समय का फेर
डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)***************************************** वह नगर की सबसे बड़ी पत्र- पत्रिकाओं की दुकान थी। पूरी दुकान पत्र-पत्रिकाओं और उपन्यासों से सजी हुई थी। अंदर, मालिक का केबिन बना था और उसके बाहर एक सोफा रखा था। केबिन के बाहर मालिक का निज सचिव बैठा था। साधारण-सी वेशभूषा में एक सज्जन आए।उन्होंने अपना नाम एक … Read more