दरिद्रता होने पर इतराना क्यों ?

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** आज ऐसा कौन है जो दरिद्र नहीं। हर किसी को किसी न किसी प्रकार की दरिद्री है। दरिद्र कई प्रकार‌ के होते हैं,-धन से, तन से, ज्ञान से, समझ से, मन से, रूप से, गुण से, जन से और स्वास्थ्य से।इस संसार में सम्पूर्ण कुछेक जन ही हैं। एक बलिष्ठ सकल अंगों … Read more

‘विशेष दर्जे’ की बहाली का प्रस्ताव अंधेरे का संकेत

ललित गर्ग दिल्ली************************************** नेशनल कॉन्फ्रेंस एवं उमर अब्दुला सरकार ने सदन में अपने बहुमत का लाभ उठाते हुए बिना अनुच्छेद ३७० की पुर्नबहाली शब्द का इस्तेमाल कर विशेष दर्जे की बहाली का प्रस्ताव तीखी झड़पों, हाथापाई, लात-घूंसे एवं शोर-शराबे के बीच ध्वनिमत से पारित कराकर साबित कर दिया है कि वह पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के … Read more

समृद्धि के बावजूद धनाढ्यों का पलायन क्यों ?

ललित गर्ग दिल्ली************************************** भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थ-व्यवस्था बनने के साथ समृद्धि और संपन्नता के नए शिखरों पर आरोहण कर रहा है। भारत की आर्थिक प्रगति सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। हालिया आँकड़ों के अनुसार-देश में सोने का भंडार नई ऊँचाई पर पहुँच गया है, दूसरी तरफ स्टार्ट-अप की संख्या में भी … Read more

यही राष्ट्रवाद के उदय का सम्मान

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ “भारत का रहने वाला हूँ, भारत की बात सुनाता हूँ।” यही भाव हम सभी का होना चाहिए। राष्ट्रवाद के हिलोरे ले रहे इस सफरनामा में कुछ ऐसे वाकिए, घटना, अनहोनी कहें या फिर हमारा अपने देश के प्रति समर्पण के भाव का दृष्टिकोण, जिसमें राष्ट्र ही सर्वोपरि रहा हो, तो … Read more

मेरी कल्पना का विद्यालय ऐसा हो…

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** जहाँ तक मेरी कल्पना का सवाल है, मैं तो बहुत बड़े-बड़े सपने देखती हूँ, लेकिन जानती हूँ कि इस जन्म में वे पूरे नहीं हो सकते, पर सपने देखना छोड़ भी नहीं सकती। मैं सपनों में देखती हूँ ऐसे विद्यालय… जहाँ प्राथमिक कक्षा से ही हिंदी अनिवार्य भाषा के रूप में पढ़ाई … Read more

उजाला फैलाने के लिए इंसानियत जरूरी

ललित गर्ग दिल्ली************************************** जगमग जीवन ज्योति (दीपावली विशेष)…. दीपावली एक समृद्धि, खुशहाली एवं रोशनी का लौकिक पर्व है। यह जितना भौतिक है, उतना ही आध्यात्मिक पर्व भी है, इसलिए यह केवल बाहरी अंधकार को ही नहीं, बल्कि भीतरी अंधकार को मिटाने का पर्व भी बने। हम भीतर में धर्म का दीप जलाकर मोह और मूर्च्छा … Read more

दिवाली का दिवालियापन

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** जगमग जीवन ज्योति (दीपावली विशेष)… दिवाली आ रही है। वैसे दिवाली का क्रेज़ बच्चों में था। अब उन्हें पहनने के लिए नए कपड़े, फोड़ने के लिए पटाखे और चलाने के लिए फुलझड़ियाँ चाहिए। खाने के लिए दूध, मावे और चीनी की मिठाई चाहिए। अब तो दिवाली आते ही ग्रीन ट्रिब्यूनल … Read more

हर दहलीज जीवन प्रकाश हो

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* जगमग जीवन ज्योति( दीपावली विशेष)… देव सदा आपका आशीष प्रकाश हो,सुख का जलता हर दहलीज पर दीया होविश्वास आस भरे भक्तजन करे वंदन,श्री गणेश लक्ष्मी सदा गृह में वास हो। दुःखी मानवीय तड़प पीड़ा का विनाश हो,घृणा लोभ छल कलुषता का ना भाव होजगे स्नेह सुकर्म शिक्षा से प्रगति भरा,प्रकाशित … Read more

चारित्रिक गुणों की काबिलियत अवश्य हो, तभी धनतेरस मनाना सार्थक

ललित गर्ग दिल्ली************************************** धनतेरस विशेष (२९ अक्टूबर)… दीपावली से जुड़े ५ पर्वों में दूसरा महत्वपूर्ण पर्व है धनतेरस। इस दिन भगवान धनवंतरी और माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस दिन खरीदारी और दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के जनक धन्वंतरि देव समुद्र मंथन … Read more

पर्यावरण पोषक हरित दीपोत्सव

डॉ. मीना श्रीवास्तवठाणे (महाराष्ट्र)******************************************* जगमग जीवन ज्योति (दीपावली विशेष)… दीवाली को मनाने के पारंपरिक तरीके प्रकृति और हरित सौंदर्य के साथ हमारे बंधन को गहरा करने के लिए पारंपरिक संकेतों का मार्गदर्शन करते हैं। किसान और उसकी गृहस्वामिनी इस अवधि के दौरान प्रसन्न होते हैं, क्योंकि खेतों की जुताई और कड़ी मेहनत के बाद समृद्ध … Read more