ये है कलयुग

आशा आजाद`कृतिकोरबा (छत्तीसगढ़)**************************** कलयुग का मानुष बुरा, देख खड़ा है मौन।लुटती बाला रो रही, न्याय दिलाए कौन॥न्याय दिलाए-कौन लाज है, खोती नारी।दुष्ट सोच से, नहीं रही अब, वो अवतारी॥आशा कहती, आज नहीं है, ये भावानुग।सिसक रही है, सुने न कोई, है ये कलयुग॥ कलयुग का यह हाल है, अपने रखते बैर।भाई-भाई लड़ रहे, पूछें कभी … Read more

अहं तोड़ता बंधन सारे

आशा आजाद`कृतिकोरबा (छत्तीसगढ़)**************************** अहंकार का त्याग करें हम, यह देवे अभिमान है।सभ्य मनुज का साथ छुड़ावे, नित्य घटाती शान है॥ दंभ भरें निर्जीव वस्तु का, करें व्यर्थ जो कामना।जान मनुज व्यवहार धरे निज, बीच अहं की भावना॥ विपत काल पर बिसराते सब, रखें नहीं वे भान है।अहं तोड़ता बंधन सारे, नहीं रखें संज्ञान है॥ अहं … Read more

गणतंत्र देता सभी अधिकार

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* गणतंत्र दिवस : देश और युवा सोच… रचना शिल्प:मापनी २२१ २२२ २२१ २२२ १२ तगण मगण तगण मगण लघु गुरु (लगा) झंडा रहे ऊँचा, आकाश में यूँ शान से।माँ भारती देती, आशीष भी सम्मान से॥ झंडा हमारा है, संसार में न्यारा यही।बन्धुत्व फैलाए, नेकी सिखाता है वही॥ देता सुरक्षा है, आपात … Read more

सूर्यदेव-वंदना

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* मकर संक्रांति विशेष… दिव्य दिवाकर,नाथ प्रभाकर, देव आपको, नमन करूँ।धूप-ताप तुम,नित्य जाप तुम, करुणाकर हे!, तुम्हें वरूँ॥नियमित फेरे,पालक मेरे,उजियारा दो, पीर हरो।दर्द लड़ रहा,पाप अड़ रहा,नेह करो हे!, शक्ति भरो॥ सबको वरते,जगमग करते,हे ! स्वामी तुम, सकल धरा।मन है गाया,जीवन पाया,नवल ताज़गी, लोक वरा॥तुम भाते हो,मुस्काते हो,जीव सभी ही, प्राण वरें।धूप … Read more

करें पुण्य काज

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* मकर संक्रांति विशेष…. बेला है सुहानी आजकरें सभी पुण्य काज।मकर संक्रांति पर्वखुशी से मनाइए॥ रवि हैं उत्तरायणभजो सभी नारायण।रेवड़ी गजक खाएंशीत से बचाइए॥ प्रेमयुक्त डोर हाथपतंग उड़ाएं साथ।दीनों की मदद करखुशी बिखराइए॥ माघ का महीना आयागुड़ की मिठास लाया।खाओ खूब पचे सबस्वास्थ्य बनाइए॥ परिचय-पेशे से अर्द्ध सरकारी महाविद्यालय में प्राचार्य (बांदीकुई,दौसा) … Read more

हृदय जगत की शान हिंदी

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* हिन्दी की बिन्दी… भारत सुंदर देश, मातृभाषा है हिंदी।मस्तक शोभित श्रेष्ठ, लगे हो जैसे बिंदी॥भारत माता मान, यही है शान हमारी।मृदुवाणी शुभ बोल, सभी को लगती प्यारी॥ हृदय जगत की शान, भावना सुंदर देती।मृदुवाणी शुभ सार, द्वेष नित यह हर लेती॥सुन मिलता आनंद, भावना अमिट समाए।कलम गढ़ें शुभ छंद, सृजन से … Read more

पूजे गणतंत्र सर्व

पायल अग्रवालमुजफ्फरपुर (बिहार)******************************* भारत का संविधान, करते हम आज मान, बनता है देश शान, न्याय सभी पाते।लाल किले साज बोल, सबके दु:ख गांठ, खोल, भारतीय मान मोल, राष्ट्रगान गाते॥ देख संविधान रंग, रहते सब आज संग,रहे देशद्रोह तंग, देश छोड़ भागे।करे सभी देश गर्व, माने सब उच्च पर्व,पूजे गणतंत्र सर्व, राष्ट्र प्रेम जागे॥ मौलिक मिला … Read more

है जहर बाल विवाह

पायल अग्रवालमुजफ्फरपुर (बिहार)******************************* है जहर बाल विवाह,कैसे हो अब निबाह,भरते सब दर्द आह,सत्य कथन जानो।सुन बेटी की पुकार,करती तुमसे गुहार,गलती करना सुधार,बात सभी मानो॥ बढ़ता है भूमि ताप,क्यों करते आज पाप,देख सुता प्रेम नाप, माँ की ये प्यारी।सपने होते हजार,शिक्षा देना अपार,सुन मन की तुम कहार, लगती है न्यारी॥ बनती जग की शिकार,करना अब तुम … Read more

नव शुरुआत करें

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* नया उजाला-नए सपने… रचनाशिल्प:मापनी-१२२ २२२ २२२ २२१ १२ यगण मगण, मगण तगण लघु गुरु (लगा) पुरानी यादों में,गाएंगे संगीत नया।तराना छेड़ेंगे,आया है ये वर्ष नया॥ खिलें सबके तन-मन,खुशियाँ ही बस साथ रहे।सुखी हो ये जीवन,संकट कोई भी न रहे॥ भरी हो नव ऊर्जा,मिलकर सब नवकाज करें।नया चिंतन सबका,सबमें नव उम्मीद भरे॥ … Read more

दिव्य दिवाकर

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* दिव्य दिवाकर,नाथ प्रभाकर, देव आपको, नमन करूँ।धूप-ताप तुम,नित्य जाप तुम,करुणाकर हे!, तुम्हें वरूँ॥नियमित फेरे,पालक मेरे,उजियारा दो, पीर हरो।दर्द लड़ रहा,पाप अड़ रहा,नेह करो हे!, शक्ति भरो॥ सबको वरते,जगमग करते,हे! स्वामी तुम, सकल धरा।मन है गाया,जीवन पाया,नवल ताज़गी, लोक वरा॥तुम भाते हो,मुस्काते हो,जीव सभी ही, प्राण वरें।धूप लुभाती,मौसम लाती,किरणें सबका, शोक हरें॥ … Read more