मिलें प्रभु जी कभी

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* रचना शिल्प: १२२२-१२२२-१२२२-१२२२ मिलें प्रभु जी कभी दर्शन, सजेगा भी तभी जीवन।दिखें सबको विधाता तो, खिलेंगे साँस में उपवन॥ मिला करते विधाता पर, नहीं पहचान होती है,सजा रखते धरा के कण, यही परवान चढ़ती है।जगत के एक नारायण, वही हैं देवता सबके,हजारों रुप हैं उनके, मिलें दर्शन नहीं जिनके।न बाॅंटो … Read more

मैं भव से तर पाऊँ

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* मेरी अभिलाषा जीवन में, प्रभु दर्शन सुख पाऊँ।दुर्गुण लक्षण मिट जाएं, मैं शुभ गुण से सज जाऊँ॥ मैं अपने सम्बोधन से, सम्बंधों को रच पाऊँ,हर जीवन से मिलके, जग में मैं खुशियाँ भर पाऊँ।धड़कन-साँसों में रहके, संतुष्ट-सुधा बरसाऊं,मेरी अभिलाषा जीवन में…॥ मुझसे कुछ दुष्कर्म हुए तो उनकी माफी मांगूं,मात-पिता की … Read more

आसमां की उड़ान

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* आसमां की उड़ानों तक, सपने बुनेंगें।सितारे अब अपनी, कहानी सुनेंगे॥ चाँद ठहरा नहीं, यूँ ही चलता रहा,रोशनी के संग-संग, दमकता रहा।तूफानी ये बादल, कभी फिर घिरेंगें,आसमां की उड़ानों तक…॥ निशां मंजिलों की कभी, मिल जायेगें,प्रियतम मेरे घर को, चले आयेगें।हम मिलकर नये से, सफर में चलेंगे,आसमां की उड़ानों तक…॥ हम … Read more

देता है गगन किरणें…

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* देता है गगन किरणें, क्यों रहना अंधेरों में।तू खुद को सजा जीवन, सब कुछ है सबेरों में॥ दाता ने रची दुनिया, इसमें ही बसे जीवन,जीवन से सजे दुनिया, तो सुख के बनें उपवन।सबका है जगत सारा, जीवन से बने पावन,ईश्वर को लगे खुशियाँ हैं उनके बसेरों में।तू खुद को सजा … Read more

सजी हुई शुभ रात

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* जगमग जीवन ज्योति (दीपावली विशेष)… आई शुभ दीपावली, सजी हुई शुभ रात।आपस में सब करने लगे त्योहारों की बात॥ द्वार पर घर आँगने में, सज रही है अल्पना,भू पर निर्मित हो रही, एक सुंदर कल्पना।श्रृद्धा से हम कर रहे हैं, तेरा पूजन मात,आई शुभ दीपावली, सजी हुई शुभ रात…॥ पाँच … Read more

दीप अभिवंदना

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* जगमग जीवन ज्योति (दीपावली विशेष)… लघु दीपक है दिव्य आज तो, उससे अब तम हारा है।जगमग जीवन ज्योति सुहाती, अभिवंदित उजियारा है॥ माटी की नन्हीं काया ने, गीत सुपावन गाया है।उसका लड़ना तूफानों से, सबके मन को भाया है॥कुम्हारों के कुशल सृजन पर, आज जगत सब वारा है,जगमग जीवन ज्योति सुहाती, … Read more

दीप जलाओ

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* मन में तुम यदि दीप जलाओ, तो मिट जाये उलझन।व्यथा, वेदनाएँ सब मृत हों, भरे हर्ष से जीवन॥ दीप दिखाता मानवता-पथ, रीति-नीति सिखलाता।साँच-झूठ में भेद बताता, जीवन-सुमन खिलाता।।अंतर्मन जो दीप जलाते, उनका महके आँगन,व्यथा, वेदनाएँ सब मृत हों, भरे हर्ष से जीवन…॥ दीपक की तो महिमा न्यारी, चमत्कार करता है।पोषित होता … Read more

शिव महात्म

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासीसहारनपुर (उप्र)************************************************* अग्र-भाग रसना का जपता जिनके दो अक्षर शिव नाम।धन्य जन्म कृतकृत्य हुए वे पहुंचे अविनाशी शिव-धाम॥ बिल्व-पत्र संग थोड़े जल से प्रसन्न होते करुणेश्वर,सबके हितकारी सबका कल्याण करें जपते श्री राम।अग्र-भाग रसना का…॥ ज्योति-स्वरूप अजन्मे शिव हैं कार्य और कारण से परे,व्यवधानों से शून्य निरंजन, निर्विकार शिव हैं निष्काम।अग्र-भाग … Read more

शिव-शंभू मेरे भोलेनाथ जी

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासीसहारनपुर (उप्र)************************************************* शिव-शंभू मेरे भोले नाथ जी।अब जीवन आपके साथ जी॥ भटकूं भव के घोर तिमिर में,दे दो अपना हाथ जी।आप हो सारे जगत के स्वामी,मेरे भी हो नाथ जी॥शिव-शंभू मेरे भोले नाथ जी… जतन करे न जो भव-मुक्ति,आपके होते अनाथ जी।महिमा सुन-गा कभी न थाकूं,नाम लिखूं शिव माथ जी॥शिव-शंभू मेरे … Read more

कुसुमित कलियाँ मुस्काई

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* चौपाई आधारित…. कुसुमित कलियाँ है मुस्काई।घटा अनोखी घिरकर आई॥ नदियों की बहती है धारा।तृप्त हुआ है यह जग सारा॥पायल की छम-छम सी बूँदें।भीगी गौरी आँखें मूँदे॥कोयल गान सुनाती आई।कुसुमित कलियाँ है मुस्काई॥ बैरी बदरा जमकर बरसे।पिया मिलन को नैना तरसे॥वर्षा की यह ऋत मन भाये।पँछी कलरव करते आये॥शीतल मंद चले … Read more