बेटी आई
राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ******************************************** आज सबकी नजरें थीं रब पर, आश मातृत्व की थी जग परइंतजार था हमें उस डॉक्टर का, आते ही सन्देश दे हमें संतान का। पल-पल लगता सदियाँ बीत गई, तकते-तकते हमारी आँखें थक गईलम्बे इंतजार के बाद निकले डॉक्टर,‘बधाई हो बेटी हुई’ कहा उसने हँस कर। सुनते ही आँसू खुशी के छलक गए, वरदान … Read more