वाणी में हो सादगी
डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* वाणी मृदु अरु सौम्य हो, लगे सुहाने बोल।बोलें जब भी हम कभी, पहले लेवें तोल॥ वाणी कटुक न बोलिए, करें नहीं यह पाप।मुख में मीठे बोल हो, मिटे सभी संताप॥ वाणी में हो सादगी, सरल रहे व्यवहार।वही मनुज इस सृष्टि में, जीवन का आधार॥ मरहम वाणी से लगे, करती वाणी घाव।जो … Read more