मेघराज चल गगन में
हेमलता पालीवाल ‘हेमा’ उदयपुर (राजस्थान ) *************************************************** काले-काले मेघ कहाँ तुम चले, बिन बरसे मेरे गाँव,किधर चले नभ में किया तुमने घना अँधेरा, उमड़-घुमड़ कर तुम तो चले…l शोर मचाया गरज-बरस कर ऐसे, बारात आई हो दूल्हे की जैसे। ढोल,नगाड़े-सा शोर खूब मचाया, नभ में छा गया उत्सव यह ऐसे। नभ में दामिनी अगन बरसाए, … Read more