महा तपस्वी ऋषि प्रवर
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अक्षत जल चन्दन कुसुम, पूजें जगदाधार।पावन अक्षय तृतीया, परशुराम अवतार॥ लक्ष्मीश्वर पूजन करें, मिले जगत सुखसार।नर नारायण रूप में, विष्णु लिये अवतार॥ परशुराम क्रोधी प्रवर, श्रीश विष्णु अवतार।किया धरा क्षत्रिय रहित, कुल हैहय संहार॥ महा तपस्वी ऋषि प्रवर, परशुराम बलवान।सर्जक पालक सृष्टि हरि, संहारक शैतान॥ अहंकार क्षत्रिय दमन, परशुराम … Read more