मैं नदी, तुम्हारा भविष्य हूँ
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मैं नदी हूँ—धरती की धड़कन, जीवन की धार,पहाड़ों की गोद से निकलकर सपनों को बहाती हूँमेरे जल में समय की अनगिनत कथाएँ तैरती हैं,मैं प्यासे होंठों की पहली राहत बन जाती हूँ। मैं खेतों की हरियाली का संगीत हूँ,अन्न के दानों में अपनी कहानी बोती हूँगाँवों की हँसी, शहरों … Read more