कविता में है चेतना
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* कविता में है चेतना, मानवता के भाव।कविता करती जागरण, दे जीने का ताव॥ कविता जीवनगीत है, करुणा रखती संग।कविता शब्दों से बने, परहित के ले रंग॥ कविता इक अहसास है, प्यार बढ़ाती नित्य।कविता उजियारा करे, बनकर के आदित्य॥ कविता कहती पीर को, करती मंगलगान।कविता सच्चाई कहे, पाले नित अरमान॥ कविता जीवन-छंद … Read more