सीख टोपी की

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** बेटा, सुन लो आज पिता काअनमोल अनुभव, पक्का तजुर्बा,इस दुनिया में सीधे चलनाअकसर बन जाता है सबसे बड़ा गुनाह। सीधे-सादे लोग यहाँभीड़ में सबसे पहले कटते हैं,जो टोपी पहनाना जान लेवही आगे सबसे तेज़ बढ़ते हैं। मुस्कान ओढ़ो, वचन मधुर रखो,मन में कुछ और, मुख पर कुछ और,सच की गठरी घर में … Read more

अमर शहीद राम प्रसाद बिस्मिल

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** उत्तर प्रदेश का जिला शाहजहाँपुर,राम प्रसाद का जन्म खुशियाँ भरपूरतिथि ११ जून १८९७ याद रखें जरूर,महान् राष्ट्रभक्त शहीद पर करें गुरुर। प्रेरित की माँ मूलवती, पिता थे मुरलीधर,हाईस्कूल के बाद दिल में आज़ादी का गदरशिक्षा अधूरी छोड़, हो चले क्रांतिकारी सफ़र,१९ वर्ष के युवा पर ५ बार गिरफ़्तारी का … Read more

अगर पेड़ पैसों के होते…

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* अगर पेड़ पैसों के होते,हम सब मिलकर घर में बोते। जरूरत पड़ती जब पैसों की,नये-नये पेड़ों को बोते। गरीबी का तो नाम ना होता,सबके सब अमीर ही होते। खेतों में सोना उपजाते,सबके वारे-न्यारे होते। रातें तब ना काली होती,दिन सपनों से प्यारे होते। चारों तरफ हरियाली होती,‘कोरोना’ से रोग … Read more

निकली टोली

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** मकर संक्रांति पर्व है आया,घर-घर खुशियाँ खूब लाया। बच्चों की निकल गई है टोली,मांग, घर-घर लोहड़ी टोली। मूंगफली, रेवड़ी संग मिठाई,लोहड़ी गाते, मंगल बधाई। पैसे, आशीष पूर्वज बांटे,नाना-नानी प्रेम, बुलाते। दिन की अवधि थोड़ा सरके,सर्द हवाएं हौले-हौले सरके। सूरज मानो रजाई ओढ़े,बचकर सर्दी दुबक कर बैठे। घी, दूध, खिचड़ी, तिल … Read more

सदैव आजाद ‘नेताजी’

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** सदैव आज़ाद, हिन्द क्रांतिवीर ‘नेताजी’ सुभाष,गुलामी से आज़ाद, कांग्रेस से आजाद योद्धा सुभाषजापान में भारतीय कैदी किए आजाद संग्रामी सुभाष,“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” नेताजी सुभाष। २३ जनवरी १८९७ को कटक में जन्मे नेताजी सुभाष,माँ प्रभा देवी, वकील जानकीनाथ बोस के पुत्र सुभाषप्रेसीडेंसी कॉलेज, कैंम्ब्रिज विश्वविद्यालय … Read more

आँसू और खामोशी

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** आँसू जब भीआते हैं,मन को हल्काकर जाते हैं। दिल का गुबारनिकल आता है,मन शांतहो जाता है। कभी खुशी केआँसू होते हैं,कभी गम केआँसू भी होते हैं। दिल के अरमानआँसुओं में बह जाते हैं,हम खामोशी मेंरह जाते हैं। आँसू और खामोशीका घना नाता है,आँख से आँसूखामोशी में ही आता है। … Read more

पहाड़ों का सपना

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* शाम सिंदूरी-सिंदूरी अर्क में डूबीनहला रही है पहाड़ों को,दिनभर सूर्यस्नान किए पहाड़ सन गए हैंसिंदूरी वर्ण के रक्तिम फाहे सेपश्चिम की देहरी पर पसरता जा रहा है,सिंदूरी-सिंदूरी संसार। घुंघरू बाँधकर संध्या ठिठकी-ठिठकी-सी,घूम रही है पहाड़ों के इर्द-गिर्दमैं सुन रहा हूँ कदम-कदम पर पड़ती,घुंघरुओं की खनक। पाँवों में अलता लगाकर हौले-हौले पड़ते,पदचापों … Read more

सूरज सोया ओढ़ रजाई

डॉ. कुमारी कुन्दनपटना(बिहार)****************************** वृक्ष-पात से नीर झरे,धुंध ही धुंध दिखाई पड़ेहाड़ कम्पाती ठंडक आई,सोया सूरज ओढ़ रजाई। बोला अब ना निकलूंगा,अब करना मुझे विश्रामचलते-चलते थक जाता हूँ,पहर और आठों याम। सुन माँ अदिती दौड़ी आई,प्यार से कुछ बातें समझाई।उठ जा बेटा फेंक रजाई,समझ जरा तू पीड़ पराई। देख धरा पर कैसी हलचल,जीव-जंतु सब हो रहे … Read more

संकल्प को सफल बनाना है

वंदना जैनमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************ ‘स्वागत, संकल्प, संघर्ष और सफलता’ (नववर्ष २०२६ विशेष)…. विस्तृत गगन को नाप कर छोटा-सा बनाना है,स्वर को मुखर और संकल्प को सफल बनाना है। पतझड़ को झाड़ कर बसंती छटा को बिखर जाना है,राह कंटकों को पराजित कर लक्ष्य को पा जाना है। संघर्ष से तपती देह को शीतल चाँदनी में लेटाना … Read more

भारत का दिव्य पुत्र

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ एक ही कार्य हाथ में लो, उसे करके दिखलाओ,कष्ट चाहे जितने भी आए, देश का मान न मिटाओ। मन किया शिव व्रत जन्म लिया, बालक देवत्व।नाम नरेंद्र दत्त था, माँ का था वह बड़ा दुलारा। भटकते-भटकते मिल ही गए गुरु महान,इंतजार में बैठे रामकृष्ण परमहंस काली के दरबार। गुरु दिए भरपूर ज्ञान, … Read more