मिठास अब पहले सी नहीं
कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************ अमृत की रात (शरद पूर्णिमा विशेष)… शरद पूर्णिमा की रात रंगीन होती नहीं,शरद चाँद में भी पूरा चाँद होता नहीं। महबूब में भी प्रेम पूरा होता कहाँ,हर मुलाकात में भी खुशियाँ होती नहीं। तारे बिखरे हैं पर चमक होती कम,अब तो मुलाकात में भी प्रेम होता नहीं। फिर से कटोरी सजाई है … Read more