सर्वहिताय का भाव समाहित

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* गणतंत्र दिवस:लोकतंत्र की नयी सुबह (२६ जनवरी २०२५ विशेष)… लोकतंत्र की नई सुबह है, गणतंत्र दिवस हमारा।सर्वहिताय का भाव समाहित, है जनहित का नारा॥ सम्प्रभुता का मान हो रहा, सब कुछ मंगलमय है,देश हमारा गतिमय है नित, मधुर-सुहानी लय है।अंधकार को दूर हटाता, फैलाता उजियारा,सर्वहिताय का भाव समाहित, है जनहित का … Read more

एक अनोखा बंधन

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* दूर रहकर यह मन अपना, जाने कैसे फिर जुड़ जाता।एक अनोखे बंधन में, यह मन अपना फिर से बँध जाता॥ लगता था मीलों की दूरी, तय नहीं कर पायेगें,थोड़ी दूर तलक ही चलकर, हम थक कर रह जायेगें।किंतु आगे और बढ़े तो, मन थक कर फिर उनको पाता,एक अनोखे बंधन … Read more

भगवान दिलों में

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* भगवान दिलों में रहते हैं, हर दिल से प्रेम करते हैं।इन्सान मगर भगवान का, घर भी ना साफ रखते हैं॥ दुनिया न बिना उनके सजती, रहता है वास कण-कण में,फिर भी न दिखें वो जीवन को, रहकर हर एक ही क्षण में।क्यों सूर्य किरण दिन भर रहती, फिर चन्दा की … Read more

गणतंत्र-वंदना

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************* भारत माँ के अभिनंदन में, आओ हम जयगान करें।नित्य चुनौती का उत्तर दे, रक्षित माँ की आन करें॥ हमने रच डाली नव गाथा, लेकर खडग हाथ अपने,नहीं हटाये बढ़े हुये पग, पूर्ण किये सारे सपने।माटी को निज माथ लगाकर, आओ मंगलगान करें,नित्य चुनौती का प्रत्युत्तर दे, रक्षित माँ की आन … Read more

गणतंत्र पर्व मनाएँ

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* खुशियों से भर जाएँ, आओ! गणतंत्र पर्व मनाएँ।नवल चेतना पाएँ, आओ! गणतंत्र पर्व मनाएँ॥ संविधान हमने पाया था, तम को दूर भगाया था,मुस्कानें अधरों पर आईं, हमको पर्व सुहाया था।विश्वगुरू हम, ज्ञानसूर्य हम, हमने कदम बढ़ाया था,सम्प्रभुता पाई थी हमने, जीवन-सुमन खिलाया था। तीन रंग रँग जाएँ,आओ! गणतंत्र पर्व मनाएँ,नवल चेतना … Read more

भारत माँ पर न्यौछावर ‘नेताजी’

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* भारत माँ पर न्यौछावर हो, रच दी नई कहानी।थे सुभाष तो अति मतवाले, दे दी निज क़ुर्बानी॥ बंगाली योद्धा साहसमय, भारत माँ के लाल,अंग्रेज़ी अफसर भय खाते, हम सब हुए निहाल।आज़ादी-संघर्ष निराला, कांग्रेस की गरिमा,साहस, बल,अति शौर्य भरा था, अमर हो गई महिमा।गूँज रही है देशभक्ति की, गाथा मधुर सुहानी,थे सुभाष … Read more

आँसू मत बहाना

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* ऑंसू की बूँदें कभी मत बहाना।इनको सदा अपनी हिम्मत बनाना॥कमजोर करते हैं ऑंसू सभी को,कमजोरियों को भी ताकत बनाना॥ऑंसू की बूंदें… मजबूर हो तुम यही तो बताते,जज्बात गम के जहां को दिखाते।लेकिन इन्हें तुम छलकने न देना,इनसे ही अपनी मुहब्बत जताना।कमजोरियों को भी ताकत बनाना,ऑंसू की बूंदें…॥ हालात गर्दिश दिलों … Read more

सूर्य देव हुए उत्तरायण

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* सूर्य देव हुए उत्तरायण, संक्रांति का है त्यौहार।झूमें नाचे गायें हम सब, मिलता है जीवन का सार॥ हर दिन अब तो, सूर्य देव की हम पर कृपा ही बरसेगी,आया है त्यौहार नया, अब मन में खुशियाँ छलकेंगीं।सूर्य मनाने से मिलती है, हमको खुशियाँ अपरंपार,सूर्य देव हुए उत्तरायण…॥ रिश्तों की डोरी … Read more

शुभ प्रभात

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* शुभ प्रभात में पुष्प खिले हैं, मेरा मन हरषाये।पेड़ों पर पँछी बैठे हैं, गीत अनोखे गाये॥ आसमान पर बादल, लगता जैसे चित्र उकेरे,झूम रही है डाली-डाली, खुशियों के है डेरे।रंग-बिरंगे फूल खिले जो, मेरे मन को भाये,पेड़ों पर पँछी बैठे हैं, गीत अनोखे गाये॥शुभ प्रभात…. अविरल नदिया की धाराएँ, अपनी … Read more

साहस के दीप जलाते हैं

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* तूफानों में हम साहस के दीप जलाते हैं।नहीं अनमनापन हममें है, नित हम गाते हैं॥ चंद्रगुप्त की धरती है यह, वीर शिवा की आन है,राणाओं की शौर्य धरा यह, पोरस का सम्मान है।वतनपरस्ती तो गहना है, हृदय सजाते हैं,तूफानों में हम साहस के दीप जलाते हैं…॥ शीश कटा, सर्वस्व गंवाकर, जिनने … Read more