आस में देखूँ तुम्हारे इशारे

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* लौटने की आस में देखूँ तुम्हारे इशारे,जबसे तुम गए हो, मैंने दिन-रात रो-रो कर गुज़ारेरात बिताते गिन-गिन तारे। लौटने की आस में करूँ इंतज़ार तेरा,अब नहीं लौटकर आने वालेघर छोड़ कर जाने वाले,अब तुम सदा के लिए चले गएलेकिन मैं इंतज़ार करूँ सिर्फ तेरा। तुम्हारे फिर कभी रूप बदल कर आने … Read more

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी शोध सम्मान मिला डॉ. चंदन तिवारी को

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दिल्ली। प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी सभागार में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी मेमोरियल ट्रस्ट का पहला आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी शोध सम्मान डॉ. चंदन तिवारी को दिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में हिंदी साहित्यप्रेमी और सुधि पाठकों के साथ अतिथि डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी, सुरेंद्र शर्मा, आशीष सूद और देवेश चंद्र श्रीवास्तव उपस्थित रहे।राजस्थान के एक … Read more

उपन्यासकार डॉ. शिखा गोस्वामी सम्मानित

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मुंगेली (छग)। कवयित्री एवं उपन्यासकार (मुंगेली) डॉ. शिखा गोस्वामी ‘निहारिका’ को साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए नासिक (महाराष्ट्र) से ग्लोबल आइकॉनस ऑफ इंडिया अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान हिंदी साहित्य के प्रति उनके समर्पण, रचनात्मकता और प्रेरित करने वाली रचनाओं के लिए मिला है। ‘निहारिका’ को इस सम्मान के लिए … Read more

महायुद्ध का नाश हो

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* युद्ध और शांति: जरूरी क्या ?… कैसा तम बिखरा हुआ, डरता मन का मोर।सभी आज सहमे हुए, मचा हुआ है शोर॥ बतियाती ना अब हवा, पूछ रही ना हाल।चुप चुप रहते खग सभी, बदली उनकी चाल॥ सूरज भी तो जग उठा, सुन चिड़ियों का शोर।उसे आज मैं बांध दूं, … Read more

नारी वंदन है अभिनंदन है…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ बदलते भारत की है यह नई कहानी,यहाँ नारी शक्ति की आँखों में आँसू नहीं है,क्योंकि वह शाक्ति है, व साहस और विश्वास है,तभी तो नारी वंदन है, अभिनंदन है…। वह नहीं है किसी से कम, उनका नहीं हो अपमान,वह तो हर एक क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैइसीलिए ‘मान-सम्मान’ दे … Read more

शिक्षित बनो, संगठित रहो

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** डॉ. भीमराव आम्बेडकर जयंती विशेष… शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो,था नारा भीमराव आम्बेडकर का, नेता दलितों के। भीवा, भीमा, बाबा साहब आम्बेडकर, भीमराव,बोधिसत्व नाम माता भीमाबाई, पिता रामजी राव। ये महार जाति के थे, बाद में बौद्ध धर्म अपनाया,जन्म चौदह अप्रैल १८९१ स्थान महू इंदौर आया। पत्नी रमाबाई और सविताबाई … Read more

थीं सुखद सुरों की धूप

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* ‘गीत-संगीत की अमिट पहचान’ (स्व. आशा भोसले विशेष)… प्रखर सुरमयी गायिका, सचमुच दिव्य महान।आशा ताई का करें, दिशा-दिशा गुणगान॥ आशा जी के सुर सजें, तो गूँजे ब्रम्हांड।महिमा में लिखते चलो, चाहें जितने कांड॥ आशा जी संगीत थीं, सरस्वती का रूप।आठ दशक देती रहीं, सुखद सुरों की धूप॥ आशा जी का यह … Read more

काव्य चौपाल में पढ़ीं विविध रंग की बेहतरीन रचनाएँ

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भोपाल (मप्र)। अंतरराष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच की मध्य प्रदेश इकाई भोपाल की अप्रैल मास की ‘काव्य चौपाल’ एल्डर फर्स्ट में त्रिलंगा में बहुत आत्मीय और हर्ष-उल्लास के माहौल में हुई। यहाँ संस्था सदस्यों की विविध रंगी कविताओं के पाठ से वातावरण खूब सुवासित हुआ।कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच की संस्थापक और अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव ने की। … Read more

आज रहने दो

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** आज रहने दो अपरिचितआज रहने दो अकेले,बरस ले यह घिरा घन भीआर्द्र चितवन के ये मेले। फूटते उर के मृदुल स्वरआज सुधि नर्तन की आई,घुँघरूँओं की खनक सुननानूपुरों के मन को भाई। आवास भू अंचल मिलाराह तुम पाथेय खोलो,वेदना-जल, स्वप्न-शतदलजुगनुओं आ करके बोलो। प्राण हँस कर कह रहा है,अमरता के बीज बोना।बुझे … Read more

स्वर-दीप

कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,हैदराबाद (तेलंगाना)*************************************************** ‘गीत-संगीत की अमिट पहचान’ (स्व. आशा भोसले विशेष)… गूँजती है जब भी कोई मधुर तान,याद आती है आशा की पहचानमहकते हैं सुर जैसे फूलों की तरह,बसती है जिनमें संगीत की जान। बहती हैं हवाएँ जब रागों में ढलकर,छू जाती हैं दिल को हल्के से पलकरसजती है हर धुन उनकी अदाओं … Read more