होली

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ होली विशेष… होली का हर रंग अलग होता है,हरा, लाल, नीला, गुलाबी सब‘बेमिसाल’ रंगों की होली होती है,जीवन में जो ‘खुशियाँ’ भर देती है। जब दुश्मन भी दोस्त बन जाते हैं,इन ‘रंगों’ में सब के सब एक रंग हो जाते हैं,रंगों की होली ‘उमंगता’ का संचार करती है,जीवन में जो … Read more

होली-ऐसा रंग नहीं है भाता

धर्मेंद्र शर्मा उपाध्यायसिरमौर (हिमाचल प्रदेश)******************************************** होली विशेष… होली के त्यौहार में,रंग-बिरंगे लगते वनदेख एक-दूसरे को,फैला रहे हैं वह सुगंध। फूल-फूल भंवरे गाते,देते प्यार का संदेशमगन रहते प्रेम में,रात-दिन गुजारते। मूर्ख मानव भूल गया,प्रेम का त्यौहार है आयातन को बना रहा रंगीन,मन का मेल न धोया। हो कोई ऐसा रंग बना जो,मन की दूरी को दूर … Read more

मिलकर नाचें होली में

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** मिलकर नाचें होली में,आओ हँसी-ठिठोली में। नफरत की दीवार ढहा दो,भेद-भाव को दूर भगा दोमिल-जुल कर सब नाचें गाएं,री सखी हँसी-ठिठोली मेंआओ आज इस होली में।मिलकर नाचें होली में…॥ बासंती बयार बह रही,लहर-लहर पुरवइयासबके दिल को मस्त कर रही,बहना हो या भैयाझूम-झूमकर खुशी मनाएँ,आओ आज इस होली में।मिलकर नाचें होली में…॥ सूरज … Read more

शांति बहुत जरूरी

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** खुश रहने के लिए शांति बहुत जरुरी है,जीवन खुशहाल रहे, प्यार बहुत जरूरी है। हम-तुम खुश हों, सबका साथ बहुत जरूरी है,प्यार लो, प्यार दो, सबका विश्वास बहुत जरूरी है। हमारी आवश्यकताओं का कोई अंत नहीं है,इसलिए जो जितना है, में संतोष होना जरूरी है। आकांक्षा रहे ऊंची, पर ईमानदार होना भी … Read more

जो कभी कहा नहीं

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* जो कभी कहा नहीं, आज निश्चित कहूँगा,तेरे प्यार की धारा में मैं दूर तक बहूँगाआती हैं याद अक्सर, अब वो पुरानी बातें,वो मीठी-मीठी बातें, वो प्यारी मुलाकातेंतुम मिली हो अँधेरे में, रोशनी की तरह मुझे प्रिये,तुम मिली हो निशा में चाँदनी की तरह मुझे प्रियेआँखों में बस जाओ काजल की तरह … Read more

नारी के रंग, होली के संग

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** हर पल-हर क्षण का रंग बदल जाता,कभी स्नेह का आँचल फहरा जाताआशा का स्पंदन कभी ठहर जाता,बाल्यकाल गुलाबी सपनों कीलाली साथ में लेकर आता। इंद्रधनुषी मुस्कान कोयौवन हमेशा साथ लाता,कभी पीड़ा का धूसर रंगभी विरह अपने में समेट लेता। मुख पर धैर्य सजा रखती है,अडिग विश्वास भी हमेशा होतामाँ बनकर वह पीत … Read more

तेरी वो प्यारी छवि

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* कण-कण गवाह मथुरा के,मेरे कृष्ण जन्म लिए वहाँअंगूठे पर खड़े होकर,भीड़-भरी आबादी में। जो देखा मैंने उस दिन,कृष्ण की अनोखी छवि वहाँकाले-काले घुँघर बालों वाले,हँसता-हँसता श्याम चेहरा। भूल न पाऊँ एक पल भी,तेरी वो प्यारी-प्यारी छविकाली-काली वो अनूप छाया,सिर्फ़ एक पल आँखों में बसी। आँखों के अंदर ही रहना,मेरा दिल तुझको … Read more