रो रहा चमन का माली
राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** ग्लेशियर टूटकर गिर रहे हैं, बड़ा हृदय विदारक मंजर है,मलबा बह-बहकर आता है, पानी का प्रवाह भयंकर हैस्वास्थ्य लाभ लेने के लिए जाते थे कभी पहाड़ों पर,प्रकृति का सौंदर्य निरखने को, पैदल जाते थे पहाड़ों पर। अब रोज नए निर्माण हो रहे, होटल बढ़ते जाते हैं,अवैध घुसपैठिए भी गुप-चुप, आकर बसते ही … Read more