नारी शक्ति का नया युग और चुनौतियाँ

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** नारी:संघर्ष, शक्ति, समाज और सफलता…. मानव सभ्यता के विकास की कथा में यदि किसी शक्ति ने सबसे अधिक सृजन किया है, तो वह नारी शक्ति है। वह जीवन की जननी है, संस्कृति की वाहक है और समाज की संवेदनशील आत्मा है। भारतीय परम्परा ने नारी को केवल एक सामाजिक भूमिका तक सीमित … Read more

आग का दरिया:क्या होगा भविष्य

डॉ. शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** २८ फरवरी २०२६ की वह रात मध्य-पूर्व के इतिहास में एक ऐसे मोड़ के रूप में दर्ज होगी, जिसे आने वाली पीढ़ियाँ शायद ही भुला सकें। ठीक रात २ बजकर ३० मिनट पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक ८ मिनट का वीडियो बयान … Read more

बहुआयामी हैं कामकाजी महिलाओं की समस्याएं

पूनम चतुर्वेदी शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)************************************** भारतीय समाज में जब कोई महिला यह निर्णय करती है, कि वह घर की चहारदीवारी से बाहर निकल कर कार्यस्थल पर अपनी प्रतिभा और परिश्रम से जीवन का निर्माण करेगी, तो यह निर्णय केवल आजीविका का नहीं, एक समग्र जीवन-दर्शन का, एक साहसिक चुनाव का प्रतीक होता है। वह महिला जानती … Read more

बिहार:सत्ता परिवर्तन विकास या विचलन!

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मोड़ उस समय सामने आया, जब राज्य के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतिश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने का निर्णय स्वीकार किया और इसके लिए नामांकन भी दाखिल कर दिया। उनके नामांकन के अवसर पर देश के गृह मंत्री का पटना … Read more

परम्परा के रंग में डूब कर तो देखो…

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ होली विशेष… भारतीय संस्कृति का अनुपम और पावन पर्व होली केवल रंगों का उत्सव नहीं है, वरन दिल की कटुता को भूलकर रिश्तों में मिठास घोलने का सुअवसर है। यह पर्व हमें सिखाता है, कि जीवन का सौंदर्य बाहरी आडम्बर में नहीं, वरन् संबंधों की मधुरता, मन की निर्मलता और व्यवहार की … Read more

दिल्ली शराब नीति:न्याय की जीत या देर से आई राहत ?

पूनम चतुर्वेदी शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)************************************** २७ फरवरी को दिल्ली की एक विशेष अदालत ने एक ऐसा फैसला सुनाया, जिसने भारतीय राजनीति की दुनिया को हिलाकर रख दिया। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को दिल्ली शराब नीति घोटाले में बरी कर दिया गया। यह वह मामला था जिसने पिछले … Read more

शांति ही बदलती दुनिया की अनिवार्य अपेक्षा

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** नई बनती दुनिया का चेहरा जितनी तेजी से बदल रहा है, उतनी ही तेजी से वैश्विक असुरक्षा की भावना भी गहराती जा रही है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता टकराव केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं है, बल्कि वह ऐसे वैश्विक असंतुलन का संकेत है; जिसमें शक्ति संतुलन की पुरानी व्यवस्थाएं टूट … Read more

भारत में हैं एआई ‘महाशक्ति’ बनने की पूरी संभावनाएँ

डॉ. शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** कृत्रिम मेधा (एआई) का युग केवल तकनीकी परिवर्तन का दौर नहीं है; यह वैश्विक शक्ति-संतुलन के पुनर्निर्माण का समय भी है। औद्योगिक क्रांति ने जिन देशों को आर्थिक नेतृत्व दिया, डिजिटल क्रांति ने जिन देशों को तकनीकी प्रभुत्व दिलाया, उसी क्रम में एआई क्रांति उन देशों को अगली वैश्विक बढ़त देगी, … Read more

हम सामाजिक उत्तरदायित्व भूलते जा रहे ?

पूनम चतुर्वेदी शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)************************************** भारत स्वयं को विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहता है। हमारी सांस्कृतिक परंपरा ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ जैसे आदर्शों पर आधारित रही है। परिवार, पड़ोस, ग्राम सभा और समुदाय-ये केवल सामाजिक इकाइयाँ नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व की जीवित संरचनाएँ थीं, परंतु पिछले कुछ वर्षों की अनेक घटनाएँ और उपलब्ध आँकड़े … Read more

गंदगी बनाम अश्लीलता को रोकना ही होगा

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** समाज में कोई भी माध्यम हो, किसी भी स्तर पर गलत प्रचार सामग्री बनाम अश्लीलता को अस्वीकार किया जाना बहुत आवश्यक है, फिर चाहे वो ओटीटी पर परोसी जा रही गंदगी ही क्यों नहीं हो। अभिव्यक्ति की सीमा के नाम पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय करना बहुत जरूरी है, वरना … Read more