दो अच्छे संस्कार
अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’कानपुर(उत्तर प्रदेश)********************************************* सर्दी सबको आजकल, सता रही दिन-रात।उत्तर से आती हवा, देती है आघात॥ सोते-जगते रात-दिन, करना है गुणगान।सबकी सुनता है सदा, अपना रब रहमान॥ अपनी ही औलाद पर, चलता तनिक न जोर।हर सू लव जेहाद का, मचा रहे हैं शोेर॥ चाहे जितने हों बड़े, निपटें सभी विवाद।रिश्तों को रखता सही, … Read more