महाप्रयाण
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* सुरों की अमर ‘लता’ विशेष-श्रद्धांजलि… कोकिली कंठी गायिका,छोड़ गई,हम मौन।ऐसा स्वर अब है कहाँ,रस छलकाए कौन॥ नाम लता था,जान लें,जो थीं इक उपहार।सदियों में पाता कभी,वर ऐसा संसार॥ मातु शारदे रूप थीं,वीणा का अवतार।ताल,वाद्य सब उर बसे,हर लय थी साकार॥ बनकर भारत की रतन,बनीं सदा सिरमौर।गूँजी स्वरलहरी सतत,कोई भी हो … Read more