ख़्वाब करे रोशन
डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* ख़्वाब आतेबहार बनकर प्यारे,ख़्वाब करे रोशनकभी पास,कभी दूर राह सारेमानोंतब्बसुम की खिदमत,करें नभ के सितारे। कभी ख़्वाब,पलकों पे नमी हमारेनींद की दुनिया,लाए ख़्वाबसौगात प्यारे। ख़्वाब दिखाते हैंनये इरादे,जो बन जाएखुली आँखों मेंज़िंदगी की राह हमारे। मस्तिष्क के तंतुओं मेंझंकार सी हैं,मन का पंछीउड़ता है पंख पसारे। ख़्वाब कभी सचकभी झूठ … Read more