सूर्यदेव-वंदना

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* मकर संक्रांति विशेष… दिव्य दिवाकर,नाथ प्रभाकर, देव आपको, नमन करूँ।धूप-ताप तुम,नित्य जाप तुम, करुणाकर हे!, तुम्हें वरूँ॥नियमित फेरे,पालक मेरे,उजियारा दो, पीर हरो।दर्द लड़ रहा,पाप अड़ रहा,नेह करो हे!, शक्ति भरो॥ सबको वरते,जगमग करते,हे ! स्वामी तुम, सकल धरा।मन है गाया,जीवन पाया,नवल ताज़गी, लोक वरा॥तुम भाते हो,मुस्काते हो,जीव सभी ही, प्राण वरें।धूप … Read more

करें पुण्य काज

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* मकर संक्रांति विशेष…. बेला है सुहानी आजकरें सभी पुण्य काज।मकर संक्रांति पर्वखुशी से मनाइए॥ रवि हैं उत्तरायणभजो सभी नारायण।रेवड़ी गजक खाएंशीत से बचाइए॥ प्रेमयुक्त डोर हाथपतंग उड़ाएं साथ।दीनों की मदद करखुशी बिखराइए॥ माघ का महीना आयागुड़ की मिठास लाया।खाओ खूब पचे सबस्वास्थ्य बनाइए॥ परिचय-पेशे से अर्द्ध सरकारी महाविद्यालय में प्राचार्य (बांदीकुई,दौसा) … Read more

हृदय जगत की शान हिंदी

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* हिन्दी की बिन्दी… भारत सुंदर देश, मातृभाषा है हिंदी।मस्तक शोभित श्रेष्ठ, लगे हो जैसे बिंदी॥भारत माता मान, यही है शान हमारी।मृदुवाणी शुभ बोल, सभी को लगती प्यारी॥ हृदय जगत की शान, भावना सुंदर देती।मृदुवाणी शुभ सार, द्वेष नित यह हर लेती॥सुन मिलता आनंद, भावना अमिट समाए।कलम गढ़ें शुभ छंद, सृजन से … Read more

पूजे गणतंत्र सर्व

पायल अग्रवालमुजफ्फरपुर (बिहार)******************************* भारत का संविधान, करते हम आज मान, बनता है देश शान, न्याय सभी पाते।लाल किले साज बोल, सबके दु:ख गांठ, खोल, भारतीय मान मोल, राष्ट्रगान गाते॥ देख संविधान रंग, रहते सब आज संग,रहे देशद्रोह तंग, देश छोड़ भागे।करे सभी देश गर्व, माने सब उच्च पर्व,पूजे गणतंत्र सर्व, राष्ट्र प्रेम जागे॥ मौलिक मिला … Read more

है जहर बाल विवाह

पायल अग्रवालमुजफ्फरपुर (बिहार)******************************* है जहर बाल विवाह,कैसे हो अब निबाह,भरते सब दर्द आह,सत्य कथन जानो।सुन बेटी की पुकार,करती तुमसे गुहार,गलती करना सुधार,बात सभी मानो॥ बढ़ता है भूमि ताप,क्यों करते आज पाप,देख सुता प्रेम नाप, माँ की ये प्यारी।सपने होते हजार,शिक्षा देना अपार,सुन मन की तुम कहार, लगती है न्यारी॥ बनती जग की शिकार,करना अब तुम … Read more

नव शुरुआत करें

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* नया उजाला-नए सपने… रचनाशिल्प:मापनी-१२२ २२२ २२२ २२१ १२ यगण मगण, मगण तगण लघु गुरु (लगा) पुरानी यादों में,गाएंगे संगीत नया।तराना छेड़ेंगे,आया है ये वर्ष नया॥ खिलें सबके तन-मन,खुशियाँ ही बस साथ रहे।सुखी हो ये जीवन,संकट कोई भी न रहे॥ भरी हो नव ऊर्जा,मिलकर सब नवकाज करें।नया चिंतन सबका,सबमें नव उम्मीद भरे॥ … Read more

दिव्य दिवाकर

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* दिव्य दिवाकर,नाथ प्रभाकर, देव आपको, नमन करूँ।धूप-ताप तुम,नित्य जाप तुम,करुणाकर हे!, तुम्हें वरूँ॥नियमित फेरे,पालक मेरे,उजियारा दो, पीर हरो।दर्द लड़ रहा,पाप अड़ रहा,नेह करो हे!, शक्ति भरो॥ सबको वरते,जगमग करते,हे! स्वामी तुम, सकल धरा।मन है गाया,जीवन पाया,नवल ताज़गी, लोक वरा॥तुम भाते हो,मुस्काते हो,जीव सभी ही, प्राण वरें।धूप लुभाती,मौसम लाती,किरणें सबका, शोक हरें॥ … Read more

राह दिखाती गीता

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* रचनाशिल्प:मापनी-१२२२ १२२२ १२२२ १२२२ विधाता का बड़ा अद्भुत सुसर्जन कार्य है गीता।जगत को राह दिखलाती हमें ये मात सुपुनीता॥दिया था ज्ञान अर्जुन को मनोहर कृष्ण गोविंदा।भजा जिसने कन्हैया को वही संसार में जीता॥ जगत में जिस किसी ने भी इसे मन माहि अपनाया।सुगीता ज्ञान को पाकर पृथा-सुत मोह हट पाया॥इसी जीवन … Read more

मानवता मरती

पायल अग्रवालमुजफ्फरपुर (बिहार) ******************************* कब तक अबला बनती श्रद्धा, टुकड़े में कटती।जाग-जाग सोये अब तुम सब, मानवता मरती॥ तोड़े विश्वास प्यार पल में, क्या तुमको मिलता।शोभा होती तेरे घर की, आँगन है खिलता॥तब प्रकोप कलयुग का दिखता, बहुत डरी रहती।जाग-जाग सोये अब तुम सब, मानवता मरती॥ था अरमान बहुत जीने का, माँ रो-रो कहती।हश्र अगर … Read more

मानव बनो

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* मानव बनो, संसार है।करुणा रखो, अभिसार है॥सजाओ पथ, अब नीति हो।बनाओ मन, अब प्रीति हो॥ धर्म साधो, जो सार है।कर्म मानो, जो प्यार है॥मर्म जानो, उपहार है।धर्म मानो, उजियार है॥ उदार रहो, सबने कहा।जो बिगाड़ा, सबने सहा॥पर अब सोच, नहिं पीर हो।यही विचार, हर धीर हो॥ जीवनी अब, नित गीत हो।कोय … Read more