सूरज चाचा इतने पावरफुल!

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ भोर की इस सुहानी लालिमा में उदित्य हो रहे थे सूरज। माँ, बच्चों को बिस्तर से उठा रही होती है। तभी दादा जी आते हैं, वह कहते हैं, “बहू बबलू व पिंकी अभी तक नहीं उठे। सुबह हो गई है, सूरज सिर पे आ गया है और तो उन्हें स्कूल … Read more

मेरे मित्र ‘सुधीर’ बड़े धीर

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )****************************************************** बड़े धीर, सुशील, मित्र मेरे सुधीर,सत्य, निष्ठा, कर्मठता जैसे नीरअद्भुत थे, बजरंग दल के वीर,स्वयं सेवक ऐसे न होते अधीरसंकल्प ऐसे हनुमान-महावीर। विशुद्ध चिंतन, विचारों के अग्नि वीर,चेहरे पर हँसी, गुस्से पर काबू स्थिरसमाजिक चेतना, सेवाभावी तस्वीर,मित्रता मिलती ऐसी जिनकी तकदीरयोग साधना में सदैव जीवित रहें सुधीर। परोपकार पर … Read more

हक़ है…

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* हक़ है… पूरा हक़ है,इस धरती पर जीने कासबको ही पूरा हक़ है। ये नदी, पहाड़, ये अरण्य घनेरे,ये फूल, तितलियाँ, ये पेड़-पौधेजिसे हम बना नहीं सकतेफिर पूर्ण हक़ हमारा नहीं है,ये इंसानों की जागीर नहीं है। ये चींटी, हाथी, ये पशु-जानवर,ये पंछी, पतंगे, ये नन्हें से कीट सबनहीं मांगते जग … Read more

‘सूत्रधार’ ने हर्षोल्लास संग कराया भक्ति गीत महोत्सव

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हैदराबाद (तेलंगाना)। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था सूत्रधार (हैदराबाद) प्राचीन भारतीय संस्कृति और भक्ति गीतों के समृद्ध साहित्य को बढ़ावा देने के लिए अग्रणी भूमिका निभाती आ रही है। इसी क्रम में संस्था ने इस बार यह महोत्सव २२ सितम्बर से १ अक्टूबर तक (भाग-८) आयोजित किया।संस्थापिका सरिता सुराणा ने पहले दिन सभी साहित्यकारों का शब्द … Read more

घनश्याम की बंशी

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** कैसा गुल खिलाती है घनश्याम की बंशी,बस ‘राधे-राधे’ गाती है घनश्याम की बंशीबंसी वादन से खिल जाते थे कमल,वृक्षों से आँसू बहने लगते स्वर में स्वर मिलाकरनाचने लगते थे मोर पक्षी हो जाते थे मुग्ध,ऐसी होती थी बंसी की तान।कैसा गुल खिलाती है घनश्याम की बंशी… नदियाँ कल-कल स्वरों को बंसी … Read more

गांधी-शास्त्री को नमन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* पुण्यमयी भारत धरा, जन्मी दो सन्तान।अविरत सेवा देशहित, गांधी शास्त्री नाम॥ एक नायक स्वाधीनता, दूसरा देश प्रधान।दोनों भारत लाड़ले, देश लाज सम्मान॥ शील त्याग गुण कर्मपथ, तजे बन्धु परिवार॥तन मन सब अर्पित वतन, ब्रिटिश राज संहार॥ सही जेल की यातना, ले आजादी ध्येय।सत्य अहिंसा क्रांति पथ, भारत माँ जय … Read more

साहित्य गरिमा पुरस्कार समिति ने मांगी प्रविष्टि

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हैदराबाद (तेलंगाना)। साहित्य गरिमा पुरस्कार समिति (हैदराबाद) हिन्दीतर प्रांतों के महिला लेखन को प्रोत्साहित करने के क्रम में इस वर्ष भी साहित्य गरिमा पुरस्कार- सम्मान के तहत २१ हजार धनराशि और प्रशस्ति-पत्र दिया जाना है।इसमें प्रविष्टियाँ भेजने की अंतिम तारीख ३० नववम्बर है।संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अहिल्या मिश्र (९८४९७४२८०३) एवं उपाध्यक्ष प्रवीण प्रणव ने बताया कि … Read more

मन के रावण का संहार करो

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* मन के रावण का करो, तुम पहले संहार।तब ही मिल पाये हमें, इस जीवन का सार॥ गली-गली रावण बना, राम करो उद्धार।मातु-बहन-बेटी यहाँ, होता रहा प्रहार॥ मायावी राक्षस बने, करते हैं प्रतिघात।सुख का सूरज है नहीं, आई दुख की रात॥ रावण जलने की सदा, चलती आई रीत।मन का रावण … Read more

लिखो गौरवगाथा

डॉ. विद्या ‘सौम्य’प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)************************************************ यह देह अब…सौंदर्य का प्रतिमान नहीं,तिर्यक नयन, नसरीन बदनगजगामिनी, मनमोहनी, रूपसी,तू हृदय बसी…छोड़ो ये सब, उपमाएं हुई पुरानी,तुम हो आद्यंत तो…लिखो अल्फ़ाज़ नए जमाने,लिखो! वर्तमान की कर्मरत गाथागढ़ो नारी-सौंदर्य की नई परिभाषा,जो स्वत:…तराशती है आत्मा को, चेतना को,प्रखर करती है,अपनी बुद्धि कोप्रशस्त करती है,नए मार्ग…बंधन की बेड़ियों को तोड़ती,उन्मुक्त…परिंदे-सा नाप … Read more

हुआ दहन, किया था पाप गहन

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* चोगा संत का पहन,किया पाप था गहन,हुआ अंत में दहन,करें सत्य का वरण॥ चलें धर्म की डगर,जय जीवन समर,कोई नहीं है अमर,रहें ईश की शरण॥ राम नाम है अटल,होता करम सफल,मिट जाएं सब खल,नौका जीवन तरण॥ करो दोषों का वमन,होवे पाप का शमन,सत्य पथ पे गमन,थामें राघव चरण॥ परिचय-पेशे से … Read more