हर्षित हो जाता तन-मन
डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* हर्षित हो जाता है, तन-मन नई फसल जब आती है।ढोल-ढमाके झांझ-मंजीरा, की धुन मन को भाती है॥ श्रम कर-करके फसल उगाई, तब हरियाली छाई है,लाख जतन जब करके हारे, नई फसल तब आई है।मन में ज्योत जली खुशियों की, और जल गई बाती है,हर्षित हो जाता है…॥ शुभ शगुन की … Read more