जल ही जीवन
आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* जल ही कल…. पानी बिन जीवन हो कैसे, गाँठ बाँध लें बात।जल सहेजकर ध्यान धरें यह, बहे नहीं दिन-रात॥ पानी के गुण को सब जानें, यह जीवन आधार।तन पर इसकी अधिक जरूरत, यह ही है शुभ सार॥ अमृत सदा पानी जीवन में, बचत करें दें ध्यान।लापरवाही त्याग करें सब, इससे ही … Read more