विश्व व्यवस्था में एक निर्णायक आवाज ‘२१वीं सदी का भारत’
पूनम चतुर्वेदीलखनऊ (उत्तरप्रदेश)********************************************** भारत का लोकतंत्र विश्व में सबसे बड़ा और जीवंत माना जाता है। यहाँ की चुनाव प्रणाली को संविधान द्वारा सुनिश्चित की गई स्वतंत्रता, निष्पक्षता और पारदर्शिता की कसौटी पर खरा उतरना होता है, परंतु कुछ ऐसे क्षण आते हैं, जब लोकतंत्र को उसकी परिभाषा और नैतिकता पर कसौटी से गुजरना पड़ता है। … Read more