आओ प्रियवर

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** भांति-भांति कुसुम आगवानी,पथ बिछाये तुम्हारे हैं।जूही गुलाब कली कुमुदनी,सँग मन भी उतारे है॥आओ प्रियवर देख रहे पथमादक नैन हमारे हैं… मन सितार सप्तसूर नवरस,भरकर मधुरम मृदुल भावरस।अधरो पर लिए स्मित तरकश,मध्यम रश्मि सजाये दिलकश॥तेरे नैनों के दो जुगनू,मेरे नैनन तारे हैं।आओ प्रियवर देख रहे पथ,मादक नैन हमारे हैं… दामन सजा स्नेहिल पंखुड़ीअधखुले … Read more

वृक्ष लगाएं

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** ज्यों पालते बच्चे को हैं इसको भी पालिये,और प्यार-मुहब्बत की इसमें खाद डालिए। होकर बड़ा ये काम हमारे ही आयेगा,खाने को देगा फल ये ज़िन्दगी बचायेगा।प्राणवायु देता है ये बात मानिये,ज्यों पालते बच्चे…॥ देगा बयार शुद्ध बारिशें भी लायेगा,छाया भी देगा और प्रदूषण हटायेगा।बातों पे ध्यान दीजिए यूँ ही न टालिये,ज्यों … Read more

मौसम ने रौनक है बाँटी

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* धूम मचाती जल बरसाती, वर्षा रानी आई।आज मगन मन वृक्ष ले रहे, झूम-झूम अँगड़ाई॥ जल धरती पर पहुँच रहा है, नदियाँ हैं दीवानी,मौसम ने रौनक है बाँटी, नेहिल वर्षा रानी।तालाबों के दिन हैं बहुरे, हरियाली सुखदाई,आज मगन हो पेड़ ले रहे, झूम-झूम अँगड़ाई…॥ सागर जल से तृप्त हो गया, मेघों की … Read more

आजाद वतन

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)************************************** कोटि-कोटि इस जन्मभूमि से,भारत अपना प्यारा है।देश भक्ति की जगे भावना,दिल ने हमें पुकारा है॥ सब धर्मों के फूल खिलें हैं,हिन्द वतन के बागों में।हिन्दू-मुस्लिम गले मिलें हैं,प्रीत प्रेम के धागों में॥विविध वेशभूषा से सज्जित,देखो चमन हमारा है।कोटि-कोटि इस जन्मभूमि से… हमने आजादी है पायी,वीरों की कुर्बानी से।लालबहादुर नेता गाँधी,सच्चे … Read more

विरहाकुल गोपियाँ

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* घन श्याम अजिर में बरस रहे, सखि री! घनश्याम नहीं आए।अम्बर में शम्बर गरज रहे, चपला चमके जी घबराए॥ दूरी को सहना है मुश्किल,खो गए कहाँ प्रिय कन्हाई,मौसम पावस का आ पहुँचा,रुत है मादक पर नहिं भाई।मेघों का नर्तन है नभ में,मन भी लेता है अँगड़ाई,पर विरह आज रिपु बनकर के,करता … Read more

उठा तिरंगा हाथ वतन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) *********************************************** हम नौनिहाल भारत के बच्चे,मनाऍं आजादी पर्व यहाँ।थाम तिरंगा शान देश का,घर-घर लहराऍं सकल जहाँ॥ लहराया तिरंगा ध्वजा नभ,केसर हरित धवल राष्ट्र यहाँ।राष्ट्र गान जन गण मन प्रमुदित,हिय समरसता मुस्कान यहाँ। जीओ जीवन देश के खातिर,जल अन्न गेह ले श्वाँस जहाँ।बनो ऋणी उपकार वतन का,जिससे जीवन सुखसार यहाँ। जीना … Read more

मिलना भूल गई

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** उहापोह में बैठी हूँ मैं, क्या लिखना है भूल गयी।ऐसे डूब गई भावों में, सबसे मिलना भूल गयी॥ प्यार किया था कभी किसी से वो पल जाने कहांँ गये,खोई कोई-सी रहती हूँ ढूँढ रही आयाम नये।बीते पल की मधुर स्मृतियाँ बहुत मुझे तड़पाती है,नयन छलक जाते मेरे, जब उनकी याद सताती … Read more

धरती की सन्तान

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)****************************************** धरती की संतान सभी हैं,मिलजुल हाथ बंटाना है।नेक कर्म अपना ले प्राणी,जग में नाम कमाना है॥ बढ़ता चल इस जीवन पथ पर,रुकना नहीं निराशा में।निश्छल बहती सरिता जैसी,चलना लेकर आशा में॥दीन-दुखी गर राह मिलेंगे,संग उसे भी लाना है।धरती की संतान… हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,सब में भाईचारा हो।धरती की क्यारी लहराएँ,उपवन … Read more

लहर-लहर लहराए

डॉ. सुभाष शर्मा मेलबर्न(ऑस्ट्रेलिया) ************************************* आजादी का अमृत छलके,जी मेरा हरसाए।मेरा तिरंगा मन में मेरे,लहर-लहर लहराए॥ कफ़न बाँध कर निकल गए,थे बालक जो अभिमानीझूल गए फाँसी के फंदेबन गए वह बलिदानी।जब-जब देखूँ केसरिया तब,रोम रोम पुलकाएमेरा तिरंगा मन में मेरे,लहर-लहर लहराए॥ तोता मैना हरे-हरे,जब चहकें चारों ओर।खेतों में जब मोर नाचें,तब शोर मचे हर ओर॥जब-जब … Read more

हे! गिरिधर गोपाल

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* जन्माष्टमी विशेष…. हे! गिरिधारी नंदलाल,तुम कलियुग में आ जाओ।सत्य,न्याय रो रहे आज तो,नवजीवन दे जाओ॥ जीवन तो अभिशाप हो रहा,बढ़ता नित संताप है।अधरम का तो राज हो गया,विहँस रहा अब पाप है॥गायों,ग्वालों,नदियों,गिरि की,रौनक फिर लौटाओ,सत्य,न्याय रो रहे आज तो,नवजीवन दे जाओ…॥ अंधकार की बन आई है,है अंधों की महफिल।फेंक रहा नित … Read more