प्रेम कहानियों की जगह भी नहीं बची
मंडला(मप्र)। जीवन के इस प्रदूषित वन में कहीं खो गई हैं हमारे जीवन की प्रेम कहानियां!भौतिक सुखों के दिव्य स्वप्न में हम ऐसे खो गए हैं कि आदर्श और इंसानियत की बातें निरर्थक लगती हैं। स्वामी विवेकानंद, गौतम बुद्ध और महावीर जी की बातें महज कोरा उपदेश! फिर भला यह दुनिया कैसे समझेगी प्रेम की … Read more