सामाजिक सुरक्षा का कवच और समावेशी विकास का उजाला

ललित गर्गदिल्ली*************************** किसी राष्ट्र की प्रगति का वास्तविक मूल्यांकन केवल उसकी आर्थिक विकास दर, विशाल औद्योगिक परियोजनाओं, आधुनिक तकनीक, विदेशी निवेश और ऊँची प्रति व्यक्ति आय से नहीं किया जा सकता। विकास की सार्थकता तब सिद्ध होती है, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी जीवन की अनिश्चितताओं से सुरक्षा मिले, श्रमिक … Read more

मन की बुरी प्रवृत्तियों पर विजय पाना ही दशहरे का सही आनंद

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)****************************** भीतर का रावण (विजयादशमी विशेष) … विजयादशमी के दिन मैदान सजते हैं मेले लगते हैं, रामलीला होती है, और शाम होते ही रावण एवं कुंभकरण के विशाल पुतले आग की लपटों में बदल जाते हैं। रावण और कुंभकरण का पुतला जला कर हम तत्काल खुश हो जाते हैं, परंतु क्या यह आभासी … Read more

कर्मशीलता, आशा और सृजनशीलता की प्रेरणा है ‘दशहरा’

ललित गर्गदिल्ली**************************** भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उसने जीवन के उत्सवों को केवल आनंद और उल्लास तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें आत्मचिंतन, साधना, संस्कार और जीवन-परिवर्तन का माध्यम बनाया है। यहाँ प्रत्येक पर्व अपने भीतर कोई न कोई शाश्वत संदेश समेटे हुए है। दशहरा अथवा विजयादशमी ऐसा ही प्रेरणाप्रद पर्व … Read more

तानाशाही के लक्षण दिखाता भारतीय लोकतंत्र ?

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)*********************************** लोकतंत्र की वास्तविक परीक्षा चुनाव जीतने में नहीं, बल्कि सत्ता में आने के बाद असहमति को स्वीकार करने में होती है। किसी सरकार को बहुमत मिलने से यह अधिकार नहीं मिल जाता, कि वह नागरिकों की आवाज दबा दे, आलोचकों को शत्रु समझे या प्रशासनिक शक्तियों का उपयोग विरोध समाप्त करने … Read more

उपासना के साथ स्वयं को संस्कारित करें

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)*************************************** नवरात्र में हम सभी पूजा-पाठ बहुत साफ-सुथरे ढंग से करते हैं। सभी प्रकार के सामान की व्यवस्था करते हैं एवं माँ की उपासना में खुद को डुबो देते हैं। माँ जगदम्बा के नौ रूपों से वातावरण खुशनुमा हो जाता है, चारों तरफ घर-मंदिर से माँ के मंत्र गूंजते हैं, लेकिन उपासना का … Read more

नवरात्र:करें ९ बदलाव से नई शुरुआत

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)****************************** माँ की कृपा के रंग (नवरात्रि विशेष)… नवरात्र में देवी के नौ रूपों नवदुर्गा की पूजा आराधना की जाती हैशैलपुत्री – पर्वतराज हिमालय की पुत्री ब्रह्मचारिणी – तपस्या और ब्रह्मचर्य धारण करने वाली चंद्रघंटा – जिनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है। कूष्मांडा – अपनी मुस्कान से ब्रम्हांड की रचना करने वालीस्कंदमाता –भगवान् … Read more

सुहागिन की साड़ी

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)*************************************** यह तो सही है कि स्त्री सुंदर होती है, चंचल होती है, इसलिए फैशनेबल भी होती है, पर क्या हर स्त्री मन से प्रसन्न और समझदार होती है ? हाँ, होती भी है, पर बहुत कम।वह भी ऐसी ही थी। एक-एक बर्तन जोड़कर उसने अपना घर बसाया था। पढ़ी-लिखी तो वह बहुत … Read more

सत्ता की स्तुति नहीं, सत्ता से सवाल चाहिए

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)*********************************** अच्छा पत्रकार वह नहीं, जो बड़े नेताओं के साथ तस्वीर खिंचा कर फेसबुक पर पोस्ट करे, बल्कि वह है जो बड़े नेताओं की अच्छी से खिंचाई करती हुई रिपोर्ट को पोस्ट करे — यह एक वाक्य आज की पत्रकारिता की सबसे बड़ी और सबसे कड़वी सच्चाई बन गया है। फेसबुक खोलिए, … Read more

संवेदना हीन समाज

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)**************************************** मन कभी-कभी अधीर हो जाता है। व्याकुलता की सारी हदें पार कर जाता है। भाव-विभोरन  होकर मन एकदम अकेला, तन्हा और बेरूखा-सा हो जाता है। तब सारी कटी-कड़वी बातें याद आती हैं — कैसे, किसने अपमानित किया, सताया, किस तरह से तोड़ा, अकेला और तन्हा छोड़ दिया।    आजकल या कहें तो पिछले … Read more

भक्ति की शक्ति का रंग है नवरात्रि पर्व

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* माँ की कृपा के रंग (नवरात्रि विशेष)… माँ शक्तिशाली शेरावाली, जिसकी स्तुति-पूजा हम सभी करते हैं, इस भक्ति आराधना के महापर्व नवरात्रि पर हम भक्तों पर देवी कृपा का हर रंग का आनंद हमें मिलता रहे। मनुष्य का यह जीवन बिना शक्ति एवं मातृ आराधना के अधूरा ही है, तो … Read more