विभिन्न विधाओं की ७ पुस्तक लोकार्पित

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आगरा (उप्र)। समाजसेविका श्रीमती प्रीति फौजदार द्वारा स्थापित संस्था ‘यस वी कैन’ के तत्वावधान में वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती राज फौजदार के हरीश नगर स्थित आवास पर पुस्तक लोकार्पण समारोह रखा गया। इसमें डॉ. शेषपाल सिंह ‘शेष’ के संस्कृत श्लोकों के काव्यात्मक भावार्थ की पुस्तक ‘मुक्त-मणि माला’ और श्रीमती फौजदार द्वारा विभिन्न विषयों पर रचे गए … Read more

आज की विभीषिका

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* चलें मिसाइल ध्वंस है, बम की है भरमार।जाने कैसा हो गया, अब तो यह संसार॥ आग लगी धनहानि है, बरबादी का दौर।घातक सबके मन हुए, नहीं शांति पर गौर॥ अहंकार में विश्व है, भाईचारा लुप्त।दिन पर दिन होने लगा, नेहभाव सब सुप्त।। अमरीका इजरायला, और आज ईरान।नहीं नियंत्रित आज ये, धारें … Read more

क्या लिखें ?

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* क्या लिखें, कैसे लिखें,किस बात पर लिखेंरोज-रोज अख़बारों की सुर्खियोंइलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया,सोशल मीडिया और लोगों की बातेंसुन, पढ़ और सोच-सोच कर,मन मेरा सुन्न हो जाता है। मासूम-सी गुड़ियों से लेकर,उम्र दराज महिलाएँ भीनहीं छूटतीं दरिंदों के शिकंजे से,किंतु छूट जाते हैं दरिंदे बेख़ौफ़उनके छूटने का जश्न मनाया जाता है,और मन … Read more

स्त्रियों की भूमिका पर पुनः शोध की आवश्यकता

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** नारी:संघर्ष, शक्ति, समाज और सफलता…. आज से नहीं, बल्कि वर्षों से महिलाएँ अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करती आ रही हैं। महिला होती तो शक्तिशाली है, पर वह अपनी शक्ति को पहचानती नहीं और समाज उसका नाजायज फ़ायदा उठाता है; पर अब निरंतर स्थिति कुछ हद तक सुधरती जा रही है। महिलाएँ … Read more

आज नारी लाचार नहीं

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* नारी:संघर्ष, शक्ति, समाज और सफलता…. आज नारी सिर्फ नारी है,देवी का अवतार नहींअग्नि परीक्षा दे जो चुपचाप,आज नारी वह सीता नहीं। करती है वो प्रश्न भी,और करती प्रतिकार भीजुए में दाँव पर जो लग जाए,आज नारी वह द्रोपदी नहीं। उठाती आवाज खुद के लिए,बेवजह सजा स्वीकार्य नहींमर्यादा की जंजीरों में जकड़ी,पत्थर बन … Read more

स्त्रियाँ

वंदना जैनमुम्बई(महाराष्ट्र)************************************ नारी:संघर्ष, शक्ति, समाज और सफलता… वो आधी चंद्रमा-सी है,आधी–अधूरी मुस्कान लिएपूरा दर्द छुपाया करती है,वो सूर्य-सा तेज लेकरचंद्रमा को रिझाया करती है। दुपट्टा सर पर रख कर वो,जब मंदिर जाया करती हैप्रार्थनाओं और आभारों की,टोकरी सजाया करती हैफूल चुन–चुन कर विश्वास की,माला पिरोया करती है। सींच कर परिवार के वट वृक्ष को,वो मन्नत … Read more

एक थी लड़की बेचारी…

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** एक थी लड़की बेचारी, हिम्मत नहीं हारने वाली,वह थी अपनों की सतायी, प्यार को तरसी उम्र सारी। वह सीधी-सादी लड़की, उम्र सारी प्यार को तरसी,वह अपनों की नहीं दुलारी, वह तीखे नैन-नक्श वाली। सभी उसे बेवकूफ बना जाते, वह लड़की भोली-भाली ।सबको माफ कर देती, छल-कपट नहीं जानने वाली। सबको अपना बनाने … Read more

‘इक्कीसवाँ मिनट’ प्रभावशाली कहानी संग्रह-डॉ. नुसरत मेहदी

भोपाल (मप्र)। ‘इक्कीसवाँ मिनट’ एक सार्थक और प्रभावशाली कहानी संग्रह है। इसमें स्मृति, करुणा, न्याय-बोध और मानवीय संवेदना की अनेक सूक्ष्म धाराएँ प्रवाहित हैं। यह संग्रह केवल कहानियों का संकलन नहीं, बल्कि हमारे समय के सामाजिक और नैतिक प्रश्नों पर एक गंभीर साहित्यिक संवाद भी प्रस्तुत करता है।यह बात मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ. … Read more

५० हजार के पुरस्कार हेतु ८ नवम्बर तक प्रविष्टि

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अजमेर (राजस्थान)। आचार्य रत्न लाल पालरिया ‘विद्यानुग’ स्मृति अखिल भारतीय स्तर की तेरहवीं शब्द निष्ठा प्रतियोगिता के अन्तर्गत शब्द निष्ठा पुरस्कार-१३ हेतु प्रविष्टियाँ आमंत्रित की जाती हैं। प्रविष्टि हेतु किसी प्रकार का शुल्क नहीं है, जो ८ नवम्बर २०२६ तक भेजनी है।शब्द निष्ठा पुरस्कार के संयोजक एवं साहित्यकार डाॅ. अखिलेश पालरिया ने बताया, कि भाग … Read more

एक पुड़िया…

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ आज शाम जब दीपक ऑफिस से लौट कर आया, तो घर में बाबूजी के चीखने-चिल्लाने की आवाजें गूँज रही थीं। क्रोधित बाबूजी अपनी भाषा के स्तर को भूल कर गाली-गलौज पर उतर आया करते थे, परंतु ऐसा अवसर बहुत कम ही आया करता था; क्योंकि बाबूजी बहुत शांत स्वभाव के थे। वह … Read more