श्रीराम
डॉ. अनिल कुमार बाजपेयीजबलपुर (मध्यप्रदेश)*********************************** बसते कण-कण रामराम नाम अभिराम,चरणों में सब धामपूरे हों सब काम। विष्णु के रूप रामसुबह की धूप राम,कितने अनूप रामश्याम स्वरूप राम। लक्ष्मण के प्रिय रामहनुमन के हिय राम,सिया की प्रीत रामधर्म की जीत राम। साँस का अंत राममृत्यु पर्यन्त रामसबके महंत रामसत्य का पंत राम। धर्म का सार रामशबरी … Read more