स्वतंत्रता का अतीत और वर्तमान परिदृश्य

डॉ. विद्या ‘सौम्य’प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)************************************************ आज़ादी….और आज हम (१५ अगस्त विशेष)… “स्वतंत्रता का अर्थ केवल बेड़ियों का टूटना नहीं है, बल्कि एक ऐसा जीवन है जो दूसरों की स्वतंत्रता का सम्मान और संवर्द्धन करता है।”  नेल्सन मंडेला।     स्वतन्त्रता या आजादी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि मनुष्य की मूल प्रवृत्ति, उसकी आत्मा की आवाज और उसके … Read more

राष्ट्रीय एकता और चेतना की प्रेरणा लें विभाजन विभीषका से

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)******************************** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने २०२१ में ‘विभाजन विभीषका स्मृति दिवस’ मनाने की घोषणा करके उन लाखों लोगों के संघर्ष, बलिदान और विस्थापन के दर्द को राष्ट्रीय स्मृति का हिस्सा बना दिया है, क्योंकि आज की पीढ़ी उस दर्द की पीड़ा से अनजान है। विभाजन के उस दर्द को जानने के लिए हमें … Read more

लोकतंत्र, न्यायपूर्ण सिद्धांत और संयुक्त प्रतिबद्धता है स्वतंत्रता दिवस

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)******************************** आजादी… और आज हम (१५ अगस्त विशेष)…. १५ अगस्त हमारे देश के इतिहास की सबसे भाग्यशाली और महत्वपूर्ण तारीख है। लगभग २०० साल के बाद हमारे देश भारत को अँग्रेजी हुकूमत के अत्याचार और गुलामी से इस दिन ही पूर्ण रूप से आजादी मिली थी। यह दिन सभी भारतीयों के लिये बहुत खास … Read more

बलिदानियों से मिली आजादी

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)***************************************** आजादी… और आज हम (१५ अगस्त विशेष)… आजादी और आज हम के अंतराल में हम जिनकी वजह से सुखी हैं, वे हैं ‘हमारे’ बलिदानी, जो देश के लिए न्योछावर हुए। देश के अलग-अलग प्रान्तों में जन्मे वीरों ने अपनी-अपनी भूमिका निभाई थी।कई वीरों के नाम हैं, उनमें एक जानकारी के मुताबिक ऐसे … Read more

आत्मनिर्भरता से विकसित भारत की ओर आजादी की उड़ान

ललित गर्गदिल्ली******************************* आजादी… और आज हम (१५ अगस्त विशेष)… १५ अगस्त भारत के राष्ट्रीय जीवन का वह गौरवपूर्ण दिन है, जब हमारी धरती ने पराधीनता की लंबी रात के बाद स्वतंत्रता का सूर्य देखा था। २०२६ में हम स्वतंत्रता का ८० वां दिवस मना रहे हैं। यह केवल अतीत के गौरव को याद करने का … Read more

स्वतंत्रता का अर्थ है एक बेहतर भारत की ओर

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)************************************* स्वतंत्रता दिवस विशेष…. हर साल १५ अगस्त केवल तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान गाने और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का दिन नहीं है। यह वह अवसर है, जब एक राष्ट्र अपने वर्तमान को देखता है-यानी कहाँ जाना है, अपनी कमियों पर विचार करता है-यानी क्या गलती हुई है, और भविष्य की दिशा … Read more

तिरंगा हर घर पहुँचे, ‘वंदे मातरम्’ हर हृदय में गूंजे

संदीप ‘सृजन’उज्जैन (मध्यप्रदेश)******************************************** स्वतंत्रता दिवस विशेष… राष्ट्रीय ध्वज किसी राष्ट्र की पहचान भर नहीं होता, वह उसकी सामूहिक चेतना, इतिहास और स्वाभिमान का प्रतीक होता है। भारत का तिरंगा भी हमारे लिए केवल ३ रंगों और अशोक चक्र से निर्मित ध्वज नहीं, बल्कि स्वतंत्रता के संघर्ष, असंख्य बलिदानों और एक बेहतर राष्ट्र के सपने का … Read more

मानवता के सामने सबसे बड़ा खतरा ?

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)************************************ कुछ वर्ष पहले तक दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा परमाणु बम को माना जाता था। आज भी यदि किसी देश के पास परमाणु हथियार हैं, तो दुनिया चिंतित हो जाती है लेकिन अब एक नई शक्ति तेजी से विकसित हो रही है, जिसका नाम है कृत्रिम मेधा (एआई)। यह तकनीक … Read more

जनता को सुनना होगा लोकतंत्र में

ललित गर्गदिल्ली******************************* जंतर-मंतर से उठी हाल की युवा आवाजों ने भारतीय लोकतंत्र के सामने कई नए प्रश्न खड़े किए हैं। आंदोलन को लेकर समाज में २ मत हो सकते हैं, आंदोलन की शैली, नेतृत्व और उसके राजनीतिक इस्तेमाल पर भी बहस हो सकती है, लेकिन एक बुनियादी सत्य से कोई इनकार नहीं कर सकता कि … Read more

स्वयं बदलें और भारत को शिखर तक पहुँचाएँ

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* भारतीय संस्कृति में सावन केवल वर्षा ऋतु का एक महीना नहीं, बल्कि प्रकृति, अध्यात्म, प्रेम, लोकजीवन, त्याग और नवसृजन का उत्सव है। सावन आते ही धरती हरित वस्त्र धारण करती है, आकाश मेघों से भर जाता है और रिमझिम वर्षा जीवन में नई उमंग भर देती है। इसी सावन … Read more