बिना पंख परिंदे…

एम.एल. नत्थानीरायपुर(छत्तीसगढ़)*************************************** खुली छोड़ दो जिंदगी,नीले खुले आसमान मेंअक्सर रखी हुई चीज़ें,नहीं मिलती सामान में। हर शख्स की मुश्किलें हैं,फिर भी रोज़ जिंदा हैहौंसलों की उड़ान से ही,बिना पंख का परिंदा है। कौन किसे क्या कहता है,लोग कितने खिलाफ हैंजितने भी मेरे साथ हैं,वो सब तो लाजवाब है। इंसान सभी है यहां पर,फ़र्क सिर्फ़ इतना … Read more

गुणगान होगा जग में घर-घर

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ****************************************** यह संसार है क्या ?बस है एक रंगमंचइसमें छिपे रंग अनेक,इनके बीच हम भी एक। रंगों का महत्व अपना है,यहां कोई रंग न अच्छा हैयहां कोई रंग न बुरा है,देखने का बस नजरिया है। कोई रंग है शांति का प्रतीक,किसी से दिखती क्रांति हैकिसी रंग में जगता क्रोध,तो किसी में … Read more

वैश्विक हिंदी सम्मेलन के संरक्षक बने सुंदर बोथरा

मुंबई (महाराष्ट्र)। समाजसेवी व जनता की आवाज फाउंडेशन के अध्यक्ष सुंदर बोथरा को वैश्विक हिंदी सम्मेलन का संरक्षक मनोनीत किया गया है। श्री बोथरा ने सम्मेलन के निदेशक डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’ द्वारा प्रेषित पत्र पर प्रसन्नता और गौरव का अहसास जताते हुए सम्मेलन (पंजीकृत) के कार्य करने में सहभागी बनने की सहमति दी है। … Read more

दूजा गाल नहीं देंगे…

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** भाल झुकाकर सजी हुई नित,अब हम थाल नहीं देंगे।एक गाल पर थप्पड़ खाकर,दूजा गाल नहीं देंगे॥ सहनशील हो बहुत सहा है,गाली देते आये हो।ऐसे आग लगाते हो तुम,जैसे कोई पराये हो॥भारत माँ को माँ मानो अब,फोकट माल नहीं देंगे।एक गाल पर थप्पड़ खाकर,दूजा गाल नहीं देंगे…॥ बालक-बालक चेत गया है,शिवा बसाया अब … Read more

मोहब्बत का रंग

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** दर्द की रात हो या,हो सुख का सबेरासब कुछ है गंवारा,जब साथ हो तेराप्यार होती नहीं चीज,जो खरीदी जा सकेये तो हो जाता है,दिलों के मिलन से। प्यार कोई मुकद्दर नहीं है,जिसे छोड़ दें तक़दीर परप्यार है यकीन और भरोसा,जो हर किसी से होता नहींजिससे होती मोहब्बत तो,मरते दम तक छूटती नहींइसलिए … Read more

चन्द्रप्रभा की श्वेत सुषमा

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** दिव्य भव्य सजनी यह रजनी,छवि पूर्णमासी निखार,बन कंचन कुम्भ रिक्त अवनी राका झरे मधु तुषार।कण रेणु मणि मुक्ता बन चमके,मुग्धा वेणु सप्त सूर-नृत्य मगन कर यमुना लहरी,मनभावन छाय बहार॥ दीप्त दमकत राधिका रानी,चम्पई गोपियाँ मुखार,महारास करे सौदामिनी,लपक-लपक रूप सँवार।चन्द्रप्रभा की श्वेत सुषमा,स्मृति विस्मित मेधा मुग्ध-नाच रहे मध्य जीव जुगनी,तन जीवन लीलनहार॥ परिचय–ममता … Read more

अंग्रेज से ज्यादा खतरनाक अंग्रेजी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* भाजपा सरकार ने मानव-संसाधन मंत्रालय नाम बदलकर उसे फिर से शिक्षा मंत्रालय बना दिया,यह तो अच्छा ही किया लेकिन नाम बदलना काफी नहीं है। असली सवाल यह है कि उसका काम बदला कि नहीं ? शिक्षा मंत्रालय ने यदि सचमुच कुछ काम किया होता तो पिछले ७ साल में उसके कुछ परिणाम … Read more

फौज़ी

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* ऐे सैनिक,फौज़ी,जवान,है तेरा नितअभिनंदन।अमन-चैन का तू पैगम्बर,तेरा है अभिवंदन॥ गर्मी,जाड़े,बारिश में भी,तू सच्चा सेनानी,अपनी माटी की रक्षा को,तेरी अमर जवानी।तेरी देशभक्ति लखकर के,माथे तेरे चंदन,अमन-चैन का तू पैगम्बर,तेरा है अभिवंदन…॥ आँधी-तूफाँ खाते हैं भय,हरदम माथ झुकाते,रिपु तो तुझको देख सिहरता,घुसपैठी थर्राते।सीमाओं का प्रहरी तू तो,वीर शिवा का नंदन,अमन-चैन का तू … Read more

शब्द का सौंदर्य

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)*************************************** शब्द के सौंदर्य को जग में सजाकर ही रहूँगा।छंद की कारीगरी को आजमा कर ही रहूँगा॥ मुक्त कविता के समय में गा रहा हूँ शब्द लय में,मुक्त तो ग्रह भी नहीं हैं व्योम गंगा के निलय में।ज्ञान पिंगल का जमाने को बताकर ही रहूँगा,छंद सौंदर्य को जग में सजाकर ही रहूंगा…॥ … Read more

सामाजिक दूरी, जरूरी

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** यह तो सर्वविदित प्रमाण है,इस भीड़-भाड़ ने खूब ली अमूल्य जान है।‘कोरोना’ के भीषण काल को,पापहम-सब याद करेंभूलने का कभी नहीं ख्याल करें।यह एक सीख के समान होगी,समझने-समझाने की बात होगी।लाखों मौतें हम-सबने देखी है यहां,नहीं हम भूल सकते हैं वह मंजर यहां।यह एक वैश्विक उबाल था,दुनिया का सबसे काला काल था।लाखों अपने लोग … Read more