हमारे संस्कारों की जड़ पितर ही
नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)****************************** पितर ही हमारे जीवन में संस्कारों की नींव हैं। बड़े वृक्ष चाहे कितने ही ऊँचे क्यों न हों, उनकी जड़ें धरती में ही होती हैं; उसी प्रकार हमारे संस्कारों की जड़ हमारे पितरों और पूर्वजों में होती है। उनके दिए हुए संस्कार ही जीवन में हमारे काम आते हैं। संस्कार एक … Read more