होली आई रे…
माया मालवेन्द्र बदेकाउज्जैन (मध्यप्रदेश)********************************** रंग और हम(होली स्पर्धा विशेष )… आजा आजा रे साँवरिया,हम तो होली खेलेंगे।होली खेलेंगे ओ कान्हा,तेरे संग फाग खेलेंगे॥ बरसाने की गुजरी,बन-ठन कर जब आयेगी,ललिता सखी विशाखा,राधा के संग गायेगी।फागुन की अबीर उड़ेगी,रंग चुनरिया भीगेगी,यमुनाजी के तट पर कीच मचे जी,होली खेलेंगे।आजा आजा रे साँवरिया,हम तो होली खेलेंगे,होली खेलेंगे ओ कान्हा,तेरे … Read more