मन की बात
डॉ.सरला सिंह`स्निग्धा`दिल्ली************************************** मन की कई बातें सखी कहते नहीं।अपने-पराये की कभी सहते नहीं॥ सब पर नहीं होता असर इस पीर का।सबको सुना कर अश्रु अब बहते नहीं॥ लगता समय संवेदना से ये रहित।पर हाथ को कोई यहाँ गहते नहीं॥ अब क्या कहा जाये सखी इस दौर को।भागे सभी जाते यहाँ थकते नहीं॥ फुटपाथ पर कोई … Read more