यह आरोप कहां तक सही ?

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** लड़के ने तस्वीर माँगी और आपने दे दी,लड़के ने मोबाइल नंबर माँगा और आपने दे दिया, लड़के ने वीडियो कॉल के लिए कहा और आपने कर लिया, लड़के ने मिलने के लिए कहा और आप माता-पिता को धोखा देकर मिलने चली गई, लड़के ने पार्क में बैठकर आपकी प्रशंसा करते हुए आपको … Read more

कर्म को ही धर्म और मानव मूल्यों को समझने की जरूरत

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** आनंद लूट ले बंदे, तू प्रभु की बंदगी का,न जाने छूट जाए, कब साथ जिंदगी का।क्या धर्म का यही मर्म है कि प्रभु की बंदगी करते रहो। अजी आपने गलत समझ लिया।प्रभु की बंदगी का मतलब यह नहीं है कि उनके चित्र रखकर पूजा-पाठ करते रहो। यह तो कोरा दिखावा है। प्रभु … Read more

बढ़ती जनसंख्याःक्या-क्या करें

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* संयुक्त राष्ट्र संघ की ताजा रपट के मुताबिक दुनिया की आबादी ८ अरब से भी ज्यादा हो गई है। पिछले ५० साल में दुनिया की जनसंख्या जितनी तेजी से बढ़ी है, पहले कभी नहीं बढ़ी। अभी तक यही समझा जा रहा था कि चीन दुनिया का सबसे बड़ी आबादीवाला देश है, लेकिन … Read more

अपने विनाश को रोक लो, नहीं तो…

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** अंतरराष्ट्रीय मांसहीन दिवस (२५ नवम्बर)विशेष… वर्तमान समय में रहन-सहन एवं खान-पान में काफी परिवर्तन हुआ है। लोगों ने तमाम प्रकार के जंक फूड के साथ-साथ अनेक जानवरों के मांस को भी खाना प्रारम्भ कर दिया है। मांसाहार हमेशा से ही मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रहा है, यह लोगों में कैंसर, मधुमेह, रक्तचाप, … Read more

जलवायु संकट:अमीर देशों की उदासीनता खतरनाक

ललित गर्गदिल्ली************************************** जलवायु परिवर्तन के संकट से निपटने के लिए अमीर एवं शक्तिशाली देशों की उदासीनता एवं लापरवाह रवैया एक बार फिर मिस्र के अंतरराष्ट्रीय जलवायु शिखर सम्मेलन में देखने को मिला है। दुनिया में जलवायु परिवर्तन की समस्या जितनी गंभीर होती जा रही है, इससे निपटने के गंभीर प्रयासों का उतना ही अभाव महसूस … Read more

भाषा संयम खोती राजनीति

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’कानपुर(उत्तर प्रदेश)********************************************* इस सत्य को कोई भी नकार नहीं सकता है कि, जिस समाज की भाषा में सभ्यता होती है, उस समाज में भव्यता और दिव्यता होती है। किसी चुनाव से पहले धुआँधार प्रचार के ज़रिए मतदाता तक पहुँचने के चक्कर में आज राजनीति अपना भाषा संयम खोती चली जा रही … Read more

साहस से ही संसार की राह

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* साहस-उत्साह-हिम्मत…. साहस-उत्साह हर जीव के लिए एक आवश्यक मानसिक शक्ति, विचार या आत्म प्रदत्त भाव या बल है, जो शारीरिक बल में या परिस्थितियों में बलहीन होने पर भी व्यक्ति विशेष से बडे़-बडे़ कार्य करवाता है। यह हर व्यक्ति में अलग-अलग, हर बच्चे, युवा, बुजुर्ग, हर स्त्री-पुरूष के लिए विभिन्न … Read more

महत्वपूर्ण सवाल ‘हम कब सुधरेंगे ?’

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** श्रद्धा हत्याकांड… अभी कुछ दिन से जो पढ़ने में आ रहा है, वह यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि क्याहमारी पीढ़ी अपने बच्चों के लिए सही फैसले ले रही है ? बात कड़वी लगे तो लगे, पर आज इन हिन्दू बच्चियों की इस हालत की जिम्मेदार इनकी वो तथा … Read more

दोष राहुल का नहीं, पट्टी पढ़ाने वालों का

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* राहुल गांधी की अच्छी-खासी भारत-यात्रा चल रही है, लेकिन पता नहीं क्या बात है कि वक्त-बेवक्त उसमें वे पलीता लगवा लेते हैं। पहले उन्होंने जातिय-जनगणना के सोए मुर्दे को उठा दिया, जिसे उनकी माता सोनिया गांधी ने खुद दफना दिया था और अब उन्होंने महाराष्ट्र में जाकर वीर सावरकर के खिलाफ बयान … Read more

समाज के लिए यह सम्बन्ध ठीक नहीं

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** हिंदुस्तान के माथे पर आज एक और कलंक आफताब और श्रद्धा की ‘लिव इन रिलेशनशिप’ की कहानी के दर्दनाक अन्त से लगा है। आज के इस अंध आधुनिकता के दौर में हमारी युवा पीढ़ी पश्चिम की अति स्वतंत्र प्रिय सभ्यता को अपनाने में उतारू है और उसी पागलपन के नशे में … Read more