पूर्वजों की स्मृति में किए श्राद्ध का महत्व
राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** श्राद्ध पर्व, पितृपक्ष या कनागत-बचपन में हमारे लिए श्राद्ध का मतलब होता था ढ़ेर सारे व्यंजन और खीर बनना एवं छककर खाना।हमने बचपन से ही अपने मायके में पितृपक्ष में पितरों को तर्पण देते हुए (श्राद्ध होते हुए) देखा है। पहले मामा जी के यहाँ देखा। वे पितृपक्ष में हमारे नाना और … Read more