विज्ञान ने बिखराए नव रंग

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************** ख़ूब रचा विज्ञान ने,सुविधा का संसार।जीवन में सुख भर गया,दिखता जीवन-सार॥ आना-जाना,परिवहन,लेन-देन,संचार।नए सभी कुछ हो गए,शिक्षा अरु व्यापार॥ दूर बैठ संवाद हो,चित्र,वीडियो संग।सचमुच में विज्ञान ने,बिखराये नव रंग॥ जीवन हरसाने लगा,विज्ञानी सौगात।पर यंत्रों से हो गए,मानव के जज़्बात॥ लाइव टेलीकास्ट है,एसी,फ्रिज,जलयान।वायुयान,बिजली सुखद,मोबाइल की शान॥ पर इंसां आराममय,श्रम से है वह … Read more

मेरा गाँव

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’इन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************ वो सकरी पगडंडी,कच्ची-सी मेड़,छोटे-छोटे खट्टे-मीठे बेरी के पेड़पुराना बूढ़ा बरगद,पीपल का पेड़,पलाश पर दहकते लाल-लाल फूल।ऐसा था मेरा गाँव… वो बल खाती कच्ची,ऊबड़-खाबड़,पगडंडियों से गुजरा,मेरा बचपनवो खेत की मड़िया,पुरानी सी खाट,पिता के हाथों में,कलेवे का डब्बावो डूबता धूल भरा,गुनगुनाता दिन,सावन की भीगती साँझवो खेत,खलिहान,ऐसी थी मेरी बचपन की शानघरों से उठता … Read more

सावन में खुशियाँ मिलें

रोहित मिश्रप्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** सावन के पावन अवसर पर,खुशियाँ मिले अपार।दिलों की दूरियाँ मिटे,और बढ़े सम्मान।अच्छा बीते हर दिन,हर पल,अच्छे रहें विचार।भोले की कृपा रहे हम सब पर,निर्मल रहे संस्कार।सफलताएं नित नर्ई मिलें,बधाई मिले हर बार।मंगलमय हो काज आपके,सुखी रहे परिवार।सावन के इस मौसम में,मेघा बरसे हर बार।

सीखने का नाम ही विद्यार्थी जीवन

अमृता धनंजय यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)*************************************** मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष ……. जीवन का सबसे उत्साह और उमंगमय भरा समय विद्यार्थी जीवन होता है,क्योंकि इन दिनों हम दिमाग के एक कोने मे शरारतें तो दूसरे में सपने बुनते हैं। डर भी बहुत लगता है,पर ‘जो डर गया सो मर गया’, ऐसा कह कर हर चीज करने के … Read more

शीश झुकाओ परमेश्वर को

डॉ. अनिल कुमार बाजपेयीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************* कौन बनाता चाँद-सूरज,कौन बनाता आज-कलकौन बनाता पुष्प बाग़ के,कौन बनाता नदी कल-कल। कौन बनाता टिमटिम तारे,कौन बनाता दिन और रातकौन बनाता मदहोश बसंत,कौन बनाता गर्मी-बरसात। कौन बनाता भाव हृदय के,कौन बनाता मन के विचारकौन बनाता हँसी अधरों की,कौन बनाता आँसू की धार। कौन बनाता इन साँसों को,कौन बनाता सुंदर जीवन … Read more

चाँद-सी चमक रही हो

संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** तुम सुनाओ,हम बेजुबान हो जाते हैं,हसीं फिजाओं में कद्रदान हो जाते हैं। महक रही हो तुम इन फूलों की तरह,बगीचा तुम,हम गुलफाम हो जाते हैं। चाँद-सी चमक रही हो धूप में भी तुम,चाँद तुम,हम आफताब हो जाते हैं। तुम नयनों से शबद मोहब्बत कहना,हम रुह-ऐ इश्क अल्फाज़ समझ लेंगे। हम पढ़ देंगे … Read more

बड़ा कठिन है…

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** घोर विसंगतियों में हमको,अब मुस्काना बड़ा कठिन है।षड्यंत्रों के चक्रव्यूह से,मार्ग बनाना बड़ा कठिन है॥ तथ्यहीन अफवाहों का कुछ,दौर इस तरह निकल पड़ा है।मानो ज्वालामुखी उबलकर,गली-गली में फूट पड़ा है।किस-किसको किस तरह कौन,क्या,क्या-क्या लोग नहीं कहते हैं ?पर सत राह पकड़ने वाले,पथ से विमुख नहीं चलते हैं। तर्कों के इस भँवर जाल … Read more

पावस सुंदरी वसुधा

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** ओढ़ी घानी धरा चुनरिया,देखे घूँघट गहन बदरिया। अंग-अंग श्रृंगार सजाए,रात की काजल भोर बिंदियाकंगन मेघ बेल झुमरी की,इंद्रधनुष की पहन चूड़ियां। चंदा नथ झाला बिजुरी की,नदी बनी है चुनर लहरियाजुड़े लगे गिरिवर की चोटी,उपवन लहँगे पर फुलवरिया। तितली बने जूड़े का मोती,वेणी सजी सुमन की कलियाँवन पल्लव दल बेल लताएं,चूम-चूम छू लेत बलैया। … Read more

समरसता मुस्कान जग

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************ आज फँसा मँझधार में,सत्य मीत अरु प्रीत।लोभ अनल में जल रहा,समरसता संगीत॥ मिशन था अंबेडकर,समरसता संदेश।समता ही स्वाधीनता,दलित हरित उपवेश॥ तार-तार अनुबन्ध अब,क्षत-विक्षत ईमान।नश्वर इस संसार में,बिकता है इन्सान॥ मातु पिता भाई समा,शिक्षक मीत जहान।सदाचार परहित विनत,समरसता वरदान॥ भौतिक सुख चाहत बला,है विनाश तूफान।नीति प्रीति यश त्याग सब,भूले बन … Read more

गुरु-एक पथ प्रदर्शक

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* गुरु पूर्णिमा विशेष….. वैदिक काल से शुरू हुआ,गुरूकुल का प्रचलन हुआआवश्यक है गुरु सानिध्य,गुरु का हो सुंदर आशीष। संसार के हर उत्तम कर्म,ज्ञान औ विद्या होए संगमजन्म लेता है मानव शिशु,माता-पिता पाए औ सीखे। सांसारिकता का ज्ञान मिले,पर बिन गुरु ना दिशा मिलेअक्षर ज्ञान से शुरू शिक्षा,बरसों संयम से निर्माण … Read more