बाबा साहब श्रेष्ठ

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* बाबासाहब श्रेष्ठ थे, किया उच्चतर काम।जिनके संग हरदम रहें, गौरवमय आयाम॥ संविधान का कर सृजन, दी हमको पहचान।बाबासाहब दे गए, हमको चोखी शान॥ बाबासाहब ज्ञान थे, रखा हमारा मान।विधि में हम आगे बढ़े, हुए पूर्ण अरमान॥ संसद के गौरव बने, सामाजिक उजियार।बाबासाहब ने दिया, मानवता का सार॥ बाबासाहब चेतना, जन-जन के … Read more

मेरे भोलेनाथ

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)****************************************************** नन्दी बैल सवार शिव, गौरा माता साथ।चले धाम कैलाश को, मेरे भोले नाथ॥ मेरे भोलेनाथ प्रभु, विनती कर स्वीकार।हर संकट बाधा हरो, आया तेरे द्वार॥ मेरे मन की कामना, सुन लो भोलेनाथ।दर्शन की आशा लिए, जोड़ूँ दोनों हाथ॥ शंकर के दरबार में, जाकर देखो आप।मिट जाएँगे कष्ट सब, जपो ॐ … Read more

सत्य अहिंसा मूर्ति

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* महावीर जयंती विशेष… सत्य अहिंसा मूर्ति जो, ओत-प्रोत तप योग।चौबीस तीर्थंकर प्रभो, तजे जगत सुखभोग॥ धीर विनय त्रिशला तनय, नाम रखा सिद्धार्थ।राजपुत्र तज राज्य को, चला ख़ोज सत्यार्थ॥ वर्द्धमान अतिवीर कुल, महावीर मतिमान।वैशाली जन्मे प्रभो, गाँव बसाढ़ महान॥ शुक्ल त्रयोदश चैत्र में, क्षत्रिय वंश कुमार।ईसापूर्व छठी सदी, जन्मे प्रभु … Read more

राम नाम यशगान

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* राम नाम है वंदगी, राम नाम यशगान।राम नाम सुख-चैन है, नित्य धर्म का मान॥ राम नाम तो ताप है, राम नाम में साँच।राम नाम यदि संग तो, कभी न आती आँच॥ राम नाम सुख से भरा, राम नाम रसधार।राम नाम आराध्य तो, महके नित संसार॥ राम मोक्ष हैं,दिव्य हैं, जग के … Read more

सुमिरन शिव नाम

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)****************************************************** श्री शिवाय नमस्तुभ्यम (भाग-२)… इक लोटा जल ले चलो, बेल पत्र भी साथ।करो समर्पित प्रेम से, खुश फिर भोलेनाथ॥ शिव शंकर आराधना, करो सुबह अरु शाम।महादेव आशीष से, बनते बिगड़े काम॥ शिव महिमा गुणगान में, बीते उम्र तमाम।तन मेरा कैलाश हो, मन मेरा शिव धाम॥ डमरू की आवाज से, गूँज … Read more

तज दो मदिरापान

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* तज दो मदिरापान तुम, वरना हो अवसान।मदिरा से दूरी रहे, तब ही हो उत्थान॥ बहुत बड़ा अभिशाप है, यह जो मदिरापान।तन को जो दूर्बल करो, हर लेता सम्मान॥ मदिरापानी लोग तो, होते हैं नाकाम।जीवन मुरझाता सदा, असमय आती शाम॥ धन हर लेता,रोग दे, मदिरा करती नाश।जागें सारे लोग अब, समझें-बूझें काश॥ … Read more

माँ दुर्गा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* माता जगदम्बे नमन्, सदा झुका मम् माथ।जननी तेरा नित रहे, मेरे सिर पर हाथ॥ नौ रूपों में आप तो, रहतीं हरदम भव्य।रोशन तेरी दिव्यता, महिमा हर पल श्रव्य॥ साँचा है दरबार माँ, है कितना अभिराम।जिसने भी श्रद्धा रखी, बनते उसके काम॥ मातारानी नेहमय, देती हैं आलोक।सिंहवाहिनी की दया, करे परे हर … Read more

सवाल

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* जीवन एक सवाल है, जिसका नहीं जवाब।उलझा रहता है सदा, रहे मनुज बेताब॥ जीवन में हर रोज ही, आते नए सवाल।इनसे लड़ना है हमें, चलके अपनी चाल॥ जीवन की मजबूरियां, बनती एक सवाल।दूर इन्हें करना हमें, हिम्मत से हर हाल॥ डरना नहीं सवाल से, ढूंढे सही जवाब।देखें जीवन में सदा, नित्य … Read more

फल यहीं मिलता सदा

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’कानपुर(उत्तर प्रदेश)********************************************* उल्टे-सीधे छोड़ कर, दुनिया के व्यापार।जीवन को नित दीजिए, सेहत का उपहार॥ मानवता को कर रहे, हर रोज़ खण्ड-खण्ड।जो फैलाते फिर रहे, कदम-कदम पाखण्ड॥ किस मुँह से जनता कहे, उसको फिर सरकार।सेवा-सुश्रुषा भूल कर, करती जो व्यापार॥ दुष्कर्मों का फल यहीं, मिलता सदा जनाब।करता जो भी है बुरा, झेले … Read more

छल-बल का परित्याग

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* छल-बल में क्या रखा, ये लाते दुष्परिणाम।पतन सुनिश्चित ये करें, हैं दु:ख के आयाम॥ छल-बल मात्र प्रपंच हैं, बचना इनसे आज।वरना तय होगा यहाँ, झूठ-कपट का राज॥ छल-बल तो अभिशाप हैं, नीचा करें चरित्र।इनसे बिगड़े है मनुज, होता थोथा चित्र॥ छल-बल को त्यागो अभी, तभी बनेगी बात।वरना जीवन को समझ, ख़ुद … Read more