काव्य गोष्ठी में ‘साहित्य में पुरुष विमर्श’ पर हुई परिचर्चा

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करनाल (हरियाणा)। सांझा साहित्य मंच की ओर से सेक्टर १२ स्थित हुडा कार्यालय में मासिक काव्य गोष्ठी रखी गई। प्रारम्भ में दिवंगत साहित्यकार जय भारद्वाज तरावड़ी को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद प्रथम सत्र में ‘साहित्य में पुरुष विमर्श’ विषय पर परिचर्चा हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा, कि साहित्य में दलित विमर्श, स्त्री विमर्श और … Read more

कवि सम्मेलन कराया, योगदान हेतु २ कवियित्री सम्मानित

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अयोध्या (उप्र) श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था (अयोध्या धाम) के अंतरराष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ पर कवि सम्मेलन रखा गया। इस अवसर पर सम्मान समारोह भी हुआ, जिसमें २ कवियित्रियों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में राष्ट्रीय संस्थापक वरिष्ठ कवि अशोक गोयल की उपस्थिति में अध्यक्षता कवयित्री बीना गोयल ने की। मुख्य … Read more

३ अप्रैल को सुखमिला अग्रवाल होंगी सम्मानित

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वलसाड़ (गुजरात)। साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती सुखमिला अग्रवाल को ‘राष्ट्रीय गुजरात गौरव सम्मान-२०२६’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान ३ अप्रैल को वलसाड़ में आयोजित कार्यक्रम में दिया जाएगा। कार्यक्रम संयोजक अभिषेक कुमार ने बताया, कि समारोह में देशभर से ५० से अधिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। यह … Read more

दिल्ली पुस्तकालय संघ के स्थापना दिवस पर बाँटे पुरस्कार

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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के गांधी भवन में दिल्ली पुस्तकालय संघ का ८८वां स्थापना दिवस और वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। आरम्भ दीप प्रज्ज्वलन और विवि के कुलगीत के साथ हुआ।दिल्ली पुस्तकालय संघ के अध्यक्ष और गांधी भवन के निदेशक प्रो. के.पी. सिंह ने अतिथियों का परिचय कराया और स्वागत किया। मुख्य वक्ता महर्षि दयानंद … Read more

सृजन की पहचान हो

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नारी तेरे रूप अनेक, करुणा की तू धार हो,ममता की गागर भरे, करती जग उद्धार होसंकोच की चादर तले, है गहन शक्ति अपार,नवधा मातृका रूप में, जग का आधार हो। नारी तेरे रूप अनेक, त्याग तपस्या रूप हो,कभी अन्नपूर्णा बनी, कभी दुर्गा स्वरूप होसंकोच भरे नयनों में, है साहस … Read more

आभासी दुनिया से बचपन को सुरक्षित रखने की पहल जरूरी

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** डिजिटल युग में मानव जीवन की गति और स्वरूप तेजी से बदल रहा है। संचार, शिक्षा, मनोरंजन और सामाजिक संबंधों का बड़ा हिस्सा अब आभासी माध्यमों के सहारे संचालित होने लगा है। इस परिवर्तन ने जहां अनेक सुविधाएं प्रदान की हैं, वहीं विशेष रूप से बच्चों और किशोरों के मानसिक, शैक्षणिक, सामाजिक … Read more

विरह का संगीत

कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,हैदराबाद (तेलंगाना)*************************************************** विरह की वेदना ने मुझे पत्थर बना दिया,पर भीतर प्रेम का दीप जलता रहा। आँसुओं की धारा बहती है निरंतर,उसमें डूबा है मेरा मन, मेरा अंतर।तेरे बिना कोई रंग नहीं, कोई राग नहीं,तेरे बिना कोई सुख नहीं, कोई भाग नहीं। विरह की वेदना ने मुझे मौन कर दिया,पर भीतर प्रेम … Read more

‘गली बचपन की’ पर राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी

◾आज से राजधानी में जुटेंगे देशभर के बाल रचनाकार ◾बदलते परिवेश में बाल साहित्य की भूमिका पर होगा गंभीर चिंतन ===== भोपाल (मप्र)। बाल साहित्यकार स्व. कृष्ण कुमार अष्ठाना की स्मृति में ‘गली बचपन की’ विषय पर २ दिनी राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी का आयोजन आज १३ मार्च से भोपाल में किया जा रहा है। … Read more

अधिकार, विचार और निर्णय में दें समान अवसर

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* नारी : संघर्ष, शक्ति, समाज और सफलता… “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता।”जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवता बसते हैं। भारत भूमि नारियों को महान बनाने की भूमि रही है। अतः, यहाँ नारी को विशिष्ट स्थान प्राप्त है। हमारे पुराने ग्रंथों में भी नारी की वीरता का प्रमाण मिलता … Read more

नमक का हक़

डॉ. शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** पंद्रह साल से रमेसर उनके घर में था। सेठ हरिप्रसाद उसे बेटे की तरह मानते थे — कम से कम यही कहते थे।रमेसर सब जानता था — कहाँ तिजोरी है, कहाँ चाबी रखती हैं मालकिन, किस रात कोई नहीं रहता।“रमेसर, तू तो घर का हिस्सा है।” सेठजी अक्सर कहते।“हाँ सेठजी, घर … Read more