प्रेम कहानियों की जगह भी नहीं बची

मंडला(मप्र)। जीवन के इस प्रदूषित वन में कहीं खो गई हैं हमारे जीवन की प्रेम कहानियां!भौतिक सुखों के दिव्य स्वप्न में हम ऐसे खो गए हैं कि आदर्श और इंसानियत की बातें निरर्थक लगती हैं। स्वामी विवेकानंद, गौतम बुद्ध और महावीर जी की बातें महज कोरा उपदेश! फिर भला यह दुनिया कैसे समझेगी प्रेम की … Read more

पहली मुलाकात जरूरी थी

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** पहली मुलाकात जरूरी थी,बस तुम्हें ही पाने के लिये,नयनों में थे सपने,उन सपनों में तुम्हें ही बसाने के लिए।चांद को देख सागर के दिल में,जो हर बार मचलता है,वही लहरें जरूरी थी दिल में एक ज्वार उठाने के लिये॥ हवा का झोंका पहली बार छूकर तुझे,मुझसे टकराया,मैं घबरायी-सी कांपी,एहसास तुमसे छुपाने … Read more

भज रे मन परमात्म को

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ****************************************** भज रे मन परमात्म को,करो आत्म सम्मान।अजर अमर शाश्वत समझ,देह आत्म अवदान॥ परमात्मा लघुरूप तनु,आत्मा जग आधार।आत्म रूप जीवन जगत,समझ ब्रह्म उपहार॥ मत भटको तुम स्वार्थ में,मन दुर्गम अवरोध।तजो लोभ मन छल कपट,विरत शोक तज क्रोध॥ अतिचंचल मानस कठिन,वश होता संसार।तज भौतिक अभ्यास नित,कर्मयोग आचार॥ मनुज जन्म वरदान है,ज्ञान … Read more

आटा चक्की

डॉ.सोना सिंह इंदौर(मध्यप्रदेश)************************************** पहले बंडी,कुर्ते पजामे में हुआ करता था,आजकल टी-शर्ट,लोअर में रहता हैदस बाय दस की चार दीवारी,यह कल भी,आज भी हैभूरे बाल होने की परवाह नहीं करता था,आज भी नहीं करता हैचक्की वाला,हॉं,आटा चक्की वाला। उसके यहां आते हैं सभी,आज भी गेहूं पिसानेऔर कहते हैं आटा पिसाना है,डुग-डुग की आवाज करती हैगांव में दूर … Read more

आशा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* डरकर रुक जाना नहीं,सुन ऐ मेरे मीत।संघर्षों से तू निभा,हर मुश्किल में प्रीत॥ मन को कर तू शक्तिमय,ले हर मुश्किल जीत।काँटों पर गाना सदा,तू फूलों के गीत॥ हर मुश्किल में जब जले,आशाओं के दीप।तब ही मिल पाती सतत्,चलकर विजय समीप॥ मन को कभी न हारना,हरदम रख आवेश।राणा साँगा सा रहे,प्रिय … Read more

ज़िन्दगी में ज़िन्दगी

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** क्यों ज़िन्दगी पर बहस हो रही है यहां ?ज़िन्दगी में ज़िन्दगी ढूंढना होगा,बतलाना और समझाना होगाज़िन्दगी में ज़िन्दगी ढूंढना ही,सही मतलब है ज़िन्दगी मेंज़िन्दगी का नाम भी है इसी में।बचपन की यादें अब न रखो यारों याद,बस यह तो गुजर गई हैफिर कहां आएगी,ज़िन्दगी यहां हरपल,घटती चली जा रही है।कोई खुशियां लिए जी रहा … Read more

हिंदी निबंध प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित

नई दिल्ली। लायंस क्लब नई दिल्ली अलकनंदा द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ हिंदी निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान समारोह हाॅलमार्क बैंकट हाॅल में किया गया। मुख्य अतिथि रीजनल चेयरमैन लाॅयन इंद्रजीत सिंह सहित अलकनंदा के अध्यक्ष ललित गर्ग,डिस्ट्रिक के उपाध्यक्ष प्रदीप सिंघल एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कमेटी के प्रमुख लाॅयन नरेन्द्र … Read more

तुम्हें फूल कहूँ या फूल हैं तुम्हारे जैसे

डाॅ. पूनम अरोराऊधम सिंह नगर(उत्तराखण्ड)************************************* काली-काली घटाएँ-तुम्हारी जुल्फें हों जैसे,खिले हुए गुल-तुम्हारा चेहरा हो जैसे। डगर पर उड़ते पत्ते-तुम्हारी चाल हो जैसे,पंखुडियों का हिलना-लब बोलते हों जैसे। लहराती लताएँ-तुम्हारी अदाएँ हो जैसे,दहलीज पर बिखरे फूल-तुम्हारी हँसी हो जैसे। तुम्हें फूल कहूँ या-फूल हैं तुम्हारे जैसे,तुम मानो न मानो-मुझे लगता है ऐसे।तुम्हें लग गया हो-सोलहवां साल … Read more

अंतर्द्वंद

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* मैं राम जपूं या बांके बिहारी,हनुमान जपूं या त्रिपुरारी।इस असमंजस में रहती हूं,कुछ आगे सोच नहीं पाती।दिन,साल,महीने बीत गए,उदिग्न-सी खुद को हूं पाती।एक दिन मेरा अंतस बोला,‘इतनी व्याकुल क्यों रहती हो,क्या माकड-जाल सा बुनती हो ?हैं राम वही,जो बांके बिहारी,हनुमान वही,जो त्रिपुरारी।सब धर्म कहें ईश्वर है एक,क्यों तुमको देखते हैं अनेक ?ईश्वर … Read more

मुस्कुराते रहेंगे

अनिल कसेर ‘उजाला’ राजनांदगांव(छत्तीसगढ़)************************************ बिन तेरे हम मुस्कुराते रहेंगे।चाहा है तुमको छुपाते रहेंगे। ग़म न आये कभी जीवन में तेरे,ख़ुदा को सदा हम मनाते रहेंगे। करो हमसे जितनी भी नफरत सनम,प्यार में सर सदा झुकाते रहेंगे। जहाँ भी रहो,वहाँ खुशी से रहना,आपका साथ हम निभाते रहेंगे। राहों में तेरे ‘उजाला’ रहेगा,शमा बन खुदी को जलाते रहेंगे॥ … Read more