कब कर दें धराशाई

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ मुसाफिर अपनी गठरी बांध,चल रहा तू अपनी हर चालसमय का खेल होता है अलबेला,ऊँची उड़ान को कब कर दें धराशाई। तू सोचता है तेरे से ज्यादा समझदार और कोई नहीं,पर भूल जाता है तुझे बनाने वाले को सब पता हैक्यों ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती,ऊँची उड़ान को … Read more

तपोवन के पेड़

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* ब्रम्हगिरी के शिव से कलकल बह निकली, पावन गोदावरी गंगा है,गोदा के तट पर वनचरी विराजीत शोभित, जैसे माँ भारती का तिरंगा हैदण्डकारन्य का सबसे पवित्रतम भाग तपोवन, जो रामरंग से रंगा है,सुना है कुम्भ के चलते वृक्षों क़ो लेकर, मच रहा बहुत ही दंगा है। अरे! तुम क्या जानो एक … Read more

लड़कियाँ व सोशल मीडिया

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** लड़कियाँ सोशल मीडिया पर हैं,वो नए युग की एक दस्तक हैं। लड़कियाँ स्क्रीन की कैद में नहीं हैं,वे डिजिटल आसमान की उड़ान हैं। फ़िल्टर की रोशनी में उजाला करती हैं,तो कभी आँखों का दर्द छलकाती है। कभी बनतीं किसी की प्रेरणा है,तो कभी बहस की वो चिंगारी हैं। लाइक्स और व्यूज़ उनको … Read more

कन्या भ्रूण का करुण क्रंदन

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ हे जननी, तू क्यों कातर हो,सिसक रही तड़प रहीमाँ मेरी तूने तो मेरी रक्षा का,प्राण-पण से प्रयास किया…हे माँ, मेरा-तेरा संग तो,विधाता ने इतने दिन काही नियत किया थामैं तो अत्यंत ऋणी हूँ माँ,मुझे तेरी ममता की छाँव मिलीनहीं जन्म लिया तो क्या…मैंने तेरे दुलार-प्यार को जी लिया है। कैसी खुश थी … Read more

सब नहीं होते एक समान

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** आया मौसम लगन कानित-नित होता ब्याह,कहीं सगाई, कहीं है हल्दीऔर कहीं करना है भोज। देख वहाँ की रौनक मन मेंमेरे उठते बहुत विचार,इतना पैसा फूँक रहे क्यों ?कम में क्यों नहीं करते काज। जिनके पास है दौलत अंधीउनकी नहीं मैं करती बात,पर जो अंधी दौड़ में दौड़ेंसबक उन्हें मैं देती आज। चाहत … Read more

मेरी प्यारी बिटिया‌ रानी

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** बिटिया रानी, मेरी प्यारी,सूरत सबसे प्यारी-प्यारीकरती चुलबुली, नटखट-सीबिटिया रानी बुलबुल-सी। बतियाती सताती बहलाती,नाच-गा कर सबको हँसातीठुमक-ठुमक कर लुका-छुपी,पहने पायल, छम-छम करती। बातें उसकी मानों सठियाय,लगती जानें, सूरत सयानीरिझाती सबको बात ही बात,काम मनवाती आँख ही आँख। पहनावा हरदम छबीला चाहे,मटक-मटक सबको हुलावेतोतली बोली, किसे सुझावे,झटपट सटपट, सरपट दौड़े। रूठे जब … Read more

बेटा-बेटी एक समान

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* मेरा बेटा मेरी शान,बेटी है मेरा अभिमानमाता-पिता को दोनों प्यारे,बेटा-बेटी एक समान। बेटा होता है कुलदीपक,बेटी है लक्ष्मी की मूरतमाता-पिता की आँख के तारे,बेटा-बेटी एक समान। बेटा है सपनों की आस,बेटी से मन में विश्वासदोनों होते घर की रौनक,बेटा-बेटी एक समान। बेटा ठिठुरन में हल्की धूप,बेटी जीवन का मधुर संगीत।मातृत्व का सुख … Read more

तुम मात्र अनुगामिनी

डॉ. विद्या ‘सौम्य’प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)************************************************ कह तो दिया जाता है मुझसे,अक्सर…सब कुछ तुम्हारा ही तो है,घर-द्वार, खेत-खलिहानबाग-बगीचे, जमीन-जायदाद,पर…अंकित कहीं नहीं होता है,किसी भी दस्तावेज़ परमेरा हकीकी नाम…नहीं रख सकती मैं अपनी मर्जी से,बाग-बगीचे और खेतों की मेड़ों परखनकती पायलों से स्वछंद कदम…नहीं मांग सकती मैं अपनी मर्जी से,चंद रुपए-पैसे और खर्च के हिसाबरसोई के किसी … Read more

राम नाम में वसंत

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ राम धाम के वैभव बसंती सतरंगी वैभव को नमन,है नमन उन सद्गुरु के शिल्पी बंधन को शत-शत नमनरामधाम में प्रकृति वासंती बरसते पुलकित प्रकृति लगने लगी,हर मन में राम नाम की चेतना नहीं उमंगे हुलसने लगी,आज हर प्राण में लहर उठा हैराम धाम के हर सद्गुरु राम भक्तों को शत-शत वंदन,फिर आया … Read more

विद्या धन सर्वहितकारी

धर्मेंद्र शर्मा उपाध्यायसिरमौर (हिमाचल प्रदेश)******************************************** ‘विद्या धन’ सबधन सुखकारी,‘विद्या धन’ सर्वजन प्रियकारी‘विद्या धन’ सर्वलोक हितकारी,‘विद्या धन’ सर्वोचित मन हारी। ‘विद्या धन’ देश-विदेश दिखाए,‘विद्या धन’ हर एक प्रतिष्ठा दिलाए‘विद्या धन’ को कभी चोर न चुराए,‘विद्या धन’ संकीर्णता को दूर भगाए। ‘विद्या धन’ तीसरा नेत्र हमारा,जन-जन को जो लगता प्यारा‘विद्या धन’ सत्य पथ पर चलाता,विचलित मन को … Read more