अंग्रेजी के नीचे कुचला गया हिंदी में न्याय मांगनेवाला एक अधिवक्ता

डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** क्रांति की भूमि, लोकनायक जयप्रकाश नारायण की भूमि, समग्र क्रांति आंदोलन की भूमि ‘बिहार’। वहाँ जनता की भाषा में राज्य और संघ की राजभाषा में न्याय मांगने पर इस तरह का अत्याचार, न्याय के गलियारों से अन्याय की बयार। केंद्र में राजभाषा हिंदी और भारतीय भाषाओं के प्रबल समर्थक प्रधानमंत्री नरेंद्र … Read more

विपक्षी दलों के नए चेहरों ने दी नई दिशा

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** ‘सिंदूर ऑपरेशन’ के बाद पाकिस्तान दुनिया से सहानुभूति बटोरने के लिए जहाँ विश्व समुदाय में अनेक भ्रम, भ्रांतियाँ फैलाते हुए एवं भारत की छवि को छिछालेदार करने में जुटा है, वहीं भारत का डर दिखा-दिखा कर ही पाक अनेक देशों से आर्थिक मदद मांग रहा है। इन्हीं स्थितियों को देखते हुए दुनिया … Read more

‘आकाशवाणी’ की गूंज:भारत में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विकास

डॉ.शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** ऑल इंडिया रेडियो नामकरण वर्षगाँठ (८जून) विशेष… भारत में रेडियो प्रसारण की शुरूआत एक ऐतिहासिक घटना के रूप में दर्ज है, जिसने संचार के आधुनिक युग का उद्घाटन किया। १९२३ में बॉम्बे रेडियो क्लब द्वारा की गई यह पहल उस समय की तकनीकी सीमाओं के भीतर एक क्रांतिकारी कदम था। यह प्रसारण … Read more

खाद्य पदार्थों का खेत से थाली तक हो सुरक्षित सफ़र

डॉ.शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ (७ जून) विशेष… हर साल ७ जून को मनाया जाने वाला ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ न केवल उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन के प्रति जागरूक करने का अवसर है, बल्कि यह पूरी वैश्विक खाद्य प्रणाली की समीक्षा करने का भी क्षण है। आज जब विज्ञान और तकनीक का स्तर … Read more

बढ़ता प्लास्टिक प्रदूषण दुनिया की जटिल पर्यावरण समस्या

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** बढ़ते तापमान, बदलते जलवायु एवं वैश्विक ताप की वजह से हिम खंड तेजी से पिघल कर समुद्र का जलस्तर तीव्रगति से बढ़ा रहे हैं, जिससे समुद्र किनारे बसे अनेक नगरों-महानगरों के डूबने का खतरा मंडराने लगा है। इंसानों को प्रकृति, पृथ्वी एवं पर्यावरण के प्रति सचेत करने के लिए ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ … Read more

मातृभाषा में शिक्षा के बड़े लाभ

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ नई शिक्षा नीति… स्थानीय से वैश्विक की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए नौनिहालों को आँगनवाड़ी से मातृभाषा में शिक्षित और दीक्षित करने की पहल नई शिक्षा नीति में की गई है. इसे लेकर अभी लोगों के मन में अनेक तरह की दुष्चिंताओं के साथ-साथ लोगों का यह भी विचार है, कि … Read more

पीड़ित बच्चों के दर्द को समझें

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** ‘आक्रामकता के शिकार मासूम बच्चों का अन्तर्राष्ट्रीय दिवस’ (४जून) विशेष… बच्चों को देश एवं दुनिया के भविष्य की तरह देखा जाता है, लेकिन उनका यह बचपन रूपी भविष्य लगातार हो रहे युद्धों की विभीषिका, त्रासदी एवं खौफनाक स्थितियों के कारण गहन अंधेरों एवं परेशानियों से घिरा है। आज का बचपन हिंसा, शोषण, … Read more

अभियान बनाना होगा हिन्दी पत्रकारिता को

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** भारत में हिन्दी पत्रकारिता की न केवल आजादी के संघर्ष में बल्कि उससे पूर्व के गुलामी की बेड़ियों में जकड़े राष्ट्र की संकटपूर्ण स्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका रही है, नये बनते भारत में यह भूमिका अधिक महसूस की जा रही है, क्योंकि तब से आज तक समाज की आवाज़ उठाने, सत्ता से … Read more

आर्थिक सूरज बनने के गौरवपूर्ण पल

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने रविवार की सुबह नए उगते सूरज के साथ भारत के नए आर्थिक सूरज बनने की सुखद एवं आह्लादकारी खबर दी है। भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और अब अगले ढाई से ३ वर्ष में … Read more

श्वानों की बस्ती में योगाभ्यास…

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* आजकल मौसम का कोई ठिकाना नहीं रहा है। कब, कौन-सा मौसम शुरू हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। अब यहीं देख लो न, मई के बीचों-बीच भारी वर्षा हो रही है। एक ही दिन में तीनों मौसम और छह ऋतुओं के दर्शन हो रहे हैं, और क्या लोगे भाई साहब…। … Read more