चाय वरदान
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* चाहत सबको चाय की, पीने का अरमान।चाय आज तो हो गई, हर जन को वरदान॥ चाय मिले तो ताज़गी, वरना सब बेकार।चाय मनुज को दे रही, तम में भी उजियार॥ चाय हर जगह चल रही, सभी जगह है चाह।बिना चाय के काम की, नहीं निकलती राह॥ सुबह जगो तो चाय है, … Read more