‘आओ बात करें’ व ‘एक नीम मंजरी’ से किया पद्मश्री रामदरश मिश्र को याद

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गोरखपुर (उप्र)। पद्मश्री एवं सुप्रसिद्ध साहित्यकार रामदरश मिश्र की जयंती के अवसर पर डुमरी क्षेत्र में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस क्रम में बिसुनपुरा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं संभ्रांत नागरिकों ने स्व. मिश्र के साहित्य, व्यक्तित्व और लोकजीवन से उनके गहरे जुड़ाव पर चर्चा की।      इस मौके … Read more

राष्ट्रीय चेतना की दृष्टि से ‘जनकनंदिनी’ अद्वितीय कृति

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वाराणसी (उप्र)। ‘जनकनंदिनी’ प्रबंध काव्य एक उच्च कोटि की रचना है, जिसकी मूल कथा रामायणीय होते हुए भी सम-सामयिक जीवन पद्धति को प्रभावित करती है। पारंपरिक छंदों के प्रयोग ने इस काव्य की विशेषता को और बढ़ा दिया है। प्रतीकों और अलंकार की छटा व  राष्ट्रीय चेतना की दृष्टि से यह अद्वितीय कृति है।    … Read more

‘चुल्लू भर चाँदनी’ के गीतों में दिखा स्वर-संगीत का संगम

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देहरादून (उत्तराखंड)। लेखक विनि आर्य द्वारा लिखित पुस्तक ‘चुल्लू भर चाँदनी’ पर साहित्यिक एवं संगीतिक कार्यक्रम दून लाइब्रेरी व शोध केंद्र (देहरादून) में केआरआई गैलरी के सौजन्य से किया गया।    पूर्व में लोकार्पित इस पुस्तक के कार्यक्रम ‘चुल्लू भर चाँदनी’ के चुनिंदा गौतों की संगीतमय प्रस्तुति ने साहित्य एवं संगीत प्रेमियों को भाव-विभोर कर दिया। … Read more

जन-जन को राम से जोड़ दिया

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************ हाथ जोड़कर नमन है आपको,‘श्री रामचरितमानस’-सा ग्रंथ दियाराम कथा शब्दों में पिरोकर,जन-जन को राम से जोड़ दिया। हाथ जोड़कर नमन है आपको,श्री रामचरितमानस-सा ग्रंथ दिया…॥ साधक, कवि भक्त महान,आपके शब्दों में भगवानश्री राम की गाथा लिखकर,मन में भक्ति का दीप जला दिया।हाथ जोड़कर नमन है आपको,श्री रामचरितमानस-सा ग्रंथ दिया…॥ पिता आपके आत्माराम,और माता … Read more

कृत्रिम मेधा:खतरों से सावधानी जरूरी

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)************************************ आज जिस रफ़्तार से ‘कृत्रिम मेधा’ (ए.आई.) हमारे जीवन में प्रवेश कर रही है, उसे देखकर कभी-कभी लगता है जैसे हम किसी ऐसी नदी में तैर रहे हैं जिसका रुख अभी हम पूरी तरह भाँप नहीं पाए हैं। एक तरफ़ चैटबॉट कुछ ही पल में निबंध लिख देते हैं, दवाओं के … Read more

तुम चंदन हो… मैं तुम्हारी सुगंध हूँ

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )************************************************* तुम चंदन हो,शिव के तृपुण्ड की शोभा होतो मैं उस भोले की भक्ति हूँ,जिसमें तुम हर पल समाए हो। तुम लकड़ी का चंदन हो,मस्तक का सुंदर मुकुट होतो मैं उस माथे की आस्था हूँ,जिस पर तुम्हारा पावन तिलक हो। तुम चंदन हो,रघुनंदन के मस्तक का तिलक होतो मैं मर्यादा … Read more

आजादी हवा में नहीं मिलती

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* आज़ादी… और आज हम (१५ अगस्त विशेष)… सरहद पर सिपाही जागता है,तभी घर में चैन की नींद आती हैआजादी हवा में नहीं मिलती,शहीदों के लहू से सींची जाती है। कल नारे लगे थे ‘इंकलाब’,आज नारे लगते हैं ‘कर्तव्य’कल आजादी के लिए जान दी,आज आजादी के लिए जान लगानी है। आजादी मिली … Read more

हर घर तिरंगा

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************ आज़ादी….और आज हम (१५ अगस्त विशेष)… बीते आज़ादी के उन्नासी वर्ष,स्वतंत्रता दिवस पर फिर मनाएं हर्षविजयी विश्व तिरंगा प्यारा,झंडा ऊँचा रहे हमारा। सुबह ध्वजारोहण संग गूंजेगा,राष्ट्रगान जन-गण-मनसाथ में हम सब मिलकर गाएँ,वन्दे मातरम्-वन्दे मातरम्। हर घर तिरंगा फहराएगा,राष्ट्र गीत की उभरेगी तानदेशभक्ति की प्रतिध्वनि से,बिखरेगी आज़ादी की शान। हर घर तिरंगा … Read more

स्वतंत्रता का अतीत और वर्तमान परिदृश्य

डॉ. विद्या ‘सौम्य’प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)************************************************ आज़ादी….और आज हम (१५ अगस्त विशेष)… “स्वतंत्रता का अर्थ केवल बेड़ियों का टूटना नहीं है, बल्कि एक ऐसा जीवन है जो दूसरों की स्वतंत्रता का सम्मान और संवर्द्धन करता है।”  नेल्सन मंडेला।     स्वतन्त्रता या आजादी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि मनुष्य की मूल प्रवृत्ति, उसकी आत्मा की आवाज और उसके … Read more

ओह यह भ्रष्टाचार…

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ******************************************* ओह यह भ्रष्टाचार,देश की जड़ें खा रहा हैसत्य अब दम तोड़ रहा है, असत्य सिंहासन पा रहा है।  गरीब की थाली है खाली, धनी के घर सोने की प्यालीईमानदार परीक्षा में हैं अटके, बेईमानी सारे पदों को गटके।  विकास अब फाइलों में अटका, भ्रष्ट बाबू ने इसे जोर से पटकाईमानदारी में अभी दम नहीं … Read more