देव दीपावली
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) *********************************************** काशी गंगा वाहिनी, करे नाश सब पाप।दीपक जगमग ज्योति तट, जले पाप संताप॥सकल देव रनिवास यह, शूलपाणि रख शूल।काशी वासी शिवमयी, भक्ति प्रेम सुख मूल॥ विश्वनाथ महती कृपा, नारायण प्रभु वास।सत्य न्याय तप साधना, काशी ब्रह्म सुहास॥ मोक्ष द्वार जीवन मनुज, गंगा तट सुखसार।भवसागर से मुक्त हों, बन्धन लोक … Read more