प्रतिबिंब
सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** सरिता के पानी में झाँकासोचा स्वयं से बात करूँ,क्या है मेरा वर्तमान ?प्रतिबिंब देख कुछ मनन करूँ। पहले से कितना बदल गईमुझमें इतना क्यों अंतर है,प्रतिबिंब देख सोचा मैंनेक्या मेरा ही यह चितवन है। बोला मन दर्पण सुन मुझसे-क्या तुमको सच का ज्ञान नहीं,समय, शरीर और मन हैं अस्थिरइसमें संशय ज़रा नहीं। … Read more