खुशियों की रात

ममता सिंह ‘विशिष्ट’धनबाद (झारखंड)****************************** अमृत की रात (शरद पूर्णिमा विशेष)… आश्विन शरद पूर्णिमा की रात में अमृत की किरणे बरसाती है,पूर्ण चन्द्रमा की सोलह कलाएं रात में आज मिल कर चाँदनी फैलाती हैं। धार्मिक मान्यता हैं हमारी बरसों से,श्री कृष्ण वृन्दावन में रास रचाते हैं वृंदावन की गोपियाँ भी कृष्ण के संग में,हँसी-खुशी मिल नाचती-गाती हैं। खीर का … Read more

दिल एक खिलौना

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)**************************************** दिल एक खिलौना है,सच ही कहा है तुमनेइस संसार के खेल में,दिल को ही अपना मानते। संसार की माया के बीच में,दिल अनेक रंग दिखाताकाम क्रोध लोभ मोह,हर पल इसे बहकाते। ममता और अहंकार अपना घर बनाते,हर मानव के दिल में ये संसार बसेदिल तो मेरा है दिया तुम विश्वास में,अपनी … Read more

अटल धर्म सुदृढ़ विश्वास

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नवरूपों में नवशक्ति भक्ति, नवदुर्गा का दिव्य प्रकाश है,भक्तों के विश्वास में जागे, अटल  धर्म सुदृढ़ विश्वास हैदुष्ट-दलन,सज्जन-पालन, अन्याय-नाश का है संकल्प,अम्ब के चरणों में समर्पित, मानवता का शुद्ध विकल्प है। महाकाली की प्रचण्ड दृष्टि, दुष्टों का घमंड जलाती है,कृपाण उठे तो अन्यायों के किला  धूल में मिल जाती हैरौद्र रूप मात्र संहार नहीं, है अधर्म-मुक्ति का आह्वान,निर्बल की रक्षा करना ही, शौर्य-धर्म की सच्ची शान है। सिंहवाहिनी माँ दुर्गा कहतीं कि … Read more

खत्म करो अहंकार

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************ जिंदगीभर भ्रम में रहा,जीवन में सदा अकेला रहा। ज़िंदगी खत्म हो गई, रहा कुछ नहीं,दौलत संभाल ली, पर ले गया कुछ नहीं। ज़िन्दगीभर अहंकार हुआ, अहंकार से मन भारी रहा,छोड़ दो ना अपनों के लिए, मैं चला भ्रम में भरा हुआ। छोड़ देते अहंकार को, सदा मन अहंकारी हुआ।ज्ञानी पिता ने संस्कार दिए, … Read more

रौनक… हर दिन क्यों नहीं ?

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)****************************** आज गाँव में बड़ी रौनक हो रही है,ऐसा लग रहा है कि प्रधान जी का दौरा है। आज कस्बे में बड़ी साफ-सफाई दिख रही है,ऐसा लगता है कि चेयरमैन का दौरा है। आज शहर में बड़ी रौनक हो रही है,ऐसा लग रहा है किसी विधायक या अफसर का दौरा है। आज पूरा … Read more

ये है आर्यावर्त

ममता सिंह ‘विशिष्ट’धनबाद (झारखंड)****************************** ये हमारा है आर्यावर्त,दूसरा नाम है भारतवर्ष। विभिन्न वेशभूषा और व्रत,भिन्न भाषा जानता जगत। मेरा तो संबंध है यू.पी. से,यहाँ पर मेरा जन्म हुआ। बिहार में मैं पली-बढ़ी,शिक्षा बिहार में पूर्ण हुई। प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा,अब तो झारखंड में पूर्ण हुई। बिहार-झारखंड पालनकर्ता,यू.पी. तो है मेरा उदगमकर्ता। तीनों के संस्कार है … Read more

शान्ति-करुणा से अपनी पहचान

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* सत्य पथ सदाचार ही जीवन का अधिष्ठान बने,मानवता के हित में अर्पित हर पल, हर अभियान बनेनींव अगर सिद्धान्तों वाली, आँधी  क्या बिगाड़ेगी,चरित्रवान व्यक्तित्व जग में भारत का सम्मान मिले। कुशल संचालन से ही संभव, स्वप्न का निर्माण सजे,जन-जन का अरमान सामूहिक, पौरुष से सदैव खिलेनेता वह जो साथ चले तो सबको सच राह दिखेगी,सेवा, समता, सत्य-साधना से नित … Read more

कृष्ण मेरे साथ

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)**************************************** है विश्वास कि न टूटेगा मेरा, यह विश्वास,  सदा रहे हैं, सदा रहेंगे, श्रीकृष्ण मेरे पास।   मेरी रक्षा वही करेंगे, संतान मैं जिसकी,  हूँ पहचान मैं जिसकीवो पालक हैं प्राणी,  वो स्वामी, मैं दासी। राधे-राधे बोल, राधे-राधे बोल दासी,  सत्य कभी न जान सका, जिनका मन काली-कालीमारने वाले से बढ़कर है बचाने वाला,  मर के अमर … Read more

चाँद दिखलाओ मुख

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************* करवाचौथ विशेष… रात आज पूजन की,चाँद दिखलाओ मुखसजी सभी नार देखो,शरमाए यामिनी। रूप का श्रृंगार देख,चकित हैं सारे देवअप्सरा भी चकित,मन मोहे कामिनी। माँग में सिंदूर सोहे,बेंदी की चमक मोहेकाली धार काजल की,देख रही चाँदनी। ओठ लाल-लाल सोहे,गले बीच हार सोहेचूड़ियों की खनक ये,बजा रही भामिनी। करके सोलह श्रृंगार,लिए हाथ पूजा थालपायल … Read more

प्रेम मेरे दिल में

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************ करवाचौथ विशेष…. प्रेम मन में लिए घर में रहा करूँ,सबने किया व्रत करवाचौथ। प्रेम मेरे दिल में, प्रेम ही संसार मेरा,पिया के घर में बस, प्रेम ही जिया करूँ। ना जानूँ कोई कर्मकांड, उपवास किया ना कभी,मुश्किल भरे जीवन में सदा मुस्कुराते रहूँ। साथ रहूँ तेरे संग, पिया की दीवानी बनूं,ना वस्त्र … Read more