महा-लेखनिक गजानन

डॉ. मीना श्रीवास्तवठाणे (महाराष्ट्र)******************************************* इन दिनों हम गणपति के उत्सव का आनंद मेला मना रहे हैं। अच्छे- खासे दस दिनों तक बाल गणेश के आगमन का यह उत्सव हम बड़े ही लाड़, प्यार, अनुराग और धूम-धाम से मनाते हैं। क्या रौनक, क्या भक्ति गीत, क्या मोदक और लड्डू खिलाए जाते हैं उन्हें सुबह-शाम! लक्ष्य बस … Read more

आभासी खेल:बड़ी कार्रवाई जरूरी, नियंत्रण कानून सराहनीय

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** अन्तरजाल के विस्तार ने आधुनिक दौर में जीवन को अनेक सुविधाएं दी हैं, लेकिन कुछ नए गंभीर संकट भी पैदा किए हैं। इनमें सबसे गंभीर संकटों में से एक है ऑनलाइन खेल या कहें तो मनी गेमिंग की बढ़ती लत। यह सच है कि खेल, मनोरंजन का साधन हो सकता है, पर … Read more

शिक्षक ज्ञान का दीप

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** शिक्षक दिवस विशेष…. शिक्षक ज्ञान का दीप जलाए,जीवन से गहन-तम मिटाएविचलित मन धैर्य बढ़ाए,असत्य से सत्य पथ दिखाए। दुर्गम से सुगम पथ बनाए,विश्वास, विश्लेषण सब सिखाएआत्म सम्मान प्यार सिखाए,हक, फर्ज, धर्म, कर्म सुझाए। जीवन जीने कला सिखाए,भविष्य संवारना सिखाएचुनौतियाँ, लड़ना सिखाए,विकट स्थिति, मार्ग दिखाए। प्राणी मात्र सद्भाव जगाए,सुन्दर सभ्य इंसान … Read more

वाहक सत्य पथ

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)**************************** शिक्षक दिवस विशेष… ‘शिक्षक’,उजाला दिखाएज्ञान दीप जलाए,तम मिटाएप्रगति। ‘शिक्षक’,नाम धैर्यवाहक सत्य पथ,सुगम पथकर्तव्य। ‘शिक्षक’,विश्वास करेंसमझाता आत्म सम्मान,धर्म-कर्मभविष्य। ‘शिक्षक’,सँवारे जीवनसिखाए ईमानदारी,मानवता-परिश्रमसदमार्ग। ‘शिक्षक’,सद्भाव जगाएइंसान सभ्य बनाए,रचे चरित्रदेश। ‘शिक्षक’,नहीं दबतास्वच्छ करे सदा,साहस-संयमनिर्भीकता। ‘शिक्षक’,नैतिकता मर्यादाकरता सदा भला,देश प्रथमशीर्ष। ‘शिक्षक’,कट्टर समर्पितसेवक सच्चा मातृभूमि,ज्ञान खजानाप्रेरक। ‘शिक्षक’,चलना सिखाएरोपे सदा संस्कार,प्रेरणा जगाएयोग्यता। ‘शिक्षक’,दृढ़ बनाएनि:स्वार्थ लड़े जग।लड़ना सिखाए,नमन॥

हिन्दी सम्मेलन में होगा ‘मन के उदगार’ का विमोचन

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जबलपुर (मप्र)। प्रेरणा हिन्दी प्रचारिणी सभा द्वारा दिल्ली में आयोजित हिंदी सम्मेलन व राष्ट्रभाषा अभिव्यक्ति सभा (१३-१४ सितम्बर) में डॉ. लाल सिंह किरार (मप्र) की कृति ‘मन के उदगार’ का भी विमोचन होगा। सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी ने बताया कि आयोजन में अनेक कवि-कवयित्रियों व पत्रकारों को भी ‘प्रेरणा राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान-२०२५’ से … Read more

रत्न संस्कृति

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* विश्व विशालविभिन्नता से भरीरही संस्कृति। भारतवर्षअमूल्य धरोहररत्न संस्कृति। योग नियमसंयमित जीवनदीर्घ संस्कृति। कर जोड़तेबने नमस्ते मुद्राऐसी संस्कृति। आदरणीयसदा बडे़-बुजुर्गश्रद्धा संस्कृति। अनुज स्नेहसिंचित हो आचारसीख संस्कृति। तप उत्तमत्यागे जी कुविचारशिक्षा संस्कृति। दीन बंधुत्वआशा जगे संसारदया संस्कृति। हो सदाचारअतिथि का सत्कारभाव संस्कृति। रक्षाबंधनबहन-भाई का प्याररीति संस्कृति। समर्पण होदेव आस्था बढ़ाओसीख संस्कृति। सत्य … Read more

गुरुजन चारों धाम

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* शिक्षक दिवस (५ सितम्बर) विशेष… गुरु कराते हैं हमें,ईश्वर की पहिचानगुरु से ही मिलता हमें,हर विधा का ज्ञान।गुरुजन चारों धाम… प्रकाशित करते जीवन की राहें,देते संस्कारों का ज्ञानगुरु होते हैं सदा ही पूजित,गुरु सम नहीं कोई और महान।गुरुजन चारों धाम… वेदों की वाणी गुरु से,इन्हें नमन झुकाकर शीशआदर करो सदा इनका,लो इनसे … Read more

कल्पकथा परिवार ने किया सम्मान

हरिद्वार (उत्तराखंड)। कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संस्थापक श्रीमती राधाश्री शर्मा ने हरिद्वार स्थित दिव्य गंगा महोत्सव में सहभागिता करते हुए साहित्य, एवं भक्ति के संगम को विशिष्ट गरिमा प्रदान की। आपके द्वारा महोत्सव के मंच से ‘द ग्राम टुडे’ समाचार-पत्र के संस्थापक डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय, दिव्य गंगा सेवा मिशन के राष्ट्रीय संयोजक केशव … Read more

किस पर करें भरोसा…?

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ आज भरोसा टूट रहा है,जमाने के इस बदलते रवैये सेघुट-घुट कर जी रहा है इंसान,किस पर करें भरोसा हम…? मान नहीं, मर्यादा भी लुप्त हो रही है,झुठ फरेब चोरी माया पर बड़ा अभिमान हैलेकिन सोच नहीं बदल रहा इंसान,किस पर करें भरोसा हम…? तू इतना मत कर घमंड,हवा में उड़ने … Read more

गणपति अभिनंदन

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* पार्वती-शिव के नंदन,करते तेरा अभिनंदन। तुम हो विनायक,गणपति गजबदन। करते अर्पित तुमको,फूल, दूब और चंदन। प्रथम पूज्य तुम हो प्रथमेश,विघ्न विनाशक हे गणेश। करो कृपा हे कृपा निधान,हरो जीवन के तम-क्लेश। सिद्धि विनायक हे गजानन,बुद्धि के तुम हो दाता। मूषक वाहन रहे साथ में,मोदक तुमको अति भाता। करें भक्ति जो सच्चे मन … Read more